चीन का 16 मेगावाट फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म ग्रिड से जुड़ा, गहरे समुद्र में हरित ऊर्जा की नई शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
चाइना नेशनल ऑफशोर ऑयल कॉर्पोरेशन (CNOOC) ने 6 अगस्त 2026 को घोषणा की कि चीन का पहला स्वदेशी तकनीक से निर्मित 16 मेगावाट क्षमता का टेंशन लेग प्लेटफॉर्म (TLP) आधारित गहरे समुद्री फ्लोटिंग विंड पावर प्लेटफॉर्म सफलतापूर्वक लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से जोड़ दिया गया है। इस उपलब्धि के साथ चीन की गहरे समुद्री पवन ऊर्जा तकनीक वैश्विक अग्रणी स्तर पर पहुँच गई है।
प्लेटफॉर्म की तकनीकी विशेषताएँ
यह प्लेटफॉर्म दक्षिण चीन के पर्ल रिवर माउथ बेसिन में 136 मीटर गहरे समुद्र में और तट से 136 किलोमीटर दूर स्थापित किया गया है। इसकी कुल ऊँचाई लगभग 110 मंजिला इमारत के बराबर है और कुल वजन करीब 7,800 टन है। इसके रोटर का घूर्णन क्षेत्र लगभग साढ़े सात मानक फुटबॉल मैदानों के बराबर बताया गया है।
समुद्र के भीतर बिछाई गई पनडुब्बी केबलों के ज़रिए इसे लुफंग तेल क्षेत्र के बिजली ग्रिड से जोड़ा गया है। यह प्लेटफॉर्म 17 श्रेणी के शक्तिशाली तूफानों का सामना करने में सक्षम है — जो इसे अत्यंत प्रतिकूल समुद्री परिस्थितियों के लिए भी उपयुक्त बनाता है।
ऊर्जा उत्पादन की संभावना
CNOOC के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के संचालन से हर साल लगभग 5 करोड़ 40 लाख किलोवाट घंटे हरित बिजली उत्पन्न होने की उम्मीद है। यह बिजली लुफंग तेल क्षेत्र की ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा करेगी और ऑफशोर तेल परिचालन में कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी सहायक होगी।
TLP तकनीक क्यों अलग है
पारंपरिक सेमी-सबमर्सिबल प्लेटफॉर्म की तुलना में टेंशन लेग प्लेटफॉर्म अधिक स्थिर माना जाता है। इसमें प्रति मेगावाट कम स्टील की आवश्यकता होती है और यह समुद्र में कम क्षेत्र घेरता है। इससे ऑफशोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं और समुद्र के अन्य उपयोगों — जैसे मत्स्य पालन और शिपिंग — के बीच टकराव कम होता है तथा समुद्री क्षेत्र का अधिक प्रभावी उपयोग संभव हो पाता है।
गौरतलब है कि TLP तकनीक को अत्यंत जटिल माना जाता है, और चीन द्वारा इसे पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित करना इस क्षेत्र में उसकी तकनीकी प्रगति का संकेत है।
वैश्विक संदर्भ और आगे की राह
चीन के गहरे समुद्री क्षेत्रों में पवन ऊर्जा की अपार संभावनाएँ हैं, जिन्हें भविष्य में ऑफशोर पवन ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख स्रोत माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर गहरे समुद्री पवन ऊर्जा में निवेश तेज़ी से बढ़ रहा है और यूरोपीय देश भी इस दिशा में प्रयोग कर रहे हैं। इस सफलता के साथ चीन ने ऑफशोर विंड ऊर्जा की अगली पीढ़ी में अपनी दावेदारी मज़बूत की है।