आरएसएस की विचारधारा में नफरत शामिल: राशिद अल्वी; सरकार से विदेशी ताकतों के नाम माँगे
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 20 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आरएसएस और केंद्र सरकार पर तीखे प्रहार किए। अल्वी ने आरोप लगाया कि नफरत फैलाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की मूल विचारधारा का हिस्सा है और सरकार से माँग की कि वह उन विदेशी ताकतों के नाम सार्वजनिक करे जिन पर देश में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया जाता है।
आरएसएस पर सीधा हमला
अल्वी ने कहा, 'भारत सरकार ने कई बार आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन यह संगठन कभी भी अपनी विचारधारा बदलने को तैयार नहीं हुआ। आरएसएस जो नफरत फैलाता है, वही उसकी किताबों में भी दिखता है। नफरत उसकी विचारधारा का एक मुख्य हिस्सा है।' गौरतलब है कि कांग्रेस और आरएसएस के बीच वैचारिक टकराव दशकों पुराना है, और इस तरह के बयान आमतौर पर किसी राजनीतिक संदर्भ में सामने आते हैं।
विदेशी ताकतों पर सरकार से जवाब-तलब
अल्वी ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा, 'उनके नाम बताइए, उन देशों के नाम बताइए, इन गतिविधियों में शामिल विदेशी ताकतों के नाम बताइए और भारत में उनके एजेंटों के नाम बताइए। जब आपकी पार्टी सत्ता में है, तो आप उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे हैं?' उनका यह बयान सत्तारूढ़ दल के उन नेताओं के आरोपों के परिप्रेक्ष्य में आया है जो विदेशी हस्तक्षेप की बात करते हैं।
किरेन रिजिजू और परिसीमन विवाद
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू पर निशाना साधते हुए अल्वी ने कहा, 'किरेन रिजिजू न चर्चा करने को तैयार हैं, न ही सर्वदलीय बैठक बुलाने को तैयार हैं और तानाशाहों की तरह कह रहे हैं कि हम बिल लाएंगे और विपक्ष उसे समर्थन दे।' उन्होंने यह भी कहा कि असम और कश्मीर में जो परिसीमन किया गया, वह 'असंवैधानिक' था, और आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं का नाम लेकर अपनी मर्जी का परिसीमन पूरे देश में लागू करना चाहती है। अल्वी ने स्पष्ट किया कि न कांग्रेस और न ही विपक्ष के दूसरे दल इस बिल को समर्थन देंगे।
रेस कोर्स मस्जिद नोटिस पर प्रतिक्रिया
रेस कोर्स मस्जिद को सरकारी ज़मीन पर अनधिकृत कब्जा बताते हुए छह दिनों में खाली करने के आदेश पर अल्वी ने कहा, 'वर्तमान सरकार शायद हिंदुस्तान की हर मस्जिद को सरकारी ज़मीन पर बनी हुई मस्जिद बता सकती है। मंदिर-मस्जिद के अलावा उनके पास कोई दूसरा मुद्दा नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में कोई मुसलमान मंत्री नहीं है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा आरएसएस की 'मुस्लिम दुश्मनी' बार-बार सामने आती है।
रिजीम चेंज और लोकतंत्र पर अल्वी का बयान
'रिजीम चेंज' के बयान पर उन्होंने कहा, 'रिजीम तो भाजपा ने भी बदली है। हम लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव के ज़रिए रिजीम बदलना चाहते हैं।' अल्वी ने यह भी कहा कि जो ईमानदारी से चुनाव नहीं करा रहे, उन्हें अपने पदों से इस्तीफा देना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाता रहा है।