मुंबई: अशरफ सिद्दीकी ने 19 साल की हिंदू युवती को भेजे अश्लील वीडियो-फोटो, गिरफ्तार

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मुंबई: अशरफ सिद्दीकी ने 19 साल की हिंदू युवती को भेजे अश्लील वीडियो-फोटो, गिरफ्तार

सारांश

मुंबई के महालक्ष्मी इलाके की एक 19 वर्षीय हिंदू टेलीकॉलर ने सीनियर सहकर्मी अशरफ सिद्दीकी पर व्हाट्सएप पर अश्लील वीडियो-फोटो भेजने और प्रेम संबंध के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। अग्री पाडा पुलिस ने गुरुवार रात आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल जब्त किया।

Key Takeaways

  • 19 वर्षीय हिंदू युवती ने मुंबई के अग्री पाडा पुलिस स्टेशन में सीनियर सहकर्मी अशरफ सिद्दीकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
  • आरोपी ने 21 और 22 अप्रैल 2025 को व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो-वीडियो भेजे और प्रेम संबंध का दबाव डाला।
  • पुलिस ने गुरुवार की रात आरोपी को उसकी लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तार किया और मोबाइल फोन जब्त किया।
  • एफआईआर के अनुसार अशरफ ने खुद स्वीकार किया कि उसने अन्य हिंदू महिला सहकर्मियों के साथ भी ऐसी हरकतें की हैं।
  • पीड़िता ने सभी स्क्रीनशॉट और वीडियो सुरक्षित रख कर साक्ष्य संरक्षित किए, जो जांच में काम आएंगे।
  • मामले में IT Act धारा 67 और IPC धारा 354A समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में स्थित एक निजी कंपनी में टेलीकॉलर के रूप में कार्यरत 19 वर्षीय हिंदू युवती ने अपने सीनियर सहकर्मी अशरफ सिद्दीकी के खिलाफ अग्री पाडा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। आरोप है कि अशरफ ने 21 और 22 अप्रैल 2025 को व्हाट्सएप के जरिए पीड़िता को अश्लील फोटो और वीडियो भेजे तथा प्रेम संबंध बनाने का दबाव डाला। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार की रात ही आरोपी को गिरफ्तार कर उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 21 अप्रैल को एक अनजान नंबर से उसके व्हाट्सएप पर मिस कॉल आई। पूछने पर कॉल करने वाले ने खुद को अशरफ सिद्दीकी बताया और कहा कि वह उसी कंपनी में काम करता है तथा उसका नंबर कंपनी के व्हाट्सएप ग्रुप से मिला है।

इसके बाद अशरफ ने व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो और वीडियो भेजने शुरू किए और अभद्र टिप्पणियां कीं। 22 अप्रैल को उसने यही हरकत दोहराई और युवती पर प्रेम संबंध बनाने का दबाव बनाया। सतर्क पीड़िता ने सभी मैसेज के स्क्रीनशॉट लिए और वीडियो-फोटो सुरक्षित रख लिए ताकि आरोपी बाद में मुकर न सके।

एफआईआर और गिरफ्तारी की कार्रवाई

पीड़िता ने पहले अपने परिवार को पूरी जानकारी दी, इसके बाद अग्री पाडा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने से पहले ही अशरफ की लोकेशन ट्रेस कर उसे गुरुवार की रात हिरासत में ले लिया। उसका मोबाइल फोन भी जब्त किया गया जिसमें साक्ष्य मौजूद हैं।

दर्ज एफआईआर के अनुसार, अशरफ सिद्दीकी ने पीड़िता को यह भी बताया था कि उसने कंपनी में काम करने वाली अन्य हिंदू लड़कियों के साथ भी ऐसी हरकतें की हैं। आरोपी ने यह भी दावा किया कि आजकल हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़के पसंद हैं।

पीड़िता और परिवार के बयान

पीड़ित युवती ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "अशरफ ने हैरेसमेंट किया है, गंदे-गंदे मैसेज और वीडियो भेजता था। साथ ही कहता था कि हम शादी कर लेंगे। मेरे चाचा की एक बीवी हिंदू और दो मुसलमान हैं।"

