नवरात्रि महासप्तमी: लखनऊ के जन भवन में 5,100 से अधिक कन्याओं का पूजन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कराया भोज
सारांश
मुख्य बातें
शारदीय नवरात्रि की महासप्तमी पर 18 अक्टूबर 2025 को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में 5,100 से अधिक कन्याओं का विधिवत पूजन किया गया। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वयं कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोज कराया और प्रत्येक कन्या को चुनरी एवं दक्षिणा भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने बच्चों को प्रतिभा निखारने, सुसंस्कार अपनाने तथा माता-पिता के सम्मान और राष्ट्र-सेवा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
इस भव्य आयोजन का संचालन संस्था 'प्रेरणा' के तत्वावधान में किया गया। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय मूल्यों और परंपराओं का जीवंत चित्रण किया। माँ दुर्गा पर आधारित नृत्य-नाटिका और 'मैंने तेरे ही भरोसे' भजन पर भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी गईं।
जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने 'मनुष्य तू बड़ा महान है' गीत प्रस्तुत कर जीवन की महत्ता और मानवीय मूल्यों को रेखांकित किया। राज्यपाल ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और इन्हें तैयार करने वाले शिक्षकों, प्रशिक्षकों तथा संस्था सदस्यों की भी भूरि-भूरि प्रशंसा की।
राज्यपाल का संदेश: शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास ज़रूरी
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक, रचनात्मक और खेलकूद गतिविधियाँ भी अनिवार्य हैं। उन्होंने कहा, 'इन गतिविधियों से बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभा, सृजनात्मकता और कौशल को निखारने का अवसर मिलता है, साथ ही उनमें संस्था और परिवार के प्रति अपनत्व की भावना भी विकसित होती है।'
उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे ऐसे परिवारों से आते हैं जहाँ कई तरह की कमियाँ हो सकती हैं। ऐसे में उन्हें उचित अवसर, पोषण और सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना समाज का सामूहिक दायित्व है।
जन भवन परिसर को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने की पहल
राज्यपाल ने जन भवन के विशाल प्रांगण, हरियाली और स्वच्छ वातावरण को बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस और विभिन्न पर्वों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, क्रिकेट और वॉलीबॉल प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाती हैं।
उन्होंने जन भवन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली पुष्प प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए बताया कि इसमें एक लाख से अधिक बच्चे, महिलाएँ, किसान और अन्य लोग भाग लेते हैं। उन्होंने किसानों को 'धरती पुत्र' बताते हुए उनके परिश्रम और योगदान के सम्मान पर बल दिया।
राज्यपाल ने बच्चों को गंगोत्री से गंगासागर तक चार धाम यात्रा-स्थलों और पंचतंत्र जैसे विषयों पर ज्ञान अर्जित करने, संबंधित स्थानों का भ्रमण करने तथा अपने अनुभवों पर निबंध लिखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सर्वश्रेष्ठ निबंधों के लेखकों को पुरस्कृत किया जाएगा।
इंद्रेश कुमार का संबोधन: नारी सम्मान भारतीय संस्कृति का आधार
कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि कन्या पूजन नारी शक्ति के सम्मान और भारतीय संस्कृति के उच्च आदर्शों का प्रतीक है। उन्होंने कहा, 'जहाँ नारी का आदर होता है, वहाँ मनुष्य अपनी मानवीय सीमाओं से ऊपर उठकर देवत्व की ओर अग्रसर होता है।'
इंद्रेश कुमार ने विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन आने वाली पीढ़ियों को भी नारी सम्मान के प्रति प्रेरित करते रहेंगे।
विद्यालय में मध्याह्न भोजन और कन्या भोज
कार्यक्रम के पश्चात राज्यपाल आनंदीबेन पटेल जन भवन स्थित आदर्श माध्यमिक विद्यालय पहुँचीं, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन परोसा और कन्या भोज के अंतर्गत विद्यालय की बालिकाओं को भी भोजन कराया। विद्यालय पहुँचने पर छात्राओं ने राज्यपाल और उपस्थित अतिथियों का पुष्प भेंट कर हार्दिक स्वागत किया। आगामी वर्षों में इस परंपरा को और व्यापक रूप देने की उम्मीद जताई जा रही है।