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क्या अवैध मतदाताओं की पहचान करना आवश्यक है? : मुख्तार अब्बास नकवी

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क्या अवैध मतदाताओं की पहचान करना आवश्यक है? : मुख्तार अब्बास नकवी

सारांश

क्या अवैध मतदाताओं की पहचान करना लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है? मुख्तार अब्बास नकवी ने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट राय रखी है। जानें कांवड़ यात्रा की पवित्रता और अखिलेश यादव के बयान पर उनकी प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

अवैध मतदाताओं की पहचान की आवश्यकता है।
कांवड़ यात्रा की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है।
सांप्रदायिकता का संरक्षण गलत है।
राजनीतिक कार्यक्रमों का आयोजन उचित स्थानों पर होना चाहिए।
लोकतंत्र के हितों की रक्षा आवश्यक है।

लखनऊ, 23 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को अवैध मतदाताओं की पहचान, कांवड़ यात्रा की पवित्रता और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर अपनी राय व्यक्त की।

मुख्तार अब्बास नकवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मतदाता सूची की समीक्षा में अवैध मतदाताओं की पहचान करना और वैध मतदाताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। कुछ लोग अवैध मतदाताओं का संरक्षण देने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि गलत है। कोई भी देश अवैध मतदाताओं की संख्या में वृद्धि को नजरअंदाज नहीं कर सकता। अवैध मतदाताओं को पहचान कर बाहर करना चाहिए। इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लोकतंत्र के हितों पर कोई भी कुठाराघात नहीं होना चाहिए। अवैध मतदाताओं की पहचान बेहद आवश्यक है।

कांवड़ यात्रा के संदर्भ में नकवी ने कहा कि कांवड़ यात्री अपनी आस्था और संस्कृति के साथ एक पवित्र यात्रा करते हैं। उनकी सुरक्षा और यात्रा की शुद्धता बनाए रखना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। कांवड़ियों पर फूल बरसाने को सांप्रदायिकता और पत्थरबाजी को धर्मनिरपेक्षता बताने की कोशिश करना गलत है। यह एक भ्रम पैदा करने की साजिश है। सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के साथ-साथ शासन को भी कांवड़ियों की पवित्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

हाल ही में अखिलेश यादव की मस्जिद में सांसदों के साथ चाय पीने की तस्वीर वायरल होने के बाद विवाद उत्पन्न हुआ। अखिलेश यादव ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि कुछ लोग धर्मनिरपेक्षता का चोला पहनकर सांप्रदायिकता फैलाते हैं।

इस पर नकवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "राजनीतिक गतिविधियां मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे में नहीं, बल्कि कार्यालयों या सार्वजनिक स्थानों पर होनी चाहिए। मस्जिद में सियासी कार्यक्रम को धर्मनिरपेक्षता का प्रतीक बताना छल है। ऐसी हरकतें समावेशी सशक्तीकरण को कमजोर करती हैं और इन्हें रोकना जरूरी है। इस तरह की हरकतें एक स्वस्थ लोकतंत्र में किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती हैं।”

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह समझना चाहिए कि अवैध मतदाताओं की पहचान करना और उनकी संख्या को नियंत्रित करना एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक है। यह न केवल लोकतंत्र की सुरक्षा करता है, बल्कि समाज में विश्वास भी स्थापित करता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अवैध मतदाता कौन होते हैं?
अवैध मतदाता वे लोग होते हैं जो बिना सही दस्तावेजों या मानदंडों के मतदाता सूची में शामिल होते हैं।
कांवड़ यात्रा की पवित्रता क्यों महत्वपूर्ण है?
कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है और इसकी पवित्रता सभी के लिए महत्वपूर्ण है।
क्या राजनीतिक गतिविधियां धार्मिक स्थलों पर होनी चाहिए?
राजनीतिक गतिविधियां सार्वजनिक स्थानों पर होनी चाहिए, धार्मिक स्थलों पर नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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