40 साल फरार हत्या आरोपी सुरेश अदागले को मुंबई पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई पुलिस ने हत्या के मामले में लगभग चार दशकों से फरार चल रहे 59 वर्षीय सुरेश चंद्र अदागले को 20 अगस्त 2026 को पुणे जिले की शिरूर तहसील के रंजंगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी साकीनाका पुलिस स्टेशन की विशेष फरार आरोपी खोज टीम ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर की।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, सुरेश चंद्र अदागले को करीब 40 साल पहले महज 19 वर्ष की आयु में हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे जमानत देते हुए आगे की सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। हालाँकि, अदागले बार-बार अदालत में अनुपस्थित रहा, जिसके बाद न्यायालय ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद वह लापता हो गया और करीब चार दशकों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
कैसे लगा आरोपी का सुराग
साकीनाका पुलिस ने वर्षों तक अदागले की तलाश जारी रखी। हाल ही में फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए गठित विशेष टीम ने इस पुराने मामले को फिर से अपने हाथ में लिया। जाँच में पता चला कि अदागले पुणे जिले की शिरूर तहसील के रंजंगांव क्षेत्र में कथित तौर पर अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। अधिकारियों ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी का उपयोग कर उसके ठिकाने की पुष्टि की।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सूचना मिलते ही साकीनाका पुलिस की एक टीम रंजंगांव पहुँची और आरोपी के नए पते पर जाल बिछाया। 20 अगस्त को अदागले को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया — जमानत पर रिहा होने के बाद अदालत में पेश न होने के लगभग चार दशक बाद। यह गिरफ्तारी पुलिस की दीर्घकालिक निगरानी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं के उपयोग का परिणाम है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने सुरेश चंद्र अदागले को हिरासत में ले लिया है और अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला इस बात की मिसाल है कि दशकों पुराने फरारी के मामलों में भी पुलिस की जाँच का दायरा कभी बंद नहीं होता।