केरल में भारी बारिश: 12 की मौत पर राहुल-प्रियंका गांधी ने जताया शोक, कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत में जुटने का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
केरल में 2 अगस्त 2026 को जारी भारी बारिश ने राज्य के कई जिलों में तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी घटनाओं के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कई जिलों में निचले इलाके जलमग्न हैं और सड़क संपर्क टूट गया है।
मुख्य घटनाक्रम
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण केरल की नदियाँ और नाले उफान पर आ गए हैं। निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएँ सामने आई हैं। अधिकारियों ने भूस्खलन-संभावित पहाड़ी इलाकों में कड़ी निगरानी रखी है और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया
लोकसभा में विपक्ष के नेता और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'केरल में भारी बारिश से हुई तबाही से मैं बेहद दुखी हूँ। जिन लोगों की जान गई है, उनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ हैं। ईश्वर करे कि जो लोग अभी भी लापता हैं, वे सुरक्षित मिल जाएँ और घायल जल्द स्वस्थ हो जाएँ।' उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों से अधिकारियों और प्रभावित समुदायों को हर संभव सहयोग देने का आह्वान किया।
प्रियंका गांधी की अपील
वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बारिश से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपनों को खोने वाले परिवारों के दुख में शामिल होते हुए लापता लोगों की सुरक्षित वापसी और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की। प्रियंका ने वीडी सतीशान के नेतृत्व वाली यूडीएफ सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव अभियान का उल्लेख करते हुए कांग्रेस और यूडीएफ कार्यकर्ताओं से प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।
राहत एवं बचाव की स्थिति
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की सहायता और राहत एवं पुनर्वास कार्यों के समन्वय के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अधिकारियों ने भूस्खलन-संभावित पहाड़ी क्षेत्रों में कड़ी निगरानी बनाए रखी है। गौरतलब है कि वायनाड पहले भी विनाशकारी भूस्खलन की चपेट में आ चुका है, जिससे यह क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील माना जाता है।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार केरल के कई जिलों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की आशंका है। बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं और प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुँचाने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से नदियों और पहाड़ी ढलानों के पास न जाने की अपील की है।