पीड़िता के पिता ने बताया कि तीन दिनों तक उनकी बेटी का मानसिक उत्पीड़न किया गया। उन्होंने कहा, "अशरफ सिद्दीकी ने मैसेज में मेरी बेटी से कहा कि मैंने कई हिंदू लड़कियों के साथ ऐसा किया है, तुम्हारे साथ भी करूंगा तो कोई दिक्कत नहीं।" उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी बेटी को लॉज पर ले जाने की बात कर रहा था।

स्थानीय निवासी की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासी रविन्द्र दाभोलकर ने कहा कि वे कई दिनों से आरोपी की निगरानी कर रहे थे। उन्होंने कहा, "यह जिहादी मानसिकता के लोग षड्यंत्र कर रहे हैं। हालांकि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।"

व्यापक संदर्भ और प्रभाव

यह मामला कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और साइबर अपराध की गंभीर समस्या को उजागर करता है। महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में कार्यस्थल उत्पीड़न की शिकायतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। IT Act और POSH Act के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है, फिर भी डिजिटल माध्यमों से उत्पीड़न की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं।

गौरतलब है कि व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर महिलाओं को अश्लील सामग्री भेजना भारतीय दंड संहिता की धारा 354A और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत दंडनीय अपराध है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है।

अब आरोपी अशरफ सिद्दीकी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और जांच में यह भी देखा जाएगा कि कंपनी की अन्य महिला कर्मचारियों के साथ भी इस तरह की हरकतें हुई हैं या नहीं। पुलिस जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच भी करेगी।

Point of View

बल्कि कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा के ढांचे की विफलता का भी प्रतीक है — जहां POSH Act होने के बावजूद एक सीनियर कर्मचारी बेखौफ होकर अश्लील सामग्री भेज सकता है। चिंताजनक यह है कि आरोपी ने खुद स्वीकार किया कि यह उसकी पहली घटना नहीं थी — जो यह सवाल उठाता है कि कंपनी प्रबंधन इतने समय तक इससे अनजान कैसे रहा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली जवाबदेही वहां से शुरू होती है जहां कंपनियां अपने आंतरिक शिकायत तंत्र को मजबूत करने में विफल रहती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पीड़न के बढ़ते मामले यह मांग करते हैं कि साइबर अपराध कानूनों को और सख्त बनाया जाए और कार्यस्थल पर महिला सुरक्षा को केवल कागजी खानापूर्ति से आगे ले जाया जाए।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

मुंबई में अशरफ सिद्दीकी को क्यों गिरफ्तार किया गया?
अशरफ सिद्दीकी को मुंबई के महालक्ष्मी स्थित एक कंपनी में कार्यरत 19 वर्षीय हिंदू युवती को व्हाट्सएप पर अश्लील फोटो और वीडियो भेजने तथा प्रेम संबंध बनाने का दबाव डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अग्री पाडा पुलिस ने गुरुवार की रात उसे हिरासत में लिया।
पीड़िता ने पुलिस में कब और कहां शिकायत दर्ज कराई?
पीड़िता ने 21 और 22 अप्रैल को हुई घटना के बाद अग्री पाडा पुलिस स्टेशन, मुंबई में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने से पहले ही आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अशरफ सिद्दीकी ने और क्या दावे किए थे?
एफआईआर के अनुसार अशरफ सिद्दीकी ने पीड़िता को बताया कि उसने कंपनी में काम करने वाली अन्य हिंदू लड़कियों के साथ भी ऐसी हरकतें की हैं। उसने यह भी दावा किया कि आजकल हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़के पसंद हैं।
इस मामले में कौन-कौन सी धाराएं लागू हो सकती हैं?
व्हाट्सएप पर अश्लील सामग्री भेजना भारतीय दंड संहिता की धारा 354A (यौन उत्पीड़न) और IT Act की धारा 67 (अश्लील सामग्री का प्रसारण) के तहत दंडनीय है। POSH Act के तहत कार्यस्थल उत्पीड़न की धाराएं भी लागू हो सकती हैं।
पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस जब्त मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच करेगी और यह भी देखेगी कि कंपनी की अन्य महिला कर्मचारियों के साथ भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं या नहीं। आरोपी को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
Nation Press