5 अक्टूबर 2026
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नवरात्र पर उत्तर प्रदेश के सभी पूजा पंडालों में 16-18 अक्टूबर को नारी वंदन का आह्वान

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नवरात्र पर उत्तर प्रदेश के सभी पूजा पंडालों में 16-18 अक्टूबर को नारी वंदन का आह्वान

सारांश

शारदीय नवरात्र को नारी सशक्तिकरण के सामाजिक संकल्प से जोड़ने की पहल — हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला समिति ने उत्तर प्रदेश के हर पूजा पंडाल और मंदिर में 16-18 अक्टूबर को कन्या वंदन का आह्वान किया है, जो नवंबर में कानपुर में होने वाले मुख्य मेले की तैयारी का हिस्सा है।

मुख्य बातें

हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजन समिति, उत्तर प्रदेश ने 16, 17 और 18 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी पूजा पंडालों में कन्या वंदन और कन्या पूजन आयोजित करने का आह्वान किया है।
समिति ने लोगों से नारी और बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान तथा स्वाभिमान के प्रति संकल्प लेने की अपील की है।
क्षेत्रीय संयोजक अमरनाथ ने कहा कि नवरात्र नारी गरिमा को प्रतिष्ठित करने का भी अवसर है।
मुख्य आयोजन 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में होगा, जिसमें RSS और सामाजिक संगठनों की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी।
अक्टूबर के ये कार्यक्रम नवंबर के मुख्य मेले से पहले प्रदेशभर में जागरूकता अभियान का हिस्सा हैं।

हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजन समिति, उत्तर प्रदेश ने शारदीय नवरात्र के अवसर पर 16, 17 और 18 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के समस्त पूजा पंडालों, मंदिरों और सामाजिक संगठनों में कन्या वंदन एवं कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया है। समिति ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इन आयोजनों के माध्यम से नारी और बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान तथा स्वाभिमान के प्रति संकल्प लें।

आह्वान का उद्देश्य और संदेश

समिति के क्षेत्रीय संयोजक अमरनाथ ने कहा कि नारी का सम्मान केवल एक विचार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का संस्कार है। उनके अनुसार, नवरात्र शक्ति की आराधना का पर्व होने के साथ-साथ नारी गरिमा को प्रतिष्ठित करने का भी अवसर है। कन्या पूजन और कन्या वंदन के इन कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच और सम्मान को और मज़बूत करने का संदेश दिया जा रहा है।

नवरात्र और नारी शक्ति की परंपरा

भारतीय परंपरा में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा के भाव से जुड़ी है। नारी को शक्ति का स्वरूप मानने की यही सनातन मान्यता इस आयोजन की आधारशिला है। समिति का मानना है कि इसी भावना को सामाजिक जीवन में विस्तार देते हुए महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को प्राथमिकता देना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

आम जनता पर असर

समिति ने रेखांकित किया कि समाज की आधी आबादी की सुरक्षा और सम्मान पूरे समाज की खुशहाली से सीधे जुड़ा है। जब महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार, समाज और देश का विकास और सुदृढ़ होगा। शारदीय और वासंतिक नवरात्र दोनों ही अवसरों पर देश-दुनिया में सनातन धर्मावलंबी मां भगवती के नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं — यह आध्यात्मिक परंपरा नारी शक्ति के प्रति समाज की ज़िम्मेदारी का संदेश भी देती है।

मुख्य आयोजन: कानपुर में नवंबर में होगा मेला

गौरतलब है कि हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का मुख्य आयोजन 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में होगा। इस मेले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रमुख हस्तियाँ भाग लेंगी। अक्टूबर में नवरात्र के दौरान होने वाले ये कार्यक्रम मुख्य आयोजन से पहले प्रदेशभर में जागरूकता बढ़ाने की चरणबद्ध योजना का हिस्सा हैं।

क्या होगा आगे

समिति की अपील के अनुसार, 16 से 18 अक्टूबर के बीच उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में पूजा पंडालों और मंदिरों में कन्या पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य नवरात्र की आध्यात्मिक ऊर्जा को एक सामाजिक संकल्प में परिवर्तित करना है — जो नारी के सम्मान और उत्थान को केंद्र में रखे।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु असली परीक्षा इसके ज़मीनी असर में होगी। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के आँकड़े वर्षों से चिंताजनक बने हुए हैं — ऐसे में कन्या पूजन जैसे अनुष्ठानिक कार्यक्रम तब अर्थपूर्ण बनते हैं जब वे ठोस नीतिगत कदमों के साथ चलें। नवंबर में कानपुर में होने वाले मुख्य मेले में RSS और सरकारी हस्तियों की मौजूदगी इस आयोजन को एक व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक अभियान का रूप देती है, जिसका राजनीतिक निहितार्थ भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी वंदन कार्यक्रम कब और कहाँ होगा?
यह कार्यक्रम 16, 17 और 18 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के सभी पूजा पंडालों, मंदिरों और सामाजिक संगठनों में आयोजित किया जाएगा। शारदीय नवरात्र के दौरान होने वाले ये कार्यक्रम कन्या वंदन और कन्या पूजन पर केंद्रित होंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन कौन कर रहा है?
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेला आयोजन समिति, उत्तर प्रदेश इस आह्वान के पीछे है। समिति के क्षेत्रीय संयोजक अमरनाथ ने इसे नारी गरिमा और भारतीय संस्कृति के संस्कार से जोड़ते हुए प्रदेशवासियों से संकल्प लेने की अपील की है।
हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा मेले का मुख्य आयोजन कब और कहाँ होगा?
मुख्य मेला 26 से 30 नवंबर 2026 तक कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में आयोजित होगा। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रमुख हस्तियाँ शामिल होंगी।
नवरात्र में कन्या पूजन का क्या महत्व है?
भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना इसी भाव से जुड़ी है। कन्या पूजन इस आध्यात्मिक परंपरा को सामाजिक जीवन में व्यक्त करने का माध्यम माना जाता है, जो बेटियों के प्रति सम्मान और सकारात्मक सोच को मज़बूत करता है।
इन कार्यक्रमों में लोगों से क्या संकल्प लेने की अपील की गई है?
समिति ने लोगों से नारी और बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान तथा स्वाभिमान के प्रति संकल्प लेने की अपील की है। समिति का मानना है कि जब महिलाएं सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार, समाज और देश का विकास और सुदृढ़ होगा।
राष्ट्र प्रेस
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