25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राशिद अल्वी का BJP पर पलटवार: 'विदेशी ताकतों से सबसे ज़्यादा संबंध भाजपा के, ट्रंप बोलते हैं सरकार चुप रहती है'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राशिद अल्वी का BJP पर पलटवार: 'विदेशी ताकतों से सबसे ज़्यादा संबंध भाजपा के, ट्रंप बोलते हैं सरकार चुप रहती है'

सारांश

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' वाले बयान को उन्हीं पर पलट दिया — ट्रंप की टिप्पणियों पर सरकार की चुप्पी से लेकर नानाजी देशमुख के भारत रत्न तक, अल्वी ने एक साथ कई मोर्चे खोल दिए।

मुख्य बातें

राशिद अल्वी ने 24 अक्टूबर को BJP अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' बयान पर पलटवार किया।
अल्वी ने माँग की कि भाजपा विदेशी ताकतों के नाम सार्वजनिक करे और संबंधित लोगों को गिरफ्तार करे।
डोनाल्ड ट्रंप की लगातार टिप्पणियों पर केंद्र सरकार की खामोशी को अल्वी ने विदेशी संबंधों का प्रमाण बताया।
नसीरुद्दीन शाह के बयान का हवाला देते हुए अल्वी ने कहा कि देश में लोकतंत्र कमज़ोर और तानाशाही मज़बूत हो रही है।
अल्वी ने नानाजी देशमुख के 1984 दंगों पर कथित रुख का उल्लेख करते हुए भाजपा से उनका भारत रत्न वापस लेने की माँग की।
1 नवंबर की इंडिया ब्लॉक रैली को टालने की माँग को अल्वी ने भाजपा की साज़िश बताया।

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 24 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। अल्वी ने कहा कि यदि विदेशी शक्तियों से संबंध की बात करनी है, तो भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए।

'नाम बताइए, गिरफ्तार कीजिए'

अल्वी ने कहा कि नितिन नवीन को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि किस विदेशी ताकत के साथ कौन मिला हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया, 'विदेशी ताकत का नाम भी बताइए और देश के अंदर कौन लोग हैं जो उस ताकत से मिलकर देश को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं — और यदि आपको यह जानकारी है, तो अब तक उनमें से किसी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?' अल्वी ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप हर रोज़ भारत से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करते हैं, फिर भी केंद्र सरकार खामोश बनी रहती है। उनके अनुसार, 'सबसे ज़्यादा संबंध तो अमेरिका के साथ आपके ही हैं।'

नसीरुद्दीन शाह के बयान पर लोकतंत्र की चिंता

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयान का संदर्भ देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि जब राजनीतिक हलकों से निकली बात युवाओं तक पहुँचे और फिर फिल्मी जगत के लोग भी उस पर खुलकर बोलने लगें, तो यह इस बात का संकेत है कि देश में लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है और तानाशाही की जड़ें मज़बूत होती जा रही हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल लगातार प्रेस की आज़ादी और नागरिक अधिकारों पर सवाल उठा रहे हैं।

नानाजी देशमुख और भारत रत्न विवाद

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1984 के दंगों पर दिए बयान को लेकर अल्वी ने कहा कि कांग्रेस उन दंगों के लिए पहले ही माफी माँग चुकी है और पार्टी ने कभी उनका समर्थन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता नानाजी देशमुख ने उन दंगों की हिमायत की थी और यह लेख एनडीए के तत्कालीन चेयरमैन जॉर्ज फर्नांडिस के समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। अल्वी ने भाजपा से माँग की कि वह पहले स्पष्ट करे कि क्या वह नानाजी देशमुख के उन विचारों से सहमत है — और यदि नहीं, तो उनका भारत रत्न वापस लिया जाए।

इंडिया ब्लॉक रैली और राहुल गांधी पर भाजपा के आरोप

1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को टालने की माँग पर अल्वी ने कहा कि इस पत्र के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि माहौल ठीक नहीं होता, तो पुलिस ने रैली की अनुमति ही नहीं दी होती। राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए अल्वी ने कहा कि भाजपा को डर है कि कांग्रेस की रैलियों में लाखों लोग आ रहे हैं क्योंकि जनता अब बदलाव चाहती है।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अल्वी की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अल्वी ने कहा कि भाजपा निश्चित रूप से मुसलमानों के खिलाफ राजनीति करती है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस बात से सहमत नहीं हैं कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। उनके अनुसार, पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर में भी लोगों की देखभाल नहीं कर पा रहा — वहाँ प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और नवाज शरीफ के खिलाफ भी आंदोलन हुए हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक वाकयुद्ध और तीखा होने की संभावना है, खासकर इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे वे जॉर्ज फर्नांडिस के अखबार से जोड़ते हैं। मुख्यधारा की कवरेज इस बयानबाज़ी को महज़ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की तरह पेश करती है, जबकि असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष इन मुद्दों को चुनावी एजेंडे में बदल पाएगा।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद अल्वी ने भाजपा पर 'विदेशी ताकत' के मुद्दे पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को विदेशी ताकतों का नाम सार्वजनिक करना चाहिए और संबंधित लोगों को गिरफ्तार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप की लगातार टिप्पणियों पर सरकार की चुप्पी यह दर्शाती है कि विदेशी शक्तियों से असली संबंध भाजपा के हैं।
अल्वी ने नानाजी देशमुख का भारत रत्न वापस लेने की माँग क्यों की?
अल्वी ने दावा किया कि RSS नेता नानाजी देशमुख ने 1984 के दंगों की हिमायत की थी और यह लेख एनडीए के तत्कालीन चेयरमैन जॉर्ज फर्नांडिस के समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। उन्होंने भाजपा से माँग की कि वह स्पष्ट करे कि क्या वह नानाजी के उन विचारों से सहमत है, और यदि नहीं, तो उनका भारत रत्न वापस लिया जाए।
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर अल्वी ने क्या कहा?
अल्वी ने कहा कि जब राजनीतिक बातें युवाओं तक पहुँचें और फिल्मी हस्तियाँ भी उन पर बोलने लगें, तो यह संकेत है कि देश में लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है। उन्होंने इसे तानाशाही की मज़बूत होती प्रवृत्ति का प्रमाण बताया।
इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली पर अल्वी का क्या रुख है?
अल्वी ने रैली टालने की माँग को भाजपा की साज़िश बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यदि माहौल खराब होता तो पुलिस ने अनुमति नहीं दी होती, और पुलिस कांग्रेस के अधीन नहीं है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अल्वी की क्या प्रतिक्रिया थी?
अल्वी ने माना कि भाजपा मुसलमानों के खिलाफ राजनीति करती है, लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस बात से सहमत नहीं हैं कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर में भी लोगों की ठीक से देखभाल नहीं कर पा रहा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले