राशिद अल्वी का BJP पर पलटवार: 'विदेशी ताकतों से सबसे ज़्यादा संबंध भाजपा के, ट्रंप बोलते हैं सरकार चुप रहती है'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने 24 अक्टूबर को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के 'विदेशी ताकत' वाले बयान पर तीखा पलटवार किया। अल्वी ने कहा कि यदि विदेशी शक्तियों से संबंध की बात करनी है, तो भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए।
'नाम बताइए, गिरफ्तार कीजिए'
अल्वी ने कहा कि नितिन नवीन को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि किस विदेशी ताकत के साथ कौन मिला हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया, 'विदेशी ताकत का नाम भी बताइए और देश के अंदर कौन लोग हैं जो उस ताकत से मिलकर देश को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं — और यदि आपको यह जानकारी है, तो अब तक उनमें से किसी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?' अल्वी ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप हर रोज़ भारत से जुड़े मुद्दों पर टिप्पणी करते हैं, फिर भी केंद्र सरकार खामोश बनी रहती है। उनके अनुसार, 'सबसे ज़्यादा संबंध तो अमेरिका के साथ आपके ही हैं।'
नसीरुद्दीन शाह के बयान पर लोकतंत्र की चिंता
अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के हालिया बयान का संदर्भ देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि जब राजनीतिक हलकों से निकली बात युवाओं तक पहुँचे और फिर फिल्मी जगत के लोग भी उस पर खुलकर बोलने लगें, तो यह इस बात का संकेत है कि देश में लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है और तानाशाही की जड़ें मज़बूत होती जा रही हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब विपक्षी दल लगातार प्रेस की आज़ादी और नागरिक अधिकारों पर सवाल उठा रहे हैं।
नानाजी देशमुख और भारत रत्न विवाद
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के 1984 के दंगों पर दिए बयान को लेकर अल्वी ने कहा कि कांग्रेस उन दंगों के लिए पहले ही माफी माँग चुकी है और पार्टी ने कभी उनका समर्थन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता नानाजी देशमुख ने उन दंगों की हिमायत की थी और यह लेख एनडीए के तत्कालीन चेयरमैन जॉर्ज फर्नांडिस के समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ था। अल्वी ने भाजपा से माँग की कि वह पहले स्पष्ट करे कि क्या वह नानाजी देशमुख के उन विचारों से सहमत है — और यदि नहीं, तो उनका भारत रत्न वापस लिया जाए।
इंडिया ब्लॉक रैली और राहुल गांधी पर भाजपा के आरोप
1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को टालने की माँग पर अल्वी ने कहा कि इस पत्र के पीछे भाजपा का हाथ है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि माहौल ठीक नहीं होता, तो पुलिस ने रैली की अनुमति ही नहीं दी होती। राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए अल्वी ने कहा कि भाजपा को डर है कि कांग्रेस की रैलियों में लाखों लोग आ रहे हैं क्योंकि जनता अब बदलाव चाहती है।
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अल्वी की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के बयान पर अल्वी ने कहा कि भाजपा निश्चित रूप से मुसलमानों के खिलाफ राजनीति करती है। हालाँकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस बात से सहमत नहीं हैं कि पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है। उनके अनुसार, पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर में भी लोगों की देखभाल नहीं कर पा रहा — वहाँ प्रतिदिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और नवाज शरीफ के खिलाफ भी आंदोलन हुए हैं। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक वाकयुद्ध और तीखा होने की संभावना है, खासकर इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले।