सपा परिवार की पार्टी, पीडीए छलावा है: मंत्री कपिलदेव अग्रवाल का अखिलेश पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल ने 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा निशाना साधा। अग्रवाल ने सपा को 'एक परिवार का समूह' करार देते हुए कहा कि अखिलेश का पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एजेंडा महज एक राजनीतिक छलावा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सैफई के बाहर के नेताओं को सपा में न सम्मान मिलता है और न आगे बढ़ने का कोई अवसर।
पीडीए पर सवाल: गैर-यादव ओबीसी को बराबरी का हक कहाँ?
अग्रवाल ने अखिलेश पर पिछड़ों की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछड़ों की बात करने वाले अखिलेश यादव को पहले अपनी पार्टी के भीतर गैर-यादव ओबीसी नेताओं को बराबरी का दर्जा देना चाहिए। मंत्री के अनुसार, सपा में 'पिछड़ों के नाम पर राजनीति' और 'पार्टी के भीतर असमानता' एक साथ चल रही हैं, जो अखिलेश के दावों को खोखला साबित करती है।
सपा शासन पर आरोप: माफिया राज और दलितों पर अत्याचार
मंत्री अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में अपराधियों का बोलबाला था और सपा कार्यकर्ता दलितों की ज़मीनों पर कब्ज़ा करते थे। उन्होंने कहा कि अखिलेश के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में 'माफिया राज' था और गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त था। इसके विपरीत, मंत्री ने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित है और माफिया तत्व समाप्त हो चुके हैं।
नौकरी और महिला सुरक्षा पर दावे
अग्रवाल ने कहा कि सपा शासन में नौकरी का विज्ञापन आते ही वसूली शुरू हो जाती थी। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार में अब तक 9.50 लाख से अधिक युवाओं को बिना किसी भेदभाव के सरकारी नौकरी मिल चुकी है। महिला सुरक्षा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की बेटियाँ सुरक्षित हैं, जबकि अखिलेश के शासनकाल में वे घरों से निकलने से भी डरती थीं।
चौधरी चरण सिंह पर टिप्पणी और चुनावी चेतावनी
मंत्री अग्रवाल ने अखिलेश यादव द्वारा चौधरी चरण सिंह और अजित सिंह के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इसका जवाब प्रदेश की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में देगी। अग्रवाल के अनुसार, अखिलेश के लगातार 'अनर्गल बयान' यह संकेत देते हैं कि वे राजनीतिक रूप से हताश हो चुके हैं और उन्हें अपनी हार साफ दिखने लगी है। मंत्री ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए एक बार फिर प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटेगी।