26 अक्टूबर 2026
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मुंबई वायु प्रदूषण: मंत्री आशीष शेलार का बीएमसी को पत्र, सप्ताह में एक दिन निर्माण कार्य बंद रखने का प्रस्ताव

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मुंबई वायु प्रदूषण: मंत्री आशीष शेलार का बीएमसी को पत्र, सप्ताह में एक दिन निर्माण कार्य बंद रखने का प्रस्ताव

सारांश

मुंबई में सर्दियों से पहले वायु प्रदूषण की बढ़ती चिंता के बीच पालकमंत्री आशीष शेलार ने बीएमसी को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन निर्माण कार्य बंद रखने, दिल्ली जैसा GRAP लागू करने और 87 बेकरियों को स्वच्छ ईंधन में बदलने समेत कई बड़े उपायों का सुझाव दिया है।

मुख्य बातें

मंत्री आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक उपायों का सुझाव दिया।
प्रमुख प्रस्ताव: सप्ताह में एक दिन बीएमसी क्षेत्र में सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रखी जाएँ।
मुंबई में 2017-18 की तुलना में पीएम-10 प्रदूषण में लगभग 48% की कमी, लेकिन और सुधार ज़रूरी।
दिल्ली की तर्ज पर GRAP लागू करने और 3,166 निर्माण स्थलों पर सेंसर आधारित निगरानी का सुझाव।
लकड़ी-कोयला जलाने वाली शेष 87 बेकरियों को स्वच्छ ईंधन में परिवर्तित करने की माँग।
बीएमसी के सभी 26 वार्डों में नागरिक समूहों और जनप्रतिनिधियों की बैठकें आयोजित करने का प्रस्ताव।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एवं मुंबई उपनगर के पालकमंत्री आशीष शेलार ने 26 अक्टूबर 2026 को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक उपायों का सुझाव दिया है। शेलार ने प्रस्ताव रखा है कि बीएमसी क्षेत्र में सप्ताह में एक दिन सभी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (डिमोलिशन) गतिविधियाँ पूरी तरह बंद रखी जाएँ।

पत्र की पृष्ठभूमि और प्रेरणा

शेलार ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका को देखते हुए तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की ओर से लगातार प्रदूषण संबंधी शिकायतें और सुझाव प्राप्त हो रहे हैं। गौरतलब है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी मुंबई की खराब होती वायु गुणवत्ता पर चिंता जता चुका है।

शेलार ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2017-18 की तुलना में मुंबई में पीएम-10 प्रदूषण स्तर में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। हालाँकि उनका कहना है कि वायु गुणवत्ता में और सुधार के लिए अधिक व्यापक एवं सख्त उपायों की दरकार है।

मुख्य प्रस्ताव और सुझाव

शेलार ने दिल्ली की तर्ज पर मुंबई के लिए एक विशेष ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) तैयार करने की माँग की है, जिससे वायु गुणवत्ता खराब होने पर पूर्व निर्धारित उपाय तुरंत लागू किए जा सकें। उन्होंने प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों और प्रमुख यातायात मार्गों पर उपचारित पानी से सड़कों की धुलाई, नियमित जल छिड़काव, रात के समय मशीनीकृत सड़क सफाई, गड्ढों की तत्काल मरम्मत और खुदाई के बाद सड़कों की समयबद्ध बहाली की माँग भी रखी।

अधिक प्रदूषित क्षेत्रों और प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों पर एंटी-स्मॉग गन एवं मिस्ट स्प्रेयर तैनात करने का भी सुझाव दिया गया है। कचरा जलाने, डंपिंग ग्राउंड में आग लगने और निर्माण मलबे की अवैध डंपिंग जैसी घटनाओं की शिकायत के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन और सोशल मीडिया अकाउंट शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

परिवहन और उद्योग पर जोर

मंत्री ने मुंबई ट्रैफिक पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के संयुक्त अभियान चलाने का सुझाव दिया। इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की जाँच बढ़ाने और वैध प्रमाणपत्र न रखने वाले भारी वाहनों के बीएमसी क्षेत्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की माँग की गई है।

शेलार ने उद्योगों में कोयले की खपत पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के उद्योग ऊर्जा और ईंधन के लिए बड़ी मात्रा में कोयले का उपयोग करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों को हरित ईंधन अपनाने के लिए कम ब्याज वाले ऋण, कर रियायतें और ग्रीन एनर्जी फंड के माध्यम से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा लकड़ी और कोयले का उपयोग करने वाली शेष 87 बेकरियों को स्वच्छ ईंधन में परिवर्तित करने की आवश्यकता भी बताई गई।

जनभागीदारी और समन्वय का आह्वान

शेलार ने वायु प्रदूषण के विरुद्ध जनभागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए बीएमसी के सभी 26 वार्डों में नागरिक समूहों, जनप्रतिनिधियों और संबंधित सरकारी विभागों की बैठकें आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण की यह कार्रवाई केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर लागू की जानी चाहिए।

आगे की राह

इन सुझावों पर बीएमसी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का अभी इंतजार है। निर्माण स्थलों पर सेंसर आधारित वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली जल्द स्थापित करने और सार्वजनिक व निजी परिवहन के विद्युतीकरण को तेज करने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएँ लाने की माँग भी की गई है। यह पत्र ऐसे समय आया है जब देश भर के कई महानगरों में सर्दियों से पहले वायु गुणवत्ता सूचकांक चिंताजनक स्तर पर पहुँच रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — मुंबई पहले भी धूल नियंत्रण के नियमों से भरी फाइलें बना चुकी है जो ज़मीन पर नहीं उतरीं। सप्ताह में एक दिन निर्माण बंद का प्रस्ताव एक नई सोच है, लेकिन इससे बड़े डेवलपर्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर ठेकेदारों का प्रतिरोध तय है — जिनकी लॉबी राज्य सरकार में मजबूत है। बॉम्बे हाई कोर्ट की सक्रियता से दबाव बना है, लेकिन बीएमसी आयुक्त इस पत्र को बाध्यकारी आदेश नहीं, बल्कि सुझाव मानेंगी जब तक राज्य सरकार औपचारिक निर्देश न जारी करे। दिल्ली GRAP की तरह मुंबई के लिए एक कानूनी ढाँचा बनाए बिना यह पत्र महज राजनीतिक संदेश बनकर रह जाने का जोखिम उठाता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंत्री आशीष शेलार ने बीएमसी को पत्र में क्या माँग की है?
मंत्री आशीष शेलार ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को पत्र लिखकर सप्ताह में एक दिन सभी निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियाँ बंद रखने, दिल्ली जैसा GRAP लागू करने और 87 बेकरियों को स्वच्छ ईंधन में बदलने समेत कई उपायों का सुझाव दिया है। यह पत्र 26 अक्टूबर 2026 को लिखा गया।
मुंबई में वायु प्रदूषण की स्थिति कितनी गंभीर है?
वर्ष 2017-18 की तुलना में मुंबई में पीएम-10 प्रदूषण स्तर में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन सर्दियों के मौसम में प्रदूषण बढ़ने की आशंका बनी रहती है। बॉम्बे हाई कोर्ट भी मुंबई की खराब होती वायु गुणवत्ता पर चिंता जता चुका है।
मुंबई के लिए GRAP क्या है और इसे क्यों लागू करने की माँग हो रही है?
GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें वायु गुणवत्ता के खराब होने पर पूर्व निर्धारित उपाय तुरंत लागू किए जाते हैं। दिल्ली में यह व्यवस्था पहले से लागू है और शेलार ने मुंबई के लिए इसी तर्ज पर एक विशेष GRAP तैयार करने का सुझाव दिया है।
बीएमसी ने अब तक प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या किया है?
बीएमसी ने 3,166 निर्माण स्थलों की सेंट्रल एयर क्वालिटी डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी, वार्ड स्तर की निरीक्षण टीमों का गठन, निर्माण मलबा प्रबंधन प्रणाली और श्मशान घाटों में प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियाँ स्थापित की हैं। शेलार ने इन कदमों की सराहना करते हुए इन्हें और मज़बूत करने की माँग की है।
क्या यह प्रस्ताव केवल मुंबई शहर के लिए है?
नहीं, शेलार ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण नियंत्रण की यह कार्रवाई केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) की स्थानीय निकायों के साथ समन्वय बनाकर इन उपायों को लागू करने पर जोर दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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