मुंबई में दोहरा हादसा: भांडुप में गड्ढे में गिरे 8 लोग, मानखुर्द में आग से 5 दुकानें राख
सारांश
Key Takeaways
- 24 अप्रैल 2025 को मुंबई में एक ही रात दो अलग-अलग हादसे हुए।
- भांडुप (पश्चिम) में निर्माणाधीन एसआरए बिल्डिंग के पास खुले गड्ढे में गिरने से 8 लोग घायल हुए।
- घायलों में भालचंद्र फाले (25 वर्ष) की हालत गंभीर, बाकी 7 की स्थिति स्थिर।
- मानखुर्द के एकता नगर में सुबह 5 बजे लगी आग में 4-5 दुकानें जलकर राख हुईं।
- आग में कोई हताहत नहीं, फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
- दोनों हादसों ने मुंबई में निर्माण स्थल सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
मुंबई में 24 अप्रैल 2025 की रात और भोर में दो गंभीर हादसे सामने आए, जिनसे शहर की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। भांडुप (पश्चिम) में एक निर्माणाधीन इमारत के पास खुले गड्ढे में गिरने से 8 लोग घायल हो गए, जबकि मानखुर्द के एकता नगर इलाके में भीषण आग ने 4 से 5 दुकानों को पूरी तरह जला दिया।
मानखुर्द में भीषण आग — भोर में दहला इलाका
शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे मानखुर्द के एकता नगर स्थित जीएम लिंक रोड पर अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने 4 से 5 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया।
राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। मौके पर फायर ब्रिगेड, पुलिस, एंबुलेंस, बिजली विभाग, पीडब्ल्यूडी और बीएमसी की टीमें तैनात रहीं। आग की वजह और नुकसान का सटीक आकलन अभी जारी है।
भांडुप में खुले गड्ढे का कहर — 8 घायल, एक की हालत गंभीर
गुरुवार देर रात करीब 11:29 बजे भांडुप (पश्चिम) स्थित मेट्रो मॉल के निकट, जनता मार्केट के पास एक निर्माणाधीन एसआरए बिल्डिंग के समीप खुले गड्ढे में कई लोग जा गिरे। यह लोग पास के मातोश्री मैरिज हॉल से जुड़े बताए जा रहे हैं।
हादसे की जानकारी पुलिस को बाद में मिली, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस, 108 एंबुलेंस और बीएमसी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। कुल 8 लोग घायल हुए, जिनमें से 7 को अस्पताल में भर्ती कराया गया — सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
घायलों में अनिकेत कदम (26 वर्ष), श्रेयस सुर्वे (25 वर्ष), जयदीप शाह (21 वर्ष), संकेत जुवतकर (25 वर्ष), आदित्य आहेर (26 वर्ष), अनिकेत महेश पाटिल (20 वर्ष) और अंकित कुमार रोहित (19 वर्ष) शामिल हैं। वहीं भालचंद्र फाले (25 वर्ष) को एक अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मुंबई में निर्माण स्थलों की सुरक्षा — बड़ा सवाल
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई में किसी निर्माण स्थल के पास खुले गड्ढे या असुरक्षित क्षेत्र की वजह से आम नागरिक घायल हुए हों। बीएमसी और एसआरए (स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी) के अधीन चल रहे सैकड़ों निर्माण प्रोजेक्टों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक पुरानी समस्या है। आलोचकों का कहना है कि निर्माण एजेंसियां अक्सर गड्ढों और खुदाई वाले क्षेत्रों को उचित बैरिकेडिंग के बिना छोड़ देती हैं, जिससे रात के अंधेरे में दुर्घटनाएं होती हैं।
गौरतलब है कि मुंबई में मेट्रो, कोस्टल रोड और एसआरए जैसी परियोजनाओं के चलते शहर के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर खुदाई चल रही है। इन स्थलों पर रात के समय पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा घेरे का अभाव अक्सर हादसों की जड़ बनता है।
आग की घटनाएं और मुंबई का बुनियादी ढांचा
मानखुर्द और उसके आसपास के इलाकों में अनधिकृत या अर्ध-स्थायी दुकानों की संख्या काफी अधिक है। इन दुकानों में अग्निशमन के उचित इंतजाम न होने की वजह से आग तेजी से फैलती है। बीएमसी के आंकड़े बताते हैं कि मुंबई में हर साल सैकड़ों छोटी-बड़ी आग की घटनाएं होती हैं, जिनमें से बड़ी संख्या अनधिकृत निर्माणों या बिजली के दोषपूर्ण तारों के कारण होती है।
इन दोनों घटनाओं की जांच संबंधित विभाग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बीएमसी की ओर से निर्माण स्थलों की सुरक्षा जांच और मानखुर्द आग के कारणों की रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है।