नागालैंड-अरुणाचल भूस्खलन: राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा और खड़गे ने जताया दुख, कार्यकर्ताओं से राहत कार्य में जुटने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के शीर्ष नेताओं — लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे — ने 6 अगस्त 2026 को नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में आए विनाशकारी भूस्खलन और अचानक बाढ़ से हुई जान-माल की तबाही पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। तीनों नेताओं ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि दोनों राज्यों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से हुई जान-माल की भारी तबाही से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने कहा, 'पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में हर संभव मदद करें और यह भी कहा कि वे इस मुश्किल घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़े हैं।
खड़गे और प्रियंका वाड्रा की संवेदनाएं
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति वे गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की ओर से दोनों राज्यों के लोगों के साथ एकजुटता का संकल्प दोहराया और पार्टी कार्यकर्ताओं से राहत, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में सक्रिय रूप से जुटने की अपील की।
सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भूस्खलन और अचानक बाढ़ से हुई तबाही को 'दिल दहला देने वाली' बताया। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने और प्रभावित सभी लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की, साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संकट की इस घड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी शक्ति से जुटने का आग्रह किया।
अन्य कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने भी दोनों राज्यों में हुई तबाही पर गहरा दुख जताया। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वे घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। रेड्डी ने जमीनी स्तर पर राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में सक्रिय सहयोग की अपील की और कहा कि पार्टी हर प्रभावित परिवार के साथ पूरी एकजुटता से खड़ी है।
आपदा का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत में मानसून के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएं हर वर्ष जनजीवन को प्रभावित करती हैं। नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में भूगर्भीय संरचना और वनों की कटाई इन आपदाओं को और विकराल बनाती है। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर के राज्य बार-बार इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में आते हैं, जिससे राहत तंत्र और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठते रहे हैं।
आगे क्या
राहत और बचाव कार्य जारी हैं। कांग्रेस नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं को प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। दोनों राज्यों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल स्थिति का आकलन कर रहे हैं और राहत सामग्री वितरण में तेजी लाने की कोशिश की जा रही है।