MP कैबिनेट ने ₹38,555 करोड़ के विकास कार्य मंजूर, व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का भी फैसला
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 5 मई 2026 को भोपाल स्थित मंत्रालय में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में ₹38,555 करोड़ की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियाँ प्रदान की गईं। इसके साथ ही राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का भी ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जो व्यापारियों और सरकार के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनेगा।
मुख्य वित्तीय स्वीकृतियाँ
16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव हेतु सर्वाधिक ₹32,405 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह समूची स्वीकृत राशि का लगभग 84% हिस्सा है, जो बुनियादी ढाँचे को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताता है।
इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और मिशन वात्सल्य के सुचारू संचालन के लिए ₹2,412 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1,295 करोड़ 52 लाख की राशि भी मंजूर की गई।
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन को हरी झंडी
कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में मंत्रिपरिषद ने 'दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन' को स्वीकृति दी। 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक चलने वाली इस पाँच वर्षीय योजना पर ₹2,442 करोड़ 4 लाख व्यय किए जाएँगे। योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक नियम और दिशा-निर्देश जारी करने का अधिकार किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को दिया गया है।
गौरतलब है कि भारत अपनी दलहन ज़रूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के ज़रिए पूरा करता रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश जैसे कृषि-प्रधान राज्य की यह पहल राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन
आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय लिया। यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करेगा और उन्हें सरकार के साथ सीधे संवाद का एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत है।
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर
ग्रामीण सड़कों के उन्नयन से प्रदेश के दूरदराज़ इलाकों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जबकि आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण से महिलाओं और बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में निवेश से युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर खुलने की संभावना है।
कुल मिलाकर यह बैठक मध्य प्रदेश सरकार के समावेशी विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने वाला बड़ा कदम साबित हो सकती है, बशर्ते स्वीकृत राशि का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित हो।