मध्य प्रदेश कैबिनेट का ₹30,055 करोड़ का बड़ा फैसला: पेंशन, फसल बीमा और जल योजनाओं को मंजूरी

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मध्य प्रदेश कैबिनेट का ₹30,055 करोड़ का बड़ा फैसला: पेंशन, फसल बीमा और जल योजनाओं को मंजूरी

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने एक ही बैठक में ₹30,055 करोड़ की स्वीकृतियाँ दीं — वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन से लेकर किसानों के फसल बीमा और ग्रामीण जल आपूर्ति तक। यह राज्य की सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे दोनों को एक साथ मज़बूत करने का प्रयास है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई 2026 को मंत्रि-परिषद ने कुल ₹30,055 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाँ दीं।
वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए ₹15,184.42 करोड़ मंजूर; लाभार्थियों को ₹600 प्रतिमाह पेंशन।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए ₹11,608.47 करोड़ स्वीकृत।
सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर जल प्रदाय योजनाओं के लिए ₹593.24 करोड़ की पुनरीक्षित मंजूरी।
समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लिए अकेले ₹13,061 करोड़ की स्वीकृति, जो 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक लागू रहेगी।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 20 मई 2026 को भोपाल में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के विकास कार्यों और जन-कल्याण योजनाओं के लिए कुल ₹30,055 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाँ दी गईं। इन निर्णयों से राज्य के वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं, दिव्यांगजनों और किसानों सहित समाज के कमज़ोर वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।

पेंशन योजनाओं के लिए ₹15,184 करोड़

मंत्रि-परिषद ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत वृद्धजनों, कल्याणी महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए ₹15,184.42 करोड़ की स्वीकृति दी है। इसमें दो प्रमुख योजनाएँ शामिल हैं।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएपी) के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक संचालन के लिए ₹2,123.42 करोड़ मंजूर किए गए। इस योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी (विधवा) महिलाओं को पात्रतानुसार ₹600 प्रतिमाह पेंशन दी जाती है।

इसके अलावा, राज्य सरकार की समग्र सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के 1 अप्रैल 2026 से अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए ₹13,061 करोड़ की स्वीकृति दी गई। यह योजना 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृद्धों, 18 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं, 40 प्रतिशत या उससे अधिक निशक्तता वाले 6 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजनों और 50 वर्ष या उससे अधिक आयु की अविवाहित महिलाओं को ₹600 प्रतिमाह पेंशन प्रदान करती है।

किसानों के लिए फसल बीमा: ₹11,608 करोड़

मंत्रि-परिषद ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के निरंतर क्रियान्वयन के लिए ₹11,608.47 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की। यह योजना प्राकृतिक आपदाओं, कीट प्रकोप और अन्य अप्रत्याशित कारणों से फसल हानि होने पर किसानों को वित्तीय संबल देती है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश एक कृषि-प्रधान राज्य है, जहाँ करोड़ों किसान परिवार मौसमी अनिश्चितताओं से प्रभावित होते हैं।

जल प्रदाय योजनाओं की पुनरीक्षित स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजनाओं के लिए कुल ₹593.24 करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी।

बंडोल समूह जल प्रदाय योजना (सिवनी) की मूल स्वीकृत लागत ₹232.57 करोड़ से बढ़ाकर ₹266.17 करोड़ की गई है। वहीं, नेमावर समूह जल प्रदाय योजना (देवास) की मूल लागत ₹237 करोड़ से संशोधित कर ₹327.07 करोड़ की गई है। ये योजनाएँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा जाल को मज़बूत करने पर ज़ोर दे रही है। पेंशन योजनाओं के लिए पाँच वर्षीय वित्तीय प्रतिबद्धता लाभार्थियों को दीर्घकालिक निश्चितता प्रदान करती है। फसल बीमा योजना की निरंतरता से राज्य के किसानों को मौसमी संकट में त्वरित वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।

क्या होगा आगे

मंत्रि-परिषद की इन स्वीकृतियों के बाद संबंधित विभाग योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू करेंगे। जल प्रदाय योजनाओं के लिए पुनरीक्षित लागत की मंजूरी से निर्माण कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह कदम मध्य प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे को एक साथ सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

055 करोड़ की यह एकमुश्त स्वीकृति संख्या में प्रभावशाली है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा — पेंशन और फसल बीमा — पहले से चल रही केंद्र-राज्य साझा योजनाओं की पाँच-वर्षीय निरंतरता है, न कि नई पहल। असली सवाल यह है कि ₹600 प्रतिमाह की पेंशन राशि, जो वर्षों से अपरिवर्तित है, बढ़ती महँगाई में कमज़ोर वर्गों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त है या नहीं। जल प्रदाय योजनाओं की पुनरीक्षित लागत में उल्लेखनीय वृद्धि — देवास में करीब 38% — यह भी संकेत देती है कि बुनियादी ढाँचे की परियोजनाओं में लागत-नियंत्रण एक चुनौती बनी हुई है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने 20 मई 2026 को कितनी वित्तीय स्वीकृतियाँ दीं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल ₹30,055 करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियाँ दी गईं। इनमें पेंशन, फसल बीमा और जल प्रदाय योजनाएँ प्रमुख हैं।
मध्य प्रदेश में पेंशन योजनाओं के लिए कितना बजट मंजूर हुआ और किसे मिलेगा लाभ?
वृद्धजनों, कल्याणी (विधवा) महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन योजनाओं के लिए ₹15,184.42 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। 60 वर्ष से अधिक आयु के निराश्रित वृद्ध, 18 वर्ष से अधिक आयु की विधवा महिलाएँ, 40% या अधिक निशक्तता वाले दिव्यांगजन और 50 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिलाएँ पात्रतानुसार ₹600 प्रतिमाह पेंशन पाती हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए मध्य प्रदेश ने कितने वर्षों और कितनी राशि की मंजूरी दी?
मंत्रि-परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक — यानी आगामी 5 वर्षों — के लिए ₹11,608.47 करोड़ की स्वीकृति दी है। यह योजना किसानों को फसल हानि या क्षति होने पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
सिवनी और देवास की जल प्रदाय योजनाओं की लागत क्यों बढ़ाई गई?
मंत्रि-परिषद ने सिवनी की बंडोल और देवास की नेमावर समूह जल प्रदाय योजनाओं की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है। बंडोल योजना की लागत ₹232.57 करोड़ से बढ़कर ₹266.17 करोड़ और नेमावर योजना की लागत ₹237 करोड़ से बढ़कर ₹327.07 करोड़ हो गई है; कुल पुनरीक्षित राशि ₹593.24 करोड़ है।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना मध्य प्रदेश में कब से और कितने समय के लिए मंजूर हुई?
यह योजना 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक संचालित रहेगी, जिसके लिए ₹2,123.42 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली 40 वर्ष से अधिक आयु की कल्याणी महिलाओं को ₹600 प्रतिमाह पेंशन मिलती है।
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