14 अक्टूबर 2026
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मुंबई में हीटवेव अलर्ट: तापमान 38 डिग्री पार, IMD निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कब मिलेगी राहत

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मुंबई में हीटवेव अलर्ट: तापमान 38 डिग्री पार, IMD निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कब मिलेगी राहत

सारांश

अक्टूबर में भी मुंबई की गर्मी बेकाबू — तटीय इलाकों में तापमान 38 डिग्री पार, सामान्य से 4.6–4.8 डिग्री अधिक। IMD निदेशक बिक्रम सिंह ने पुष्टि की कि हीटवेव की स्थिति है, सितंबर-अक्टूबर में कम बारिश और एल नीनो इसकी वजह। फौरी राहत की उम्मीद नहीं।

मुख्य बातें

IMD निदेशक बिक्रम सिंह ने 13 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि मुंबई के तटीय इलाकों में हीटवेव की स्थिति है।
तापमान पिछले तीन दिनों से 38–38.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है, सामान्य से 4.6–4.8 डिग्री अधिक।
तटीय केंद्रों पर हीटवेव के लिए IMD का मानदंड 37 डिग्री तापमान और सामान्य से 4.5 डिग्री का अंतर है।
सितंबर में कम बारिश और अक्टूबर में शून्य वर्षा, साथ ही एल नीनो प्रभाव, उच्च तापमान के मुख्य कारण।
निचले वायुमंडलीय स्तरों में पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के कारण सी-ब्रीज सेट नहीं हो रही, तापमान 37-38 डिग्री बना रहने की संभावना।
महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में हीटवेव नहीं; वहाँ मानदंड न्यूनतम 40 डिग्री सेल्सियस है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के निदेशक बिक्रम सिंह ने 13 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। सांताक्रूज मौसम केंद्र पर दर्ज तापमान सामान्य से 4.6 से 4.8 डिग्री अधिक है, जो तटीय क्षेत्रों के लिए IMD के हीटवेव मानदंड को पार करता है।

हीटवेव का मानदंड और वर्तमान स्थिति

IMD निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, तटीय मौसम केंद्रों पर हीटवेव घोषित करने के लिए तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए और सामान्य से अंतर 4.5 डिग्री या उससे ज़्यादा होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पिछले तीन दिनों में तापमान करीब 38, 38.2 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। अभी लगातार तीन दिन तापमान इसी तरह रहा है, आज भी खासकर सांताक्रूज में तापमान उसी स्तर पर पहुंचा है तो हीटवेव की स्थिति बिल्कुल है, हालांकि ये बॉर्डरलाइन पर है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य से अंतर '4.6, 4.8 डिग्री के आसपास' जा रहा है, जो न्यूनतम मानदंड को बस पूरा कर रहा है।

आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम

IMD निदेशक ने बताया कि फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। उनके अनुसार, 'पूर्वी हवाएं थोड़ी मजबूत हो रही हैं और इसी वजह से तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि निचले वायुमंडलीय स्तरों में अब तक उत्तरी हवाओं की जगह पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी हवाएं बनी हुई हैं, जिससे समुद्री हवा (सी-ब्रीज) सेट नहीं हो पा रही और सूखापन बरकरार है।

सितंबर-अक्टूबर में कम बारिश जिम्मेदार

बिक्रम सिंह ने बताया कि इस बार सितंबर में बेहद कम वर्षा हुई और अक्टूबर में भी कोई बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में सामान्य मौसमी गिरावट नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि विंड फ्लो पैटर्न में भी अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। यदि निचले स्तरों में उत्तरी हवाएं चलतीं, तो तापमान सामान्य के करीब या एक-दो डिग्री ऊपर रह सकता था।

तटीय और आंतरिक इलाकों में अंतर

IMD निदेशक ने स्पष्ट किया कि तटीय क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति है, जबकि महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में अभी ऐसी स्थिति नहीं है। आंतरिक क्षेत्रों के लिए हीटवेव का मानदंड अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 4.5 डिग्री या अधिक का अंतर है, जो वहाँ अभी तक नहीं पहुंचा है।

एल नीनो और पूर्वानुमान की पुष्टि

बिक्रम सिंह ने बताया कि एल नीनो वर्षों में बारिश की गतिविधि कम रहती है और तापमान अधिक बना रहता है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर और पोस्ट-मानसून सीज़न के लिए पहले से जारी पूर्वानुमान में भी कम वर्षा और सामान्य से अधिक तापमान की चेतावनी दी गई थी। गौरतलब है कि वर्तमान मौसमी स्थिति उसी पूर्वानुमान के अनुरूप है। आने वाले दिनों में तापमान में बड़ी राहत की संभावना फिलहाल नज़र नहीं आती, जब तक वायु प्रवाह में उल्लेखनीय बदलाव न आए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एल नीनो के बढ़ते जलवायु प्रभाव का संकेत है जिसे IMD ने खुद पहले से चेताया था। चिंताजनक यह है कि पोस्ट-मानसून सीज़न में समुद्री शहर मुंबई भी अब गर्मी की लहरों से अछूता नहीं रह गया — यह तटीय शहरों की जलवायु संवेदनशीलता पर नीति-निर्माताओं और नगर-नियोजकों के लिए गहरे सवाल खड़े करता है। सी-ब्रीज का न बन पाना और सूखापन बने रहना दर्शाता है कि मौसमी पैटर्न बदल रहे हैं। बिना ठोस शहरी ताप-प्रबंधन योजना के, ऐसे अलर्ट भविष्य में और भी सामान्य हो सकते हैं।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई में हीटवेव कब से है और कितने समय तक रहेगी?
IMD के अनुसार मुंबई के तटीय इलाकों में पिछले तीन दिनों से हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में पूर्वी हवाओं के चलते तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है; फौरी राहत के संकेत नहीं हैं।
IMD के अनुसार तटीय क्षेत्रों में हीटवेव का मानदंड क्या है?
IMD के मानदंड के अनुसार तटीय मौसम केंद्र पर तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए और सामान्य तापमान से अंतर 4.5 डिग्री या उससे ज़्यादा होना चाहिए। मुंबई के सांताक्रूज में यह अंतर 4.6-4.8 डिग्री दर्ज किया गया है।
अक्टूबर में मुंबई में इतनी गर्मी क्यों है?
IMD निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार सितंबर में बेहद कम बारिश और अक्टूबर में शून्य वर्षा के कारण तापमान नहीं गिरा। इसके अलावा निचले वायुमंडलीय स्तरों में उत्तरी हवाओं की बजाय पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हवाएं होने से सी-ब्रीज नहीं बन पा रही और एल नीनो प्रभाव भी तापमान बढ़ाने में योगदान दे रहा है।
महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में भी हीटवेव है?
नहीं, IMD के अनुसार महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में अभी हीटवेव की स्थिति नहीं है। वहाँ हीटवेव घोषित करने के लिए अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 4.5 डिग्री या अधिक का अंतर जरूरी है।
एल नीनो का मुंबई के मौसम पर क्या असर है?
IMD निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार एल नीनो वर्षों में बारिश की गतिविधि कम रहती है और तापमान अधिक बना रहने की संभावना बढ़ जाती है। पोस्ट-मानसून सीज़न के लिए जारी पूर्वानुमान में भी कम वर्षा और सामान्य से अधिक तापमान की भविष्यवाणी पहले ही की गई थी, जो अब सही साबित हो रही है।
राष्ट्र प्रेस
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