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मध्यप्रदेश कैबिनेट का ₹13,790 करोड़ का बड़ा फैसला: सिंचाई, बिजली, खेल और न्याय को मिली मंजूरी

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मध्यप्रदेश कैबिनेट का ₹13,790 करोड़ का बड़ा फैसला: सिंचाई, बिजली, खेल और न्याय को मिली मंजूरी

सारांश

मोहन यादव सरकार ने एकल कैबिनेट बैठक में ₹13,790 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव पारित किए — जिसमें तीन सिंचाई परियोजनाओं से 88,000 हेक्टेयर खेत, 2,800 मेगावॉट बिजली खरीद, 140 स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स और न्यायिक ढाँचे के लिए ₹4,000 करोड़ शामिल हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में ₹13,790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्ताव मंजूर किए गए।
नीमच की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को ₹4,197 करोड़ 58 लाख ; राजगढ़ की दो सिंचाई परियोजनाओं को क्रमशः ₹262 करोड़ 63 लाख और ₹507 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति — कुल 88,000 हेक्टेयर से अधिक को लाभ।
एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत प्रतिस्पर्धात्मक निविदा से खरीदने की अनुमति।
प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए ₹962 करोड़ 50 लाख की सैद्धांतिक सहमति।
16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय, परिवार न्यायालय, ग्राम न्यायालय और विधिक सहायता बोर्ड को मिलाकर ₹4,094 करोड़ से अधिक की न्यायिक निरंतरता।
इंदौर दंत महाविद्यालय में 13 नए शिक्षकीय पद ; बीडीएस सीटें 63 से 100 और एमडीएस सीटें 35 से 44 होंगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढाँचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के लिए ₹13,790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इस एकल बैठक में सिंचाई, ऊर्जा, खेल, न्यायिक बुनियादी ढाँचे और स्वास्थ्य शिक्षा — पाँच प्रमुख क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश को हरी झंडी मिली।

सिंचाई परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता

मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए ₹4,197 करोड़ 58 लाख की स्वीकृति प्रदान की। यह दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना उन्नत तकनीक के ज़रिये खेतों तक सीधे पानी पहुँचाएगी, जिससे पानी की बचत के साथ-साथ क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में भी इज़ाफा होगा।

राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना को आगामी पाँच वर्षों के लिए ₹262 करोड़ 63 लाख तथा पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना को ₹507 करोड़ 23 लाख की निरंतरता स्वीकृत की गई। सुठालिया परियोजना का लक्ष्य 40,000 हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करना है, जबकि पार्वती रिन्सी परियोजना बाँध निर्माण के ज़रिये 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचित करेगी। तीनों परियोजनाओं से मिलकर 88,000 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

2,800 मेगावॉट बिजली खरीद को मंजूरी

प्रदेश की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मंत्रि-परिषद ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी। यह खरीद विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से होगी। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2025 को स्वीकृत 900 मेगावॉट की पुरानी निविदा के निरस्त होने के बाद उसे इसी नई 2,800 मेगावॉट की योजना में समाहित कर लिया गया है। आगामी सभी नियामकीय कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक, एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है।

140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स

खेल एवं युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए ₹962 करोड़ 50 लाख की सैद्धांतिक सहमति दी। इन परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स किया जाएगा। प्रत्येक परिसर में मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड भी बनाया जाएगा, जिससे पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टरों का आवागमन सुगम होगा।

न्यायिक ढाँचे को ₹4,000 करोड़ से अधिक की वित्तीय निरंतरता

मंत्रि-परिषद ने 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए न्यायिक बुनियादी ढाँचे को मज़बूत बनाने हेतु कई स्वीकृतियाँ दीं। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (भारित) योजना के लिए ₹2,015 करोड़ 60 लाख, परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना के लिए ₹1,000 करोड़, ग्राम न्यायालय योजना के लिए ₹554 करोड़ 61 लाख तथा म.प्र. विधिक सहायता एवं विधिक सलाह बोर्ड के लिए ₹524 करोड़ की निरंतरता मंजूर की गई। इन चारों मदों को मिलाकर न्यायिक प्रणाली को ₹4,094 करोड़ से अधिक का वित्तीय आश्वासन मिला है।

