23 अगस्त 2026
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40 साल फरार हत्या आरोपी सुरेश अदागले को मुंबई पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया

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40 साल फरार हत्या आरोपी सुरेश अदागले को मुंबई पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया

सारांश

40 साल की फरारी, एक बदली हुई पहचान — और फिर भी पुलिस की पकड़ से बच न सका। मुंबई पुलिस की साकीनाका टीम ने तकनीकी निगरानी के दम पर हत्या के आरोपी सुरेश चंद्र अदागले को पुणे के रंजंगांव से दबोचा, जो 19 साल की उम्र में जमानत मिलने के बाद से लापता था।

मुख्य बातें

सुरेश चंद्र अदागले (59 वर्ष) को 20 अगस्त 2026 को पुणे जिले के रंजंगांव से गिरफ्तार किया गया।
अदागले 19 साल की उम्र में हत्या के मामले में गिरफ्तार हुआ था, जमानत मिलने के बाद अदालत में पेश नहीं हुआ।
अदालत ने बार-बार अनुपस्थित रहने पर गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसके बाद वह करीब 40 साल तक फरार रहा।
साकीनाका पुलिस स्टेशन की विशेष फरार आरोपी खोज टीम ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उसका पता लगाया।
आरोपी कथित तौर पर शिरूर तहसील के रंजंगांव में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था।

मुंबई पुलिस ने हत्या के मामले में लगभग चार दशकों से फरार चल रहे 59 वर्षीय सुरेश चंद्र अदागले को 20 अगस्त 2026 को पुणे जिले की शिरूर तहसील के रंजंगांव इलाके से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी साकीनाका पुलिस स्टेशन की विशेष फरार आरोपी खोज टीम ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर की।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, सुरेश चंद्र अदागले को करीब 40 साल पहले महज 19 वर्ष की आयु में हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उसे जमानत देते हुए आगे की सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया था। हालाँकि, अदागले बार-बार अदालत में अनुपस्थित रहा, जिसके बाद न्यायालय ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया। इसके बाद वह लापता हो गया और करीब चार दशकों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

कैसे लगा आरोपी का सुराग

साकीनाका पुलिस ने वर्षों तक अदागले की तलाश जारी रखी। हाल ही में फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए गठित विशेष टीम ने इस पुराने मामले को फिर से अपने हाथ में लिया। जाँच में पता चला कि अदागले पुणे जिले की शिरूर तहसील के रंजंगांव क्षेत्र में कथित तौर पर अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। अधिकारियों ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय स्रोतों से प्राप्त जानकारी का उपयोग कर उसके ठिकाने की पुष्टि की।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

सूचना मिलते ही साकीनाका पुलिस की एक टीम रंजंगांव पहुँची और आरोपी के नए पते पर जाल बिछाया। 20 अगस्त को अदागले को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया — जमानत पर रिहा होने के बाद अदालत में पेश न होने के लगभग चार दशक बाद। यह गिरफ्तारी पुलिस की दीर्घकालिक निगरानी और आधुनिक तकनीकी क्षमताओं के उपयोग का परिणाम है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने सुरेश चंद्र अदागले को हिरासत में ले लिया है और अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह मामला इस बात की मिसाल है कि दशकों पुराने फरारी के मामलों में भी पुलिस की जाँच का दायरा कभी बंद नहीं होता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उतनी ही बड़ी विफलता को भी रेखांकित करती है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुरेश चंद्र अदागले कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
सुरेश चंद्र अदागले एक 59 वर्षीय व्यक्ति है जिसे हत्या के मामले में करीब 40 साल पहले गिरफ्तार किया गया था। जमानत मिलने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया था; 20 अगस्त 2026 को मुंबई पुलिस ने उसे पुणे के रंजंगांव से दबोचा।
अदागले को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
साकीनाका पुलिस स्टेशन की विशेष फरार आरोपी खोज टीम ने तकनीकी निगरानी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर पता लगाया कि अदागले पुणे जिले की शिरूर तहसील के रंजंगांव इलाके में पहचान छुपाकर रह रहा था। पुलिस ने वहाँ जाल बिछाकर उसे 20 अगस्त को गिरफ्तार किया।
अदागले इतने साल फरार कैसे रहा?
पुलिस के अनुसार, अदागले ने अपनी पहचान छुपाकर रंजंगांव में निवास किया। गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद वह करीब चार दशकों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। हाल ही में गठित विशेष फरार आरोपी खोज टीम ने आधुनिक तकनीकी साधनों से उसका सुराग लगाया।
अब अदागले के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस ने अदागले को हिरासत में ले लिया है और अदालत के आदेशों के अनुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। चूँकि उसके खिलाफ पहले से गैर-जमानती वारंट जारी था, इसलिए उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।
इस मामले में साकीनाका पुलिस की क्या भूमिका रही?
साकीनाका पुलिस स्टेशन ने वर्षों तक अदागले की तलाश जारी रखी। फरार आरोपियों का पता लगाने के लिए गठित विशेष टीम ने इस पुराने मामले को फिर से उठाया और तकनीकी निगरानी व गोपनीय स्रोतों की मदद से सफलतापूर्वक गिरफ्तारी की।
राष्ट्र प्रेस
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