मध्यप्रदेश कैबिनेट का ₹13,790 करोड़ का बड़ा फैसला: सिंचाई, बिजली, खेल और न्याय व्यवस्था को नई रफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में बुनियादी ढाँचे, कृषि सिंचाई, ऊर्जा आपूर्ति, खेल विकास और न्यायिक प्रशासन को नई गति देने के लिए ₹13,790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। यह बैठक किसानों, युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों — सभी वर्गों को सीधे प्रभावित करने वाले निर्णयों के लिहाज़ से मध्यप्रदेश की चालू वित्तीय योजनाओं में एक महत्त्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।
सिंचाई परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता
कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए मंत्रि-परिषद ने तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए वित्त वर्ष 2026-2031 की निरंतरता स्वीकृत की। नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए ₹4,197 करोड़ 58 लाख मंज़ूर किए गए। यह परियोजना दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई तकनीक के ज़रिए पानी की बचत करते हुए खेतों तक सीधे जल पहुँचाने का काम करेगी।
राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना के लिए ₹262 करोड़ 63 लाख और पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना के लिए ₹507 करोड़ 23 लाख की स्वीकृति दी गई। सुठालिया परियोजना राजगढ़ के 40,000 हेक्टेयर और पार्वती रिन्सी परियोजना 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाएगी। तीनों परियोजनाओं को मिलाकर 88,000 हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त कृषि भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने का अनुमान है।
2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीद को मंज़ूरी
प्रदेश की भावी बिजली जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड को केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के डीबीएफओओ मॉडल के तहत प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया से 2,800 मेगावॉट ताप विद्युत खरीदने की अनुमति दी। इस निर्णय में मध्यप्रदेश के भीतर मौजूदा निर्माणाधीन और नई (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) परियोजनाएँ शामिल होंगी। उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2025 को स्वीकृत 900 मेगावॉट की पुरानी निविदा निरस्त होने के बाद उसे इस नए 2,800 मेगावॉट के प्रस्ताव में समाहित माना जाएगा। समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक, एम.पी. पॉवर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है।
140 विधानसभा क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अंतर्गत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन के लिए ₹962 करोड़ 50 लाख की सैद्धांतिक सहमति दी गई। इन परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स रखा जाएगा। मुख्य मैदान के मध्य में स्थायी हैलीपैड के निर्माण का भी निर्णय लिया गया, जिससे पीएमश्री योजना के हेलीकॉप्टरों की आवाजाही सुगम होगी।
न्यायिक ढाँचे को ₹4,000 करोड़ से अधिक की मज़बूती
16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिए न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु चार योजनाओं को निरंतरता मिली। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय (भारित) योजना के लिए ₹2,015 करोड़ 60 लाख, परिवार न्यायालयों की स्थापना योजना के लिए ₹1,000 करोड़, ग्राम न्यायालय योजना के लिए ₹554 करोड़ 61 लाख और म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड के लिए ₹524 करोड़ स्वीकृत किए गए। इन योजनाओं के तहत न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और कार्यालयीन व्यय का भुगतान सुनिश्चित होगा।
प्रशासनिक विस्तार और शिक्षा क्षेत्र में नई भर्तियाँ
वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं को वित्त वर्ष 2026-31 तक जारी रखने के लिए कुल ₹969 करोड़ 87 लाख की स्वीकृति दी गई। इनमें संपदा ई-रजिस्ट्री (₹62 करोड़), स्टाम्पों की बिक्री (₹664 करोड़), डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण (₹46 करोड़ 37 लाख) समेत अन्य शामिल हैं। शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर में 13 नए शिक्षकीय पद सृजित करने की मंज़ूरी दी गई, जिससे बीडीएस सीटें 63 से बढ़कर 100 और एमडीएस सीटें 35 से 44 होने का लक्ष्य है। इन पदों पर प्रतिवर्ष लगभग ₹3 करोड़ 78 लाख के व्यय का अनुमान है। नवगठित जिलों मैहर और पांढुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के जिला कार्यालय स्थापित किए जाएँगे, प्रत्येक में 5 स्थायी पद और 2 आउटसोर्स कर्मचारी होंगे। सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में अनुविभागीय कार्यालय के लिए 3 स्थायी पद और 1 आउटसोर्स कर्मचारी स्वीकृत किए गए। आगामी महीनों में इन निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा तय होगी और प्रभावित जिलों में बदलाव दिखने लगेगा।