अमृतसर में हथियार तस्करी मॉड्यूल ध्वस्त: 10 विदेशी पिस्तौल सहित 3 तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब की काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने 27 अक्टूबर 2026 को एक बड़े सीमापार हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए तीन संदिग्ध तस्करों को 10 विदेशी 30 बोर पिस्तौलों और मैगजीनों सहित गिरफ्तार किया। वेरका बाईपास पर फतेहगढ़ शुकरचक अंडर-ब्रिज के निकट हुई इस कार्रवाई में ड्रोन के ज़रिए आई हथियारों की खेप को भी ज़ब्त कर लिया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों की पहचान दलजीत सिंह (निवासी गांव सिंघोकी, अमृतसर), गुरजंट सिंह (निवासी गांव सिंघोकी, अमृतसर) और अरशदीप सिंह (निवासी गांव निसोके, अमृतसर) के रूप में हुई है। तीनों एक काले मोटरसाइकिल पर सवार होकर हथियारों की खेप को किसी अन्य पक्ष को डिलीवरी करने के लिए अमृतसर के वेरका बाईपास की ओर जा रहे थे।
पुलिस ने पिस्तौलों और मैगजीनों के अलावा तस्करी में इस्तेमाल हो रहे मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया।
ऑपरेशन का विवरण
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि सीआई अमृतसर को विशेष गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी रामदास सेक्टर में ड्रोन के माध्यम से भेजी गई हथियारों की खेप प्राप्त कर चुके हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए टीमों ने वेरका बाईपास पर छापा मारा और तीनों को मौके पर दबोच लिया।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे, जो पुलिस से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का उपयोग कर रहा था। अधिकारियों के अनुसार, इन हथियारों को संगठित आपराधिक नेटवर्क के माध्यम से आगे सप्लाई किया जाना था।
मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत अभियान
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमापार ड्रोन के ज़रिए हथियार और नशे की तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
गौरतलब है कि ड्रोन-आधारित हथियार तस्करी पाकिस्तान से लगती सीमा पर पंजाब पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। यह गिरफ्तारी उस व्यापक खतरे की ओर संकेत करती है जिसमें विदेशी हैंडलर डिजिटल माध्यमों से स्थानीय नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), अमृतसर में 27 अक्टूबर को आर्म्स एक्ट की धाराओं 25, 25(1ए), 25(1बी), 25(7) और 25(8) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 61(2) और 111 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। डीजीपी ने बताया कि मामले के आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
आगे की जांच
पुलिस के अनुसार, जांचकर्ता अब विदेशी हैंडलर की पहचान और उसके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों के फोरेंसिक विश्लेषण से आपूर्ति श्रृंखला और संभावित प्राप्तकर्ताओं की पहचान होने की उम्मीद है।