मध्य प्रदेश में भीषण लू का कहर: 20 जिलों में हीटवेव अलर्ट, खजुराहो में पारा 43.9°C पार
सारांश
Key Takeaways
- 20 से अधिक जिलों में मौसम विभाग ने 25 अप्रैल 2025 को आधिकारिक हीटवेव अलर्ट जारी किया।
- खजुराहो (छतरपुर) राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा — अधिकतम तापमान 43.9°C दर्ज।
- ग्वालियर प्रमुख शहरों में सबसे गर्म, तापमान 42.1°C; भोपाल, इंदौर, जबलपुर 41-42°C के बीच।
- पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 14.2°C — राज्य में सबसे ठंडा स्थान।
- स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे घर से बाहर न निकलने की अपील की; बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सतर्कता जरूरी।
- भीषण गर्मी की यह स्थिति कम से कम अगले 4 दिनों तक बने रहने का अनुमान।
भोपाल, 25 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में भीषण लू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने 25 अप्रैल 2025 को राज्य के 20 से अधिक जिलों के लिए आधिकारिक हीटवेव चेतावनी जारी की है। ग्रीष्म ऋतु इस बार असाधारण रूप से आक्रामक है और सुबह से ही तपिश लोगों की दिनचर्या छिन्न-भिन्न कर रही है।
किन जिलों में जारी हुआ हीटवेव अलर्ट?
मौसम विभाग की चेतावनी में जिन जिलों को शामिल किया गया है, उनमें रायसेन, अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, सतना, छिंदवाड़ा, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी, पंढुरना, रीवा, उमरिया, मंडला, मंदसौर, धार, भिंड और दतिया प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इन जिलों में दोपहर के वक्त बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया है। खेत-खलिहान, बाजार और सड़कें सूनी पड़ी हैं। मजदूर वर्ग और दिहाड़ी कामगार सबसे अधिक प्रभावित हैं क्योंकि उनके पास काम बंद करने का विकल्प नहीं है।
सबसे गर्म स्थान: छतरपुर जिला शीर्ष पर
राज्य में सर्वाधिक तापमान छतरपुर जिले में दर्ज हो रहा है। ऐतिहासिक नगरी खजुराहो में अधिकतम तापमान 43.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि निकटवर्ती नौगोंग में 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
रतलाम, सतना और टीकमगढ़ में भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में पारा 40°C की सीमा पार कर चुका है। राहत की एकमात्र जगह पचमढ़ी रही, जहां न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
शहरी क्षेत्र भी झुलस रहे हैं
यह मान लेना गलत होगा कि लू केवल ग्रामीण या अर्ध-शहरी इलाकों तक सीमित है। प्रदेश के प्रमुख महानगर भी इस आग की चपेट में हैं। ग्वालियर बड़े शहरों में सबसे गर्म रहा जहां तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
राजधानी भोपाल, व्यावसायिक केंद्र इंदौर और संस्कारधानी जबलपुर में तापमान 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। शहरी क्षेत्रों में कंक्रीट की इमारतें और डामर की सड़कें ऊष्मा को और बढ़ा देती हैं — जिसे 'अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट' कहा जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी और सरकारी सलाह
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त पानी पीते रहें, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढककर रखें।
विशेष सतर्कता बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए बरतने की सलाह दी गई है, जो लू लगने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं। लू के लक्षणों — जैसे तेज बुखार, चक्कर, उल्टी या बेहोशी — में तुरंत चिकित्सीय सहायता लेने की अपील की गई है।
गहरा संदर्भ: जलवायु परिवर्तन और MP की तैयारी
गौरतलब है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस वर्ष मार्च में ही चेतावनी दी थी कि 2025 की गर्मी सामान्य से अधिक तीव्र रहेगी। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में अप्रैल-मई के दौरान लू से होने वाली मौतों की संख्या बढ़ी है, फिर भी राज्य स्तरीय 'हीट एक्शन प्लान' का क्रियान्वयन अभी भी सवालों के घेरे में है।
तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो राजस्थान और गुजरात जैसे राज्यों ने हीट वेव प्रबंधन में बेहतर ढांचा विकसित किया है — जिसमें कूलिंग सेंटर, ओआरएस वितरण और मोबाइल मेडिकल यूनिट शामिल हैं। मध्य प्रदेश को इस दिशा में अभी और काम करने की जरूरत है।
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, यह भीषण गर्मी की स्थिति कम से कम अगले चार दिनों तक बनी रहेगी। मई के पहले सप्ताह में प्री-मानसून गतिविधियों से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन तब तक प्रदेशवासियों को सतर्क रहना होगा।