27 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

कर्जत पंप स्टोरेज परियोजना: CM फडणवीस का बचाव — '3,000 MW की यह परियोजना महाराष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
कर्जत पंप स्टोरेज परियोजना: CM फडणवीस का बचाव — '3,000 MW की यह परियोजना महाराष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अनिवार्य'

सारांश

महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने कर्जत की 3,000 MW पंप स्टोरेज परियोजना को राज्य की ऊर्जा सुरक्षा की नींव बताया। वृक्ष कटाई पर उठे विवाद के बीच उन्होंने 1.5 लाख पेड़ लगाने और 4 करोड़ वाहनों के प्रदूषण से बचाव का तर्क दिया — और विपक्ष पर तकनीक को न समझकर राजनीति करने का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

CM देवेंद्र फडणवीस ने 27 अक्टूबर 2026 को कर्जत, रायगढ़ की 3,000 मेगावाट पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना का दृढ़ता से बचाव किया।
परियोजना स्थल पर 60,000 और वन विभाग द्वारा 90,000 — कुल 1.5 लाख पेड़ लगाने की योजना है।
फडणवीस के अनुसार, कोयला आधारित विकल्प से 4 करोड़ वाहनों के बराबर प्रदूषण होता और 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ते।
पंप स्टोरेज का परिचालन जीवनकाल 80 वर्ष है, जो बैटरी भंडारण के 25 वर्षों से तीन गुना अधिक है।
परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमाओं से बाहर स्थित होने का सरकार का दावा है।
चीन ने इसी तकनीक पर 60,000 मेगावाट से अधिक की अवसंरचना विकसित की है — फडणवीस ने इसे वैश्विक प्रमाण बताया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को रायगढ़ जिले के कर्जत में प्रस्तावित 3,000 मेगावाट की पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना का दृढ़ता से बचाव किया और विपक्ष के विरोध को 'तकनीकी समझ से परे राजनीति' करार दिया। उन्होंने इस परियोजना को महाराष्ट्र के बिजली ग्रिड की स्थिरता और दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के लिए अनिवार्य बताया।

परियोजना का महत्व और तकनीकी आधार

मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि सौर और पवन ऊर्जा, हालाँकि स्वच्छ हैं, 24/7 निर्बाध बिजली आपूर्ति में असमर्थ हैं और ग्रिड को अस्थिर कर सकती हैं। उनके अनुसार, पंप स्टोरेज तकनीक एक प्रदूषण-रहित समाधान है जो नवीकरणीय स्रोतों को संतुलित करती है और चौबीसों घंटे निर्बाध बिजली सुनिश्चित करती है।

उन्होंने यह भी बताया कि पारंपरिक बैटरी भंडारण प्रणालियाँ लगभग 25 वर्षों तक चलती हैं, जबकि पंप स्टोरेज अवसंरचना 80 वर्षों तक प्रभावी रहती है — जो इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक दीर्घकालिक निवेश बनाता है।

पर्यावरण विवाद और वृक्षारोपण योजना

परियोजना के लिए व्यापक वृक्ष कटाई की ज़रूरत ने पर्यावरणविदों और विपक्ष में गंभीर चिंता उत्पन्न की है। हालाँकि, फडणवीस ने कुछ पेड़ों की कटाई स्वीकार करते हुए कहा कि यह पर्यावरणीय प्रभाव अस्थायी है। उनके अनुसार, वन विभाग द्वारा 90,000 पेड़ लगाए जाएंगे और कर्जत परियोजना स्थल पर सीधे 60,000 अतिरिक्त पेड़ रोपे जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि इतनी ही ऊर्जा पारंपरिक कोयला आधारित संयंत्रों से उत्पन्न करने पर वह प्रदूषण होगा जो 4 करोड़ वाहनों के उत्सर्जन के बराबर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि थर्मल पावर उत्पादन की इस भरपाई के लिए अन्यथा 28 करोड़ पेड़ लगाने पड़ते। राज्य सरकार का यह भी कहना है कि यह परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमाओं से बाहर स्थित है।

विपक्ष पर पलटवार और आरे विवाद से तुलना

फडणवीस ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह तकनीकी आवश्यकताओं की उचित समझ के बिना एक महत्वपूर्ण हरित ऊर्जा पहल का राजनीतिकरण कर रहा है। उन्होंने इस विरोध की तुलना आरे कार शेड परियोजना से जुड़े पुराने कानूनी विवादों से की, जिसे अंततः सर्वोच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया था।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में बड़े बुनियादी ढाँचा प्रकल्पों पर पर्यावरण बनाम विकास की बहस लगातार तेज हो रही है। गौरतलब है कि चीन ने इसी तकनीक पर आधारित 60,000 मेगावाट से अधिक की पंप स्टोरेज अवसंरचना विकसित की है — एक तथ्य जिसे फडणवीस ने परियोजना की वैश्विक स्वीकार्यता के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया।

स्थान चुनाव पर स्पष्टीकरण

आलोचकों की उस माँग पर — कि परियोजना को मराठवाड़ा या विदर्भ जैसे अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाए — मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंप स्टोरेज अवसंरचना के लिए विशिष्ट भौगोलिक भूभाग और स्थलाकृति आवश्यक होती है। उनके अनुसार, कठोर व्यवहार्यता मूल्यांकन के बाद ही कर्जत को आदर्श स्थान के रूप में चुना गया।

आगे की राह

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह वास्तविक पर्यावरणीय चिंताओं को सुनने के लिए तत्पर है, लेकिन परियोजना को आवश्यक ऊर्जा परिवर्तन का हिस्सा मानते हुए आगे बढ़ाने के प्रति प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना की स्वीकार्यता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति की योजनाओं को पारदर्शी ढंग से लागू करती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि वृक्षारोपण की 1.5 लाख पेड़ों की प्रतिबद्धता की निगरानी कौन करेगा और कब तक पूरी होगी। महाराष्ट्र में बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में मुआवज़े की घोषणाएँ अक्सर कागज़ों पर बेहतर दिखती हैं। आरे विवाद की तुलना रणनीतिक रूप से चतुर है, पर वह तुलना उन स्थानीय समुदायों और पर्यावरणविदों की ठोस चिंताओं का उत्तर नहीं देती जो भीमाशंकर क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक असर को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाना ज़रूरी है — लेकिन इसके लिए राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, स्वतंत्र पर्यावरणीय ऑडिट चाहिए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्जत पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना क्या है?
यह महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के कर्जत में प्रस्तावित 3,000 मेगावाट की पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजना है, जिसका उद्देश्य राज्य के बिजली ग्रिड को स्थिर करना और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को संतुलित करना है। सरकार के अनुसार यह परियोजना 80 वर्षों तक निर्बाध स्वच्छ ऊर्जा भंडारण प्रदान करेगी।
CM फडणवीस ने परियोजना का बचाव क्यों किया?
CM फडणवीस ने कहा कि सौर और पवन ऊर्जा 24/7 उपलब्ध नहीं होती और ग्रिड को अस्थिर करती हैं, जबकि पंप स्टोरेज इस कमी को प्रदूषण-रहित तरीके से पूरा करता है। उन्होंने विपक्ष पर तकनीकी समझ के बिना राजनीति करने का आरोप लगाया।
वृक्ष कटाई पर सरकार का क्या कहना है?
सरकार ने कुछ पेड़ों की कटाई स्वीकार की है, लेकिन वन विभाग द्वारा 90,000 और परियोजना स्थल पर 60,000 — कुल 1.5 लाख पेड़ लगाने की योजना बताई है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह पर्यावरणीय प्रभाव अस्थायी है और दीर्घकालिक लाभ कहीं अधिक हैं।
क्या परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य को प्रभावित करेगी?
राज्य सरकार का दावा है कि परियोजना भीमाशंकर वन्यजीव अभ्यारण्य की सीमाओं से बाहर स्थित है। हालाँकि पर्यावरणविद इस क्षेत्र के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताते रहे हैं।
परियोजना को कर्जत से किसी अन्य स्थान पर क्यों नहीं स्थानांतरित किया जा सकता?
CM फडणवीस ने स्पष्ट किया कि पंप स्टोरेज परियोजना के लिए विशिष्ट भौगोलिक भूभाग और स्थलाकृति आवश्यक होती है। उनके अनुसार कठोर व्यवहार्यता मूल्यांकन के बाद ही कर्जत को आदर्श स्थान के रूप में चुना गया और मराठवाड़ा या विदर्भ जैसे क्षेत्र इस तकनीकी आवश्यकता को पूरा नहीं करते।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले