28 अक्टूबर 2026
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अमृतसर में हथियार तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त: 10 विदेशी पिस्तौल सहित 3 तस्कर गिरफ्तार

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अमृतसर में हथियार तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त: 10 विदेशी पिस्तौल सहित 3 तस्कर गिरफ्तार

सारांश

पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने ड्रोन से आई हथियारों की खेप सहित तीन तस्करों को दबोचा — 10 विदेशी पिस्तौलें बरामद। विदेशी हैंडलर एन्क्रिप्टेड प्लेटफार्म से नेटवर्क चला रहा था; जांच जारी।

मुख्य बातें

काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने 27 अक्टूबर 2026 को सीमापार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।
10 विदेशी 30 बोर पिस्तौलें और मैगजीनें बरामद; तस्करी में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त।
गिरफ्तार आरोपी: दलजीत सिंह , गुरजंट सिंह (दोनों गांव सिंघोकी) और अरशदीप सिंह (गांव निसोके)।
हथियार रामदास सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से भेजे गए थे; विदेशी हैंडलर एन्क्रिप्टेड संचार का उपयोग कर रहा था।
आर्म्स एक्ट और बीएनएस की कई धाराओं के तहत एसएसओसी, अमृतसर में एफआईआर दर्ज।

पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने 27 अक्टूबर 2026 को एक बड़े सीमापार हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन संदिग्ध तस्करों को 10 विदेशी 30 बोर पिस्तौलों और मैगजीनों सहित गिरफ्तार किया। वेरका बाईपास पर फतेहगढ़ शुकरचक अंडर-ब्रिज के निकट हुई इस कार्रवाई में ड्रोन के ज़रिए आई हथियारों की खेप को भी ज़ब्त कर लिया गया।

गिरफ्तारी और बरामदगी

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान दलजीत सिंह (निवासी गांव सिंघोकी, अमृतसर), गुरजंट सिंह (निवासी गांव सिंघोकी, अमृतसर) और अरशदीप सिंह (निवासी गांव निसोके, अमृतसर) के रूप में हुई है। तीनों एक काले मोटरसाइकिल पर सवार होकर हथियारों की खेप को किसी अन्य पक्ष को डिलीवरी करने के लिए अमृतसर के वेरका बाईपास की ओर जा रहे थे।

पुलिस ने पिस्तौलों और मैगजीनों के अलावा तस्करी में इस्तेमाल हो रहे मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया।

ऑपरेशन का विवरण

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि सीआई अमृतसर को विशेष गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी रामदास सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हथियारों की खेप प्राप्त कर चुके हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीमों ने वेरका बाईपास पर छापा मारा और तीनों को मौके पर दबोच लिया।

प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे, जो पुलिस से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इन हथियारों को संगठित आपराधिक नेटवर्क के माध्यम से आगे सप्लाई किया जाना था।

मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अभियान

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमापार ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

गौरतलब है कि ड्रोन-आधारित हथियार तस्करी पाकिस्तान से लगती सीमा पर पंजाब पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यह गिरफ्तारी उस व्यापक खतरे की ओर संकेत करती है जिसमें विदेशी हैंडलर डिजिटल माध्यमों से स्थानीय नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में 27 अक्टूबर को आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 25(1ए), 25(1बी), 25(7) और 25(8) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2) और 111 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। डीजीपी ने बताया कि मामले के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

आगे की जांच

पुलिस के अनुसार, जांचकर्ता अब विदेशी हैंडलर की पहचान और उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों के फोरेंसिक विश्लेषण से आपूर्ति श्रृंखला और संभावित प्राप्तकर्ताओं की पहचान होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पंजाब की सीमा सुरक्षा की उस कमज़ोर कड़ी को उजागर करती है जहाँ ड्रोन तकनीक अब परंपरागत तस्करी मार्गों की जगह ले रही है। विदेशी हैंडलर द्वारा एन्क्रिप्टेड प्लेटफार्मों का इस्तेमाल बताता है कि ये नेटवर्क अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन हैं। सवाल यह है कि ड्रोन डिटेक्शन और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन को ट्रेस करने की राज्य पुलिस की क्षमता कितनी है — क्योंकि हर सफल बरामदगी के पीछे कई अनदेखी खेपें भी हो सकती हैं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमृतसर में हथियार तस्करी मॉड्यूल भंडाफोड़ क्या है?
27 अक्टूबर 2026 को काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने वेरका बाईपास पर तीन संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार करके एक सीमापार हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। इनके पास से 10 विदेशी 30 बोर पिस्तौलें और मैगजीनें बरामद हुई हैं।
गिरफ्तार तस्कर कौन हैं और हथियार कहाँ से आए?
तीनों आरोपी — दलजीत सिंह, गुरजंट सिंह और अरशदीप सिंह — अमृतसर जिले के निवासी हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार हथियार रामदास सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से सीमापार से भेजे गए थे।
विदेशी हैंडलर कैसे तस्करी को अंजाम दे रहा था?
अधिकारियों के अनुसार विदेशी हैंडलर पुलिस से बचने और खेप की डिलीवरी समन्वित करने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहा था। इन हथियारों को संगठित आपराधिक नेटवर्क को सप्लाई किया जाना था।
इस मामले में क्या कानूनी धाराएं लगाई गई हैं?
थाना एसएसओसी, अमृतसर में 27 अक्टूबर को आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 25(1ए), 25(1बी), 25(7) और 25(8) तथा भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61(2) और 111 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पंजाब में ड्रोन से हथियार तस्करी कितनी बड़ी समस्या है?
पाकिस्तान से लगती सीमा पर ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी पंजाब पुलिस के लिए बढ़ती चुनौती बन चुकी है। यह मामला उस पैटर्न को दर्शाता है जिसमें तकनीकी साधनों से लैस विदेशी नेटवर्क स्थानीय वाहकों का इस्तेमाल करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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