मुंबई में हीटवेव अलर्ट: तापमान 38 डिग्री पार, IMD निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कब मिलेगी राहत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के निदेशक बिक्रम सिंह ने 13 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि मुंबई और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा है। सांताक्रूज मौसम केंद्र पर दर्ज तापमान सामान्य से 4.6 से 4.8 डिग्री अधिक है, जो तटीय क्षेत्रों के लिए IMD के हीटवेव मानदंड को पार करता है।
हीटवेव का मानदंड और वर्तमान स्थिति
IMD निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, तटीय मौसम केंद्रों पर हीटवेव घोषित करने के लिए तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना चाहिए और सामान्य से अंतर 4.5 डिग्री या उससे ज़्यादा होना चाहिए। उन्होंने कहा, 'पिछले तीन दिनों में तापमान करीब 38, 38.2 डिग्री सेल्सियस तक जा रहा है। अभी लगातार तीन दिन तापमान इसी तरह रहा है, आज भी खासकर सांताक्रूज में तापमान उसी स्तर पर पहुंचा है तो हीटवेव की स्थिति बिल्कुल है, हालांकि ये बॉर्डरलाइन पर है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य से अंतर '4.6, 4.8 डिग्री के आसपास' जा रहा है, जो न्यूनतम मानदंड को बस पूरा कर रहा है।
आने वाले दिनों में राहत की संभावना कम
IMD निदेशक ने बताया कि फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। उनके अनुसार, 'पूर्वी हवाएं थोड़ी मजबूत हो रही हैं और इसी वजह से तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।' उन्होंने यह भी कहा कि निचले वायुमंडलीय स्तरों में अब तक उत्तरी हवाओं की जगह पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी हवाएं बनी हुई हैं, जिससे समुद्री हवा (सी-ब्रीज) सेट नहीं हो पा रही और सूखापन बरकरार है।
सितंबर-अक्टूबर में कम बारिश जिम्मेदार
बिक्रम सिंह ने बताया कि इस बार सितंबर में बेहद कम वर्षा हुई और अक्टूबर में भी कोई बारिश नहीं हुई, जिसके चलते तापमान में सामान्य मौसमी गिरावट नहीं आ सकी। उन्होंने कहा कि विंड फ्लो पैटर्न में भी अपेक्षित बदलाव नहीं आया है। यदि निचले स्तरों में उत्तरी हवाएं चलतीं, तो तापमान सामान्य के करीब या एक-दो डिग्री ऊपर रह सकता था।
तटीय और आंतरिक इलाकों में अंतर
IMD निदेशक ने स्पष्ट किया कि तटीय क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति है, जबकि महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में अभी ऐसी स्थिति नहीं है। आंतरिक क्षेत्रों के लिए हीटवेव का मानदंड अधिकतम तापमान कम से कम 40 डिग्री सेल्सियस और सामान्य से 4.5 डिग्री या अधिक का अंतर है, जो वहाँ अभी तक नहीं पहुंचा है।
एल नीनो और पूर्वानुमान की पुष्टि
बिक्रम सिंह ने बताया कि एल नीनो वर्षों में बारिश की गतिविधि कम रहती है और तापमान अधिक बना रहता है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर और पोस्ट-मानसून सीज़न के लिए पहले से जारी पूर्वानुमान में भी कम वर्षा और सामान्य से अधिक तापमान की चेतावनी दी गई थी। गौरतलब है कि वर्तमान मौसमी स्थिति उसी पूर्वानुमान के अनुरूप है। आने वाले दिनों में तापमान में बड़ी राहत की संभावना फिलहाल नज़र नहीं आती, जब तक वायु प्रवाह में उल्लेखनीय बदलाव न आए।