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हीटवेव का कहर: IMD का रेड अलर्ट, 45°C से ऊपर तापमान; डॉक्टरों ने दोपहर में बाहर निकलने से मना किया

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हीटवेव का कहर: IMD का रेड अलर्ट, 45°C से ऊपर तापमान; डॉक्टरों ने दोपहर में बाहर निकलने से मना किया

सारांश

उत्तर भारत में भीषण लू का प्रकोप जारी है — तापमान 45°C पार और IMD का रेड अलर्ट। डॉक्टरों ने दोपहर में बाहर निकलने को खतरनाक बताया है। अगले सात दिन राहत नहीं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता की ज़रूरत।

मुख्य बातें

IMD ने मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड अलर्ट तथा दिल्ली-NCR , राजस्थान , हरियाणा , पंजाब के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँचा; स्थिति अगले सात दिनों तक बनी रह सकती है।
नोएडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय राणा ने कोल्ड रूम और ICU सुविधाएँ सक्रिय करने की जानकारी दी।
डॉक्टरों ने बच्चों , बुजुर्गों और बीमार लोगों को दोपहर में बाहर न निकलने की सख्त सलाह दी।
जम्मू-कश्मीर , हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में दो दिन बाद बारिश से राहत मिलने की संभावना।

उत्तर भारत में भीषण हीटवेव ने 20 मई 2026 को जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि दिल्ली-NCR, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच गया है और चिकित्सकों ने दोपहर के समय बाहर निकलने को खतरनाक बताया है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान

IMD के वैज्ञानिक नरेश कुमार ने बताया कि यह स्थिति लगभग सात दिनों तक बनी रह सकती है। उनके अनुसार, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अधिकांश इलाकों में तापमान 45°C से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि हिमालयी राज्यों — जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड — में दो दिन बाद बारिश की संभावना से तापमान में गिरावट आ सकती है।

डॉक्टरों की चेतावनी और स्वास्थ्य तैयारियाँ

नोएडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय राणा ने बताया कि सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार एक कोल्ड रूम तैयार किया गया है, जिसमें आधुनिक उपकरण और दवाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल का आपातकालीन विभाग और ICU चौबीसों घंटे सक्रिय है। राणा ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी।

आम जनता के लिए ज़रूरी सावधानियाँ

चिकित्सकों की सलाह है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो तो सुबह जल्दी या शाम के समय निकलें। सूती और ढीले हल्के रंग के कपड़े पहनें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर में डिहाइड्रेशन न हो। किसी भी असुविधा पर तुरंत नज़दीकी अस्पताल से संपर्क करें।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अभी उत्तर भारत से दूर है और गर्मी की यह लहर लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। IMD के अनुसार अगले सात दिनों में राहत की उम्मीद कम है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएँ।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की तैयारी अक्सर प्रतिक्रियात्मक रहती है, न कि पूर्व-नियोजित। 45°C से ऊपर तापमान और सात दिन तक राहत न मिलने का पूर्वानुमान यह सवाल उठाता है कि दिहाड़ी मज़दूरों, निर्माण कामगारों और बेघर लोगों के लिए 'कोल्ड रूम' और 'ICU' जैसी सुविधाएँ कितनी सुलभ हैं। मौसम विभाग की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली परीक्षा ज़िला स्तर पर उसके क्रियान्वयन की है।
RashtraPress
5 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हीटवेव के दौरान दोपहर में बाहर क्यों नहीं निकलना चाहिए?
डॉक्टरों के अनुसार दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच तापमान चरम पर होता है और लू लगने का खतरा सबसे अधिक रहता है। इस दौरान बाहर निकलने से हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
IMD ने किन राज्यों में रेड अलर्ट जारी किया है?
IMD ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-NCR, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है।
हीटवेव से बचने के लिए क्या करें?
सूती और ढीले हल्के रंग के कपड़े पहनें, भरपूर पानी और तरल पदार्थ लें, और दोपहर के समय घर के अंदर रहें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें और किसी भी समस्या पर तुरंत अस्पताल जाएँ।
उत्तर भारत में यह हीटवेव कब तक रहेगी?
IMD के वैज्ञानिक नरेश कुमार के अनुसार यह स्थिति लगभग सात दिनों तक बनी रह सकती है। हिमालयी राज्यों में दो दिन बाद बारिश से कुछ राहत मिलने की संभावना है, लेकिन मैदानी इलाकों में अभी राहत नहीं।
नोएडा में हीटवेव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने क्या तैयारियाँ की हैं?
नोएडा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी अजय राणा के अनुसार सरकारी दिशानिर्देशों के तहत एक कोल्ड रूम स्थापित किया गया है जिसमें आधुनिक उपकरण और दवाएँ उपलब्ध हैं। अस्पताल का आपातकालीन विभाग और ICU चौबीसों घंटे सक्रिय है।
राष्ट्र प्रेस
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