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नागपुर विधान परिषद उपचुनाव: मतगणना शुरू, भाजपा के डॉ. पोतदार बनाम कांग्रेस के लोंढे में कड़ी टक्कर

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नागपुर विधान परिषद उपचुनाव: मतगणना शुरू, भाजपा के डॉ. पोतदार बनाम कांग्रेस के लोंढे में कड़ी टक्कर

सारांश

नागपुर स्थानीय स्वराज्य संस्था सीट पर विधान परिषद उपचुनाव की मतगणना शुरू हो गई है। 836 में से 823 जनप्रतिनिधियों ने वोट डाले — रिकॉर्ड 98.44% मतदान। भाजपा के डॉ. पोतदार की जीत की संभावना प्रबल, लेकिन क्रॉस वोटिंग पर सबकी नजर।

मुख्य बातें

नागपुर स्थानीय स्वराज्य संस्था विधान परिषद उपचुनाव की मतगणना 22 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू हुई।
राजीव पोतदार और कांग्रेस के अतुल लोंढे के बीच सीधा मुकाबला है।
कुल 836 मतदाताओं में से 823 ने मतदान किया — 98.44% का रिकॉर्ड मतदान।
कांग्रेस के पास कुल 169 वोट ; क्रॉस वोटिंग पर सभी की नजर।
यह सीट राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के 2024 में विधानसