क्या आरएसएस के बिना भाजपा कुछ नहीं? मतभेद उनका निजी मामला: राशिद अल्वी

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क्या आरएसएस के बिना भाजपा कुछ नहीं? मतभेद उनका निजी मामला: राशिद अल्वी

सारांश

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने आरएसएस और आप के नेताओं पर तीखे हमले किए। क्या आरएसएस के बिना भाजपा का अस्तित्व है? जानिए उनके बयानों का पूरा सच।

Key Takeaways

  • आरएसएस और बीजेपी के बीच संबंध जटिल हैं।
  • मोहन भागवत के बयानों पर सवाल उठाना आवश्यक है।
  • दिल्ली के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का योगदान महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला किया है।

उन्होंने मोहन भागवत के जनसंख्या वृद्धि और रिटायरमेंट से संबंधित बयानों पर सवाल उठाए, साथ ही अरविंद केजरीवाल के नेशनल हेराल्ड मामले और दिल्ली के विकास को लेकर दिए गए बयानों को हास्यास्पद बताया।

राशिद अल्वी ने मोहन भागवत के हालिया बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा, "क्या मोहन भागवत देश में विस्फोट करवाना चाहते हैं? जनसंख्या पहले से ही तेजी से बढ़ रही है, लोगों के पास रोजगार नहीं है, और वह तीन बच्चों की बात कर रहे हैं। पहले आरएसएस कम बच्चे पैदा करने की सलाह देता था, अब भागवत इसका उल्टा कह रहे हैं। आखिर वह देश को कहां ले जाना चाहते हैं?"

उन्होंने आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच मतभेदों की अटकलों पर भी टिप्पणी की। अल्वी ने कहा, "यह उनका निजी मामला हो सकता है कि उनके बीच मतभेद है, लेकिन यह सभी जानते हैं कि बीजेपी को आरएसएस चलाता है। आरएसएस के बिना बीजेपी कुछ नहीं है और कोई भी बड़ा निर्णय नहीं ले सकती।"

75 साल की उम्र में रिटायरमेंट के मुद्दे पर राशिद अल्वी ने मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मोहन भागवत ने खुद 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट की बात कही थी, लेकिन अब वह इससे मुकर रहे हैं। पीएमं मोदी भी कहते थे कि 75 साल के बाद रिटायर हो जाना चाहिए। अब दोनों के बीच क्या खिचड़ी पक रही है, यह हमें नहीं पता।"

वहीं आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा है कि नेशनल हेराल्ड केस में गांधी परिवार के किसी भी सदस्य को जेल नहीं भेजा गया, जबकि आप नेताओं को फर्जी मामलों में जेल में डाला गया। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का बयान हास्यास्पद है। वह कहते हैं कि उनके नेता झूठे केस में फंसे हैं, लेकिन कांग्रेस के नेता सच्चे केस में जेल जा रहे हैं। यह गजब का तर्क है। अगर भ्रष्टाचार करेंगे, तो जेल जाना पड़ेगा, चाहे कोई भी हो। केजरीवाल के बयानों में कोई तर्क नहीं है।"

उन्होंने कहा, "दिल्ली में जो भी बड़े काम हुए, जैसे हाईवे, एम्स, और बड़े अस्पताल, वह सब पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सरकार की देन हैं। आपने तो सिर्फ भ्रष्टाचार और घोटाले किए। आज दिल्ली का जो हाल है, उसके लिए केजरीवाल को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक मतभेद हमेशा से रहे हैं। लेकिन जब बात बीजेपी और आरएसएस की होती है, तो यह समझना आवश्यक है कि उनके बीच की जटिलता देश के लिए महत्वपूर्ण है। नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि उनके नेता किस दिशा में बढ़ रहे हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

राशिद अल्वी ने किस पर हमला बोला?
उन्होंने मोहन भागवत और अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बयानों को हास्यास्पद करार दिया।
आरएसएस का बीजेपी पर क्या प्रभाव है?
राशिद अल्वी ने कहा कि आरएसएस के बिना बीजेपी कुछ नहीं है और कोई भी बड़ा निर्णय नहीं ले सकती।
क्या मोहन भागवत का तीन बच्चों की सलाह पर सवाल उठाया गया?
हां, राशिद अल्वी ने भागवत के इस बयान पर कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया।