3 नवंबर 2026
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लखनऊ: नाबालिग की आत्महत्या में मुख्य आरोपी हंस कुमार गिरफ्तार, पुलिस चौकी इंचार्ज निलंबित

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लखनऊ: नाबालिग की आत्महत्या में मुख्य आरोपी हंस कुमार गिरफ्तार, पुलिस चौकी इंचार्ज निलंबित

सारांश

लखनऊ के रमगढ़ा गाँव में नाबालिग किशोरी की आत्महत्या का मामला पुलिस लापरवाही के सवाल भी उठाता है — पाँच महीने पहले दर्ज शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब मुख्य आरोपी हंस कुमार गिरफ्तार और चौकी इंचार्ज निलंबित।

मुख्य बातें

2 नवंबर 2026 को लखनऊ के रमगढ़ा गाँव में एक नाबालिग किशोरी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
परिजनों की तहरीर पर हंस कुमार समेत उसके परिवार के 4 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
मुख्य आरोपी हंस कुमार को पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
पाँच महीने पहले दर्ज मारपीट की शिकायत पर कार्रवाई न करने के कारण कसमंडी कला चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक विवेक कुमार तत्काल प्रभाव से निलंबित ।
निलंबित अधिकारी के खिलाफ विभागीय जाँच भी शुरू; शेष आरोपियों की जाँच जारी।

लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के रमगढ़ा गाँव में एक नाबालिग किशोरी की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही, पाँच महीने पहले दर्ज की गई मारपीट की शिकायत पर कोई कार्रवाई न करने के कारण कसमंडी कला चौकी के इंचार्ज उपनिरीक्षक विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

2 नवंबर 2026 को थाना मलिहाबाद के रमगढ़ा गाँव में एक नाबालिग किशोरी के फाँसी लगाकर आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस दल मौके पर पहुँचा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। महिला उपनिरीक्षक आशी गुप्ता ने शव का पंचायतनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की।

परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना मलिहाबाद में हंस कुमार (पुत्र श्याम सुंदर), उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम सुंदर और माँ राम लल्ली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

परिजनों के आरोप

मृतक किशोरी के परिजनों ने आरोप लगाया कि हंस कुमार लगातार किशोरी को डराता-धमकाता था और उस पर अपने साथ चलने के लिए दबाव बनाता था। परिजनों के अनुसार, करीब पाँच महीने पहले हंस कुमार और उसके परिवार के सदस्यों ने किशोरी के पिता राम लखन के साथ मारपीट की थी।

गौरतलब है कि दोनों परिवार न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि रिश्तेदार भी हैं — श्याम सुंदर और राम लखन के दादा आपस में सगे भाई थे। इस पारिवारिक और भौगोलिक निकटता के बावजूद विवाद को समय रहते नहीं सुलझाया जा सका।

पुलिस की लापरवाही और निलंबन

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पाँच महीने पहले हुई मारपीट की शिकायत कसमंडी कला चौकी पर दी गई थी, परंतु तत्कालीन चौकी इंचार्ज ने उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। एसीपी मलिहाबाद ने मामले की जाँच की, जिसमें प्रथम दृष्टया उपनिरीक्षक विवेक कुमार की लापरवाही सामने आई।

जन शिकायत के निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) ने उपनिरीक्षक विवेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जाँच भी शुरू कर दी है।

आम जनता पर असर

यह मामला इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि शिकायतों पर समय पर कार्रवाई न होने के कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि पाँच महीने पहले की मारपीट की शिकायत पर उचित कार्रवाई होती, तो इस दुखद घटना को टाला जा सकता था।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पुलिस की जवाबदेही और जन शिकायत निवारण तंत्र पर जन दबाव लगातार बढ़ रहा है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी हंस कुमार की गिरफ्तारी के बाद शेष आरोपियों के विरुद्ध जाँच और विधिक कार्रवाई जारी है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ निलंबित उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न उससे पहले। उत्तर प्रदेश में जन शिकायत निवारण प्रणाली की यह खामी नई नहीं है — सवाल यह है कि क्या यह निलंबन एक तात्कालिक प्रतिक्रिया है या जवाबदेही की दिशा में वास्तविक कदम। बिना संस्थागत सुधार के, ऐसे मामले दोहराए जाते रहेंगे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ नाबालिग आत्महत्या मामला क्या है?
2 नवंबर 2026 को लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के रमगढ़ा गाँव में एक नाबालिग किशोरी ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी हंस कुमार लगातार किशोरी को डराता-धमकाता था और उस पर दबाव बनाता था।
मुख्य आरोपी हंस कुमार पर क्या आरोप हैं?
परिजनों के अनुसार हंस कुमार किशोरी को धमकाता था और उस पर अपने साथ चलने का दबाव डालता था। इसके अलावा, पाँच महीने पहले उसने और उसके परिवार के सदस्यों ने किशोरी के पिता राम लखन के साथ मारपीट भी की थी।
कसमंडी कला चौकी इंचार्ज को क्यों निलंबित किया गया?
पाँच महीने पहले दर्ज मारपीट की शिकायत पर चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक विवेक कुमार ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की थी। एसीपी मलिहाबाद की जाँच में यह लापरवाही प्रमाणित होने पर पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जाँच शुरू की।
इस मामले में कितने आरोपी हैं और किसे गिरफ्तार किया गया?
इस मामले में कुल 4 आरोपियों — हंस कुमार, उसके भाई विनय कुमार, पिता श्याम सुंदर और माँ राम लल्ली — के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। मुख्य आरोपी हंस कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है और शेष आरोपियों की जाँच जारी है।
आगे इस मामले में क्या होगा?
पुलिस ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद शेष आरोपियों के विरुद्ध जाँच जारी रखी है। साथ ही निलंबित उपनिरीक्षक विवेक कुमार के खिलाफ विभागीय कार्यवाही चल रही है और न्यायिक प्रक्रिया अपना रास्ता लेगी।
राष्ट्र प्रेस
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