संदीप दीक्षित का विवादित बयान: 'एक दिन से व्यापार नहीं गिरता', इंडिया ब्लॉक रैली पर व्यापारियों की नाराज़गी
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने 27 अक्टूबर 2026 को इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारी वर्ग की आपत्तियों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 'एक दिन कारोबार प्रभावित होने से क्या हो जाएगा?' उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब व्यापारिक संगठन लगातार यह माँग कर रहे हैं कि रामलीला मैदान में निर्धारित यह रैली टाली जाए। कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAT/CTI) के आकलन के अनुसार, अकेले अक्टूबर माह में कनॉट प्लेस, इंडिया गेट और सेंट्रल दिल्ली में रैलियों, विरोध मार्च और सड़क जाम के कारण दिल्ली के व्यापारियों को लगभग ₹3,000 करोड़ का नुकसान हो चुका है।
दीक्षित का विवादित तर्क
दीक्षित ने अपनी दलील में कहा कि यदि बाहर से 7-8 लाख या 10 लाख लोग दिल्ली आएंगे, तो वे रैली के दौरान चाय, समोसे, कचौड़ी, पानी की बोतल और चाऊमीन जैसी चीज़ें खरीदेंगे, जिससे छोटे व्यापारियों को फायदा होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े व्यापारी केवल अपने बारे में क्यों सोच रहे हैं, जबकि हजारों छोटे विक्रेताओं का कारोबार बढ़ सकता है।
आलोचकों का कहना है कि यह तर्क ₹3,000 करोड़ के नुकसान की तुलना में बेहद हल्का है और व्यापारियों की वास्तविक पीड़ा को नकारता है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि रैलियों के कारण सड़क जाम और ग्राहकों की अनुपस्थिति से होने वाला नुकसान किसी भी आकस्मिक फुटकर बिक्री से कहीं अधिक होता है।
इंडिया ब्लॉक के भीतर दरार पर टिप्पणी
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर इंडिया ब्लॉक के कुछ घटक दलों की आपत्ति पर दीक्षित ने कहा कि इन नेताओं को तब भी विरोध जताना चाहिए जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) कांग्रेस नेताओं के खिलाफ गलत बयानबाजी करती है। उन्होंने व्यंग्य में कहा, 'मुझे लगता है कि कुछ लोगों को इन दिनों प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में खड़े होने की आदत हो गई है।'
भगवंत मान पर पलटवार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणी पर दीक्षित ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने याद दिलाया कि लगभग दो से ढाई साल पहले, जब शराब घोटाले के मामले में अरविंद केजरीवाल को जेल भेजा गया था, तब आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता कांग्रेस से अपने कार्यक्रमों में शामिल होने का अनुरोध कर रहे थे।
दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में केजरीवाल के समर्थन में आयोजित एक रैली में कांग्रेस के नेताओं को बुलाया गया था और केजरीवाल के परिवार के सदस्य सोनिया गांधी के बगल में बैठने के लिए उत्सुक थे। उन्होंने कहा कि उन दिनों AAP के नेता बार-बार धन्यवाद देते थे — 'भगवंत मान ने राहुल गांधी के लिए जो शब्द कहे हैं, उन दिनों तो नहीं कहे थे।'
मान को चेतावनी
दीक्षित ने मुख्यमंत्री मान को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 'धैर्य रखें, एक एक्स सीएम हो चुके हैं, दूसरे की बारी भी आने वाली है।' उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी कोई बयान देते हैं तो उस पर काउंटर किया जा सकता है, लेकिन बेवजह के बयान उचित नहीं होते। उन्होंने मान पर 'संकुचित मानसिकता' का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पंजाब के विकास में कांग्रेस का योगदान समझ नहीं आएगा।
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के घटक दलों के बीच बढ़ते तनाव के बीच दीक्षित के ये बयान गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठाते हैं। 1 नवंबर की रैली से पहले के दिनों में स्थिति और जटिल होती दिख रही है।