आमिर खान को गैंगस्टर धमकी पर संजय निरुपम बोले — मुंबई पुलिस सक्षम, घबराने की ज़रूरत नहीं
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने 18 जुलाई 2026 को अभिनेता आमिर खान को कथित तौर पर मिली गैंगस्टर धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुंबई पुलिस पूरी तरह सक्षम है और नागरिकों को ऐसी धमकियों से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच एजेंसियाँ कर रही हैं और निष्कर्ष जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
धमकी का मामला और पुलिस पर भरोसा
निरुपम ने स्वीकार किया कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि आमिर खान को किसी गैंगस्टर की ओर से धमकी दी गई है। कथित तौर पर धमकी देने वाले ने अभिनेता पर 'लव जिहाद' का आरोप लगाया है। हालाँकि, निरुपम ने कहा कि इस मामले की वास्तविकता मुंबई पुलिस, आमिर खान और संबंधित व्यक्ति ही बेहतर जानते हैं, इसलिए इस पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
उन्होंने मुंबई के नागरिकों और फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों से अपील की कि वे ऐसी धमकियों से घबराएँ नहीं। निरुपम के अनुसार, माफिया और गैंगस्टर तत्व प्रायः भय का माहौल बनाकर हफ्ता वसूली की कोशिश करते हैं, लेकिन मुंबई पुलिस ऐसे अपराधियों के विरुद्ध समय रहते कड़ी कार्रवाई करती है।
आम आदमी पार्टी पर निशाना
निरुपम ने आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह पार्टी भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के दम पर दिल्ली की सत्ता में आई थी, लेकिन सत्ता से बाहर होते-होते देश की सबसे भ्रष्ट सरकार साबित हुई। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार भी अब भ्रष्टाचार और बेईमानी के रास्ते पर चल रही है और आगामी चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।
उद्धव ठाकरे के 'राम रक्षा आंदोलन' पर कटाक्ष
शिवसेना (उद्धव गुट) के 'राम रक्षा आंदोलन' को निरुपम ने राजनीतिक पुनरुद्धार का प्रयास बताया, न कि धार्मिक। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने हिंदुत्व की विचारधारा त्यागकर कांग्रेस से हाथ मिलाया और बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत को दरकिनार किया, उसे भगवान राम का नाम लेने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने इसे व्यंग्यात्मक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि ऐसी पार्टी का राम श्लोक गाना उसी तरह है जैसे लंकाधिपति रावण भगवान राम का श्लोक गाएँ।
राम मंदिर चंदा विवाद पर संतुलित रुख
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी के मामले पर निरुपम ने कहा कि यदि किसी ने मंदिर की राशि में हेराफेरी की है, तो यह अत्यंत गंभीर और निंदनीय कृत्य है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चंपत राय — मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ स्वयंसेवक — को एक सुसंस्कृत और प्रतिष्ठित व्यक्ति बताते हुए कहा कि जाँच पूरी होने से पहले किसी पर भी आरोप लगाना न्यायसंगत नहीं है।
निरुपम ने माँग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जाँच होनी चाहिए, और यदि जाँच में किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। यह मामला आने वाले दिनों में राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर और अधिक गहमागहमी का केंद्र बन सकता है।