स्वास्थ्य, वाणिज्य और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण के अन्य निर्णय

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर में 13 नवीन शिक्षकीय पदों — 1 प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक और 2 सहायक प्राध्यापक — के सृजन को मंजूरी मिली। इससे बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़कर 100 और एमडीएस की सीटें 35 से बढ़कर 44 होंगी। इन पदों पर प्रतिवर्ष लगभग ₹3 करोड़ 78 लाख का व्यय अनुमानित है।

वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं को 2026-2031 के लिए ₹969 करोड़ 87 लाख की स्वीकृति दी गई, जिसमें संपदा ई-रजिस्ट्री (₹62 करोड़), स्टाम्प बिक्री (₹664 करोड़) और डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण (₹46 करोड़ 37 लाख) प्रमुख हैं।

नवगठित जिलों मैहर और पांढुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय स्थापित किए जाएंगे और प्रत्येक में 5 स्थायी पद तथा 2 आउटसोर्स कार्यालय सहायक स्वीकृत किए गए। सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में अनुविभागीय कार्यालय के लिए 3 स्थायी पद और 1 आउटसोर्स पद की स्वीकृति दी गई। यह निर्णय नव-निर्मित ज़िलों में सुशासन की बुनियाद रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

790 करोड़ का यह पैकेज आँकड़ों में भव्य दिखता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा नई परियोजनाओं का नहीं, बल्कि पहले से चल रही योजनाओं की 'निरंतरता' का है — जो सरकारी बजट चक्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है, न कि नया निवेश। असली सवाल यह है कि 88,000 हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य और 140 स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स वास्तव में तय समय-सीमा में पूरे होंगे या नहीं, क्योंकि मध्यप्रदेश में बड़ी सिंचाई परियोजनाओं के लागत-अतिक्रमण और देरी का इतिहास रहा है। 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत की खरीद उस दौर में आई है जब नवीकरणीय ऊर्जा सस्ती हो रही है — इस दिशा का चुनाव दीर्घकालिक ऊर्जा नीति पर बहस की माँग करता है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने 22 सितंबर 2026 को कितनी राशि के प्रस्ताव मंजूर किए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹13,790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसमें सिंचाई, ऊर्जा, खेल, न्यायिक बुनियादी ढाँचे और स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े निर्णय शामिल हैं।
जावद-नीमच सिंचाई परियोजना क्या है और इससे कितनी ज़मीन को फायदा होगा?
जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना नीमच जिले की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसे 2026-2031 के लिए ₹4,197 करोड़ 58 लाख की स्वीकृति मिली है। यह उन्नत दाबयुक्त तकनीक से खेतों तक पानी पहुँचाकर पानी की बचत करते हुए कृषि उत्पादकता बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स कहाँ-कहाँ बनेंगे और इनकी लागत क्या है?
प्रदेश के सभी 140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनाए जाएंगे, जिसके लिए ₹962 करोड़ 50 लाख की सैद्धांतिक सहमति दी गई है। प्रत्येक परिसर में स्थायी हैलीपैड भी बनेगा ताकि पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टर आसानी से उतर सकें।
एमपी कैबिनेट ने बिजली के मामले में क्या निर्णय लिया?
मंत्रि-परिषद ने एमपी पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से खरीदने की अनुमति दी। यह खरीद ग्रीन फील्ड और ब्राउन फील्ड दोनों तरह की परियोजनाओं से होगी और पूर्व में स्वीकृत 900 मेगावॉट की निरस्त निविदा को भी इसी में समाहित किया गया है।
न्यायिक बुनियादी ढाँचे के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई?
16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए उच्च न्यायालय को ₹2,015 करोड़ 60 लाख, परिवार न्यायालयों को ₹1,000 करोड़, ग्राम न्यायालयों को ₹554 करोड़ 61 लाख और विधिक सहायता बोर्ड को ₹524 करोड़ — कुल ₹4,094 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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