मुंबई: CSMT कोचिंग यार्ड में हावड़ा ट्रेन की पैंट्री कार में आग, संयुक्त जांच समिति गठित
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के समीप स्थित कोचिंग यार्ड में बुधवार, 30 सितंबर 2026 को तड़के हावड़ा जाने वाली ट्रेन के खाली रैक की पैंट्री कार में आग लग गई। घटना के समय ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा था और यात्रियों की बोर्डिंग शुरू नहीं हुई थी, जिससे किसी यात्री के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। सेंट्रल रेलवे ने घटना की जांच के लिए तत्काल एक संयुक्त समिति का गठन किया है।
मुख्य घटनाक्रम
सेंट्रल रेलवे के मुख्य संपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला ने बताया कि पैंट्री कार से धुआं उठते देखे जाने की सूचना रात करीब 3:40 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग को तत्काल अलर्ट किया गया। दमकल की टीम 4:05 बजे मौके पर पहुँची और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
नीला ने स्पष्ट किया कि घटना के समय ट्रेन में कोई भी यात्री सवार नहीं था, इसलिए किसी के घायल होने या किसी अन्य जनहानि की सूचना नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय रेलवे में ट्रेन सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा जारी है।
संयुक्त जांच समिति का गठन
स्वप्निल नीला ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एक संयुक्त जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अपनी रिपोर्ट में आग के मूल कारण की पहचान करेगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय तथा निर्देश तैयार करेगी।
गौरतलब है कि इन निर्देशों को मध्य रेलवे के सभी संबंधित डिवीजनों तक पहुँचाया जाएगा, ताकि समूचे नेटवर्क में एकसमान सुरक्षा मानक सुनिश्चित हो सकें। नीला के अनुसार, रेलवे की ओर से सुरक्षा को लेकर लगातार ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
टिकट सत्यापन विशेष अभियान
इस घटना के अतिरिक्त, सेंट्रल रेलवे ने 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक एक विशेष अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य वैध टिकट वाले यात्रियों को उनकी सीट तक सुरक्षित पहुँचाना और टिकटों की कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है।
नीला ने बताया कि लंबी दूरी की आरक्षित ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों में से कम से कम एक यात्री के पास मूल पहचान पत्र होना अनिवार्य होगा। इस अभियान के ज़रिए दलालों के माध्यम से या अनुचित तरीके से हासिल किए गए टिकटों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
आम यात्रियों पर असर
पैंट्री कार की आग से मुंबई-हावड़ा मार्ग पर किसी ट्रेन के परिचालन में तत्काल व्यवधान की सूचना नहीं है, क्योंकि रैक खाली था। हालाँकि, संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट आने तक रेलवे अधिकारी अन्य ट्रेनों की पैंट्री कारों की जाँच कर सकते हैं।
टिकट सत्यापन अभियान के तहत अक्टूबर 2026 के दौरान यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा के दौरान अपना मूल पहचान पत्र साथ रखें। रेलवे का कहना है कि इस पहल से वास्तविक यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा।
क्या होगा आगे
संयुक्त जांच समिति अपनी रिपोर्ट पूरी करने के बाद सुरक्षा संबंधी सिफारिशें मध्य रेलवे के सभी डिवीजनों को सौंपेगी। इस घटना के मद्देनज़र रेलवे बोर्ड भी पैंट्री कारों की नियमित अग्नि-सुरक्षा जाँच की समीक्षा कर सकता है। टिकट सत्यापन अभियान की सफलता के आधार पर इसे अन्य रेलवे ज़ोन में भी लागू किए जाने की संभावना है।