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जियाओलोंग पनडुब्बी ने फिलीपीन बेसिन में 7,056.9 मीटर की गहराई का रिकॉर्ड बनाया

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जियाओलोंग पनडुब्बी ने फिलीपीन बेसिन में 7,056.9 मीटर की गहराई का रिकॉर्ड बनाया

सारांश

चीन की जियाओलोंग पनडुब्बी ने फिलीपीन बेसिन में 7,056.9 मीटर की गहराई तक पहुँचकर इतिहास रचा। तीन परीक्षण गोते, दो 7,000 मीटर से अधिक — यह उन्नत संस्करण घरेलू घटकों पर आधारित है और चीन की गहरे समुद्री तकनीक में आत्मनिर्भरता की बड़ी उपलब्धि है।

मुख्य बातें

जियाओलोंग पनडुब्बी ने फिलीपीन बेसिन में अधिकतम 7,056.9 मीटर की गहराई तक गोता लगाया।
कुल तीन परीक्षण गोते लगाए गए, जिनमें से दो 7,000 मीटर से अधिक की गहराई तक पहुँचे।
यह जियाओलोंग का दूसरा एवं उन्नत संस्करण है, जिसमें प्रमुख घटकों का स्थानीयकरण किया गया है।
शोधकर्ता सन योंगफू ने कहा कि परीक्षण ने पनडुब्बी की विश्वसनीयता और सुरक्षा को पूरी तरह सत्यापित किया।
यह चीन के राष्ट्रीय प्रमुख अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम का हिस्सा है।

चीन की उन्नत मानवयुक्त पनडुब्बी जियाओलोंग ने फिलीपीन बेसिन में 7,056.9 मीटर की अधिकतम गहराई तक सफलतापूर्वक गोता लगाकर अपने 7,000 मीटर स्तरीय समुद्री परीक्षण को पूरा कर लिया है। 'डीप सी वन' सहायक जहाज से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह जियाओलोंग का दूसरा एवं उन्नत संस्करण है, जो चीन के राष्ट्रीय प्रमुख अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम का हिस्सा है।

परीक्षण का विवरण

रिपोर्टों के अनुसार, जियाओलोंग पनडुब्बी ने फिलीपीन बेसिन में कुल तीन गोताखोरी परीक्षण किए। इनमें से दो परीक्षण 7,000 मीटर से अधिक की गहराई तक पहुँचे, जबकि अधिकतम गहराई 7,056.9 मीटर दर्ज की गई। सभी परीक्षण संकेतक 7,000 मीटर श्रेणी के समुद्री परीक्षणों की निर्धारित आवश्यकताओं पर खरे उतरे।

प्रत्येक परीक्षण के बाद पनडुब्बी सुरक्षित रूप से सतह पर लौट आई, जो उपकरण की विश्वसनीयता की दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

तकनीकी महत्व और स्थानीयकरण

चीन के राष्ट्रीय गहरे समुद्र बेस प्रबंधन केंद्र के शोधकर्ता सन योंगफू ने कहा कि यह परीक्षण उन्नयन और प्रमुख घटकों के स्थानीयकरण के बाद जियाओलोंग पनडुब्बी की विश्वसनीयता और सुरक्षा को पूरी तरह से सत्यापित करता है। उन्होंने कहा कि इससे मानवयुक्त गहरे समुद्री उपकरणों के क्षेत्र में चीन के तकनीकी लाभों को और मज़बूती मिली है।

गौरतलब है कि इस उन्नत संस्करण में पनडुब्बी के प्रमुख घटकों को घरेलू स्तर पर निर्मित किया गया है, जो चीन की गहरे समुद्री प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

वैश्विक संदर्भ में महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब गहरे समुद्री अन्वेषण तकनीक वैश्विक स्तर पर रणनीतिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टियों से महत्त्वपूर्ण होती जा रही है। 7,000 मीटर से अधिक की गहराई तक पहुँचने में सक्षम मानवयुक्त पनडुब्बियाँ दुनिया में बेहद सीमित देशों के पास हैं। चीन का यह कदम समुद्री संसाधन अन्वेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान में उसकी क्षमता को नई ऊँचाई देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिलीपीन बेसिन में इस परीक्षण की सफलता चीन को गहरे समुद्री खनिज संसाधनों की खोज में भी सक्षम बनाती है।

आगे की योजना

परीक्षण की सफलता के बाद जियाओलोंग के भविष्य के अभियानों में वैज्ञानिक नमूना संग्रह और समुद्री पारिस्थितिकी अध्ययन शामिल होने की संभावना है। चीन का राष्ट्रीय गहरे समुद्र बेस प्रबंधन केंद्र इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 मीटर से अधिक गहराई वाली मानवयुक्त क्षमता समुद्री खनिज दोहन में भी सीधे काम आती है।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जियाओलोंग पनडुब्बी का 7,000 मीटर समुद्री परीक्षण क्या है?
यह चीन के राष्ट्रीय प्रमुख अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रम के तहत जियाओलोंग के उन्नत संस्करण का समुद्री परीक्षण है, जिसमें फिलीपीन बेसिन में 7,056.9 मीटर की अधिकतम गहराई तक गोता लगाया गया। तीन परीक्षण गोतों में से दो 7,000 मीटर से अधिक गहराई तक सफलतापूर्वक पहुँचे।
जियाओलोंग पनडुब्बी ने अधिकतम कितनी गहराई तक गोता लगाया?
फिलीपीन बेसिन में किए गए परीक्षणों में जियाओलोंग ने अधिकतम 7,056.9 मीटर की गहराई दर्ज की। यह इसके उन्नत संस्करण की अब तक की सबसे अधिक गहराई बताई गई है।
जियाओलोंग के उन्नत संस्करण में क्या नया है?
इस संस्करण में पनडुब्बी के प्रमुख घटकों का स्थानीयकरण किया गया है, यानी ये घटक अब घरेलू स्तर पर निर्मित हैं। शोधकर्ता सन योंगफू के अनुसार, इससे पनडुब्बी की विश्वसनीयता और सुरक्षा पूरी तरह सत्यापित हो गई है।
इस परीक्षण से चीन को क्या लाभ होगा?
इस सफलता से चीन को गहरे समुद्री वैज्ञानिक अनुसंधान, खनिज संसाधन अन्वेषण और समुद्री पारिस्थितिकी अध्ययन में नई क्षमता मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मानवयुक्त गहरे समुद्री उपकरणों के क्षेत्र में चीन के तकनीकी लाभ को और मज़बूत करता है।
परीक्षण किस जहाज से संचालित किया गया?
'डीप सी वन' सहायक जहाज से जियाओलोंग के परीक्षणों का संचालन किया गया। इसी जहाज से मिली जानकारी के आधार पर परीक्षण की सफलता की पुष्टि हुई।
राष्ट्र प्रेस
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