श्रीनगर-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर CM धामी का निरीक्षण, 1 नवंबर तक सड़कें गड्ढामुक्त करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 28 अक्टूबर 2026 को गैरसैंण में विधानसभा सत्र की समाप्ति के बाद श्रीनगर-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी के उपचारात्मक कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। देहरादून लौटते समय उन्होंने मार्ग में विभिन्न स्थानों पर रुककर स्थानीय निवासियों से संवाद किया और राज्य के बुनियादी ढाँचे की स्थिति का सीधे जायजा लिया।
राजमार्ग उपचारात्मक कार्यों का निरीक्षण
देवप्रयाग से श्रीनगर की ओर आते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जारी पहाड़ी उपचार कार्यों की प्रगति का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने मौके पर तैनात इंजीनियरों से कार्य की वर्तमान स्थिति, अब तक हुई प्रगति और आगे की कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान धामी ने निर्माण कार्य में लगे इंजीनियरों एवं श्रमिकों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना।
स्वच्छता व्यवस्था पर नाराजगी और निर्देश
देवप्रयाग के पास सड़क मार्ग पर स्थित सुलभ शौचालय का निरीक्षण करते समय मुख्यमंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था को असंतोषजनक पाया। उन्होंने तत्काल संबंधित अधिशासी अधिकारी को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए। धामी ने स्पष्ट किया कि देवप्रयाग में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, इसलिए यहाँ उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखना अनिवार्य है।
1 नवंबर तक गड्ढामुक्त सड़कों का लक्ष्य
मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सड़कों की स्थिति का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को 1 नवंबर 2026 तक प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुधार कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करना अनिवार्य है। धामी ने स्पष्ट किया कि जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
जनसंपर्क और देवप्रयाग संगम दर्शन
कीर्तिनगर के मलेथा में मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय पहुँचकर पार्टी प्रतिनिधियों एवं स्थानीय निवासियों से मुलाकात की। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक चाय की दुकान पर रुककर दुकानदार से आत्मीय संवाद किया। यात्रा के दौरान धामी ने देवप्रयाग संगम के दर्शन किए और मां गंगा को हाथ जोड़कर नमन किया।
सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने इस यात्रा के दौरान कहा कि प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सुगम एवं गुणवत्तापूर्ण आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह निरीक्षण ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड के पर्वतीय राजमार्गों पर मानसून के बाद सड़क क्षति और भूस्खलन के मामले नियमित रूप से सामने आते हैं। आने वाले दिनों में सड़क सुधार कार्यों की समयबद्ध पूर्णता और स्वच्छता मानकों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ने की उम्मीद है।