मुद्रा योजना से पूनम शर्मा की बदली तकदीर: ₹2.5 लाख के लोन से खड़ा किया 5 दुकानों का साम्राज्य
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की लाभार्थी पूनम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के मनाली में महज ₹2.5 लाख के बैंक ऋण से अपना छोटा-सा व्यवसाय शुरू किया और आज वे 5 दुकानों की स्वामिनी बन चुकी हैं। ऊना जिले की मूल निवासी पूनम न केवल एक सफल उद्यमी के रूप में उभरी हैं, बल्कि उन्होंने अपने कारोबार के ज़रिए 5 लोगों को रोज़गार भी दिया है — जो केंद्र सरकार की इस कल्याणकारी योजना की ज़मीनी सफलता की एक जीवंत मिसाल है।
कैसे हुई शुरुआत
पूनम शर्मा ने बताया कि उनके पति पहले किसी और की सब्ज़ी मंडी में और फिर एक दुकान पर काम करते थे। जब वे ऊना से मनाली आईं, तो उन्होंने दूसरों के लिए काम करने की बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। इसके बाद दंपती ने एक छोटी सब्ज़ी की दुकान से अपने उद्यम की नींव रखी।
मुद्रा योजना बनी गेमचेंजर
पूनम के अनुसार, करीब 8 साल तक सब्ज़ी और राशन की दुकान चलाने के बाद उन्होंने 2012-13 में बैंक से ऋण लेने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2014-15 में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने इस योजना के अंतर्गत बैंक से ₹2.5 लाख का ऋण लिया। इस पूंजी से कारोबार में विस्तार हुआ और उन्होंने 300 मीटर की दूरी पर दो और दुकानें खोलीं।
पहला ऋण चुकाने के बाद पूनम ने दोबारा ₹5 लाख का और फिर ₹10 लाख का ऋण लिया। इस तरह चरणबद्ध ऋण और अनुशासित पुनर्भुगतान की बदौलत उनका कारोबार धीरे-धीरे बढ़ता गया और उन्होंने 'ज्वालाजी मार्ट' नाम से अपना प्रतिष्ठान खोला।
आमदनी में कई गुना इज़ाफा
पूनम ने बताया कि शुरुआत में सालाना ₹2 लाख से ₹2.5 लाख की आमदनी होती थी। मुद्रा योजना का लाभ मिलने और कारोबार बढ़ने के बाद अब उनकी वार्षिक कमाई ₹10 लाख से ₹15 लाख तक पहुँच गई है। उन्होंने अपनी दुकानों पर 5 युवकों और 1 महिला को बिलिंग के काम पर नियुक्त किया है, यानी कुल 6 लोगों को प्रत्यक्ष रोज़गार दिया है।
आम जनता के लिए संदेश
पूनम शर्मा का कहना है कि जो लोग जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार की ऐसी योजनाओं का लाभ ज़रूर उठाना चाहिए और बैंक ऋण की मदद से आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अगर मुद्रा योजना का लाभ नहीं मिलता, तो शायद सब्ज़ी की दुकान ही चल पाती।'
क्या है प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) केंद्र सरकार की एक प्रमुख वित्तीय समावेश पहल है, जिसके तहत छोटे और सूक्ष्म उद्यमियों को ₹10 लाख तक का संपार्श्विक-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पूनम शर्मा जैसी लाखों महिला उद्यमियों की सफलता यह दर्शाती है कि यह योजना न केवल व्यक्तिगत समृद्धि, बल्कि स्थानीय रोज़गार सृजन में भी प्रभावी भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में पूनम का इरादा अपने कारोबार को और विस्तार देने का है।