21 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

आरएसएस की विचारधारा में नफरत शामिल: राशिद अल्वी; सरकार से विदेशी ताकतों के नाम माँगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
आरएसएस की विचारधारा में नफरत शामिल: राशिद अल्वी; सरकार से विदेशी ताकतों के नाम माँगे

सारांश

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस को 'नफरत की विचारधारा' का वाहक बताया और सरकार से सीधा सवाल किया — विदेशी ताकतों के नाम बताओ और उन्हें गिरफ्तार करो। रेस कोर्स मस्जिद नोटिस और परिसीमन बिल पर भी विपक्ष ने मोर्चा खोला।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आरएसएस को नफरत की विचारधारा का संगठन बताया।
अल्वी ने केंद्र सरकार से माँग की कि वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों और उनके भारतीय एजेंटों के नाम सार्वजनिक करे।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर सर्वदलीय बैठक न बुलाने और एकतरफा बिल लाने का आरोप; कांग्रेस और विपक्ष ने समर्थन से इनकार किया।
रेस कोर्स मस्जिद को छह दिनों में खाली करने के नोटिस को अल्वी ने सांप्रदायिक राजनीति का हिस्सा बताया।
अल्वी ने 'रिजीम चेंज' को लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया से जोड़ा, सरकार पर ईमानदार चुनाव न कराने का आरोप।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आरएसएस और केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। अल्वी ने आरोप लगाया कि नफरत फैलाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मूल विचारधारा का हिस्सा है और सरकार से माँग की कि वह उन विदेशी ताकतों के नाम सार्वजनिक करे जिन पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया जाता है।

आरएसएस पर सीधा हमला

अल्वी ने कहा, 'भारत सरकार ने कई बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन यह संगठन कभी भी अपनी विचारधारा बदलने को तैयार नहीं हुआ। आरएसएस जो नफरत फैलाता है, वही उसकी किताबों में भी दिखता है। नफरत उसकी विचारधारा का एक मुख्य हिस्सा है।' गौरतलब है कि कांग्रेस और आरएसएस के बीच वैचारिक टकराव दशकों पुराना है, और इस तरह के बयान आमतौर पर किसी राजनीतिक संदर्भ में सामने आते हैं।

विदेशी ताकतों पर सरकार से जवाब-तलब

अल्वी ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, 'उनके नाम बताइए, उन देशों के नाम बताइए, इन गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों के नाम बताइए और भारत में उनके एजेंटों के नाम बताइए। जब आपकी पार्टी सत्ता में है, तो आप उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हैं?' उनका यह बयान सत्तारूढ़ दल के उन नेताओं के आरोपों के परिप्रेक्ष्य में आया है जो विदेशी हस्तक्षेप की बात करते हैं।

किरेन रिजिजू और परिसीमन विवाद

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए अल्वी ने कहा, 'किरेन रिजिजू न चर्चा करने को तैयार हैं, न ही सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार हैं और तानाशाहों की तरह कह रहे हैं कि हम बिल लाएंगे और विपक्ष उसे समर्थन दे।' उन्होंने यह भी कहा कि असम और कश्मीर में जो परिसीमन किया गया, वह 'असंवैधानिक' था, और आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं का नाम लेकर अपनी मर्जी का परिसीमन पूरे देश में लागू करना चाहती है। अल्वी ने स्पष्ट किया कि न कांग्रेस और न ही विपक्ष के दूसरे दल इस बिल को समर्थन देंगे।

रेस कोर्स मस्जिद नोटिस पर प्रतिक्रिया

रेस कोर्स मस्जिद को सरकारी ज़मीन पर अनधिकृत कब्जा बताते हुए छह दिनों में खाली करने के आदेश पर अल्वी ने कहा, 'वर्तमान सरकार शायद हिंदुस्तान की हर मस्जिद को सरकारी ज़मीन पर बनी हुई मस्जिद बता सकती है। मंदिर-मस्जिद के अलावा उनके पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कोई मुसलमान मंत्री नहीं है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा आरएसएस की 'मुस्लिम दुश्मनी' बार-बार सामने आती है।

रिजीम चेंज और लोकतंत्र पर अल्वी का बयान

'रिजीम चेंज' के बयान पर उन्होंने कहा, 'रिजीम तो भाजपा ने भी बदली है। हम लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के ज़रिए रिजीम बदलना चाहते हैं।' अल्वी ने यह भी कहा कि जो ईमानदारी से चुनाव नहीं करा रहे, उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ले तो 'छुपाने' का आरोप। रेस कोर्स मस्जिद नोटिस और परिसीमन बिल को एक ही बयान में जोड़ना यह दर्शाता है कि विपक्ष इन मुद्दों को एकल सांप्रदायिक आख्यान के रूप में पेश करना चाहता है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि ऐसे बयानों से ज़मीनी संवाद की बजाय सुर्खियों की राजनीति अधिक होती है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद अल्वी ने आरएसएस के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि आरएसएस नफरत फैलाता है और यह उसकी विचारधारा का मुख्य हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत सरकार ने कई बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन संगठन ने अपनी विचारधारा नहीं बदली।
अल्वी ने विदेशी ताकतों के बारे में सरकार से क्या माँग की?
अल्वी ने केंद्र सरकार से माँग की कि वह देश विरोधी गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों, उन देशों और भारत में उनके एजेंटों के नाम सार्वजनिक करे। उन्होंने यह भी पूछा कि सत्ता में होने के बावजूद सरकार उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही।
रेस कोर्स मस्जिद नोटिस विवाद क्या है?
रेस कोर्स मस्जिद को सरकारी ज़मीन पर अनधिकृत कब्जा बताते हुए छह दिनों में खाली करने का नोटिस दिया गया है। अल्वी ने इसे सरकार की सांप्रदायिक राजनीति का उदाहरण बताया और कहा कि सरकार मंदिर-मस्जिद के अलावा किसी और मुद्दे पर ध्यान नहीं देती।
कांग्रेस किरेन रिजिजू के परिसीमन बिल का विरोध क्यों कर रही है?
कांग्रेस का आरोप है कि किरेन रिजिजू न सर्वदलीय बैठक बुला रहे हैं, न चर्चा के लिए तैयार हैं, और एकतरफा बिल लाना चाहते हैं। अल्वी ने असम और कश्मीर में हुए परिसीमन को असंवैधानिक बताया और कहा कि कांग्रेस और विपक्ष के दल इस बिल को समर्थन नहीं देंगे।
अल्वी ने 'रिजीम चेंज' पर क्या कहा?
अल्वी ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से यानी चुनाव के ज़रिए सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो ईमानदारी से चुनाव नहीं करा रहे, उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 11 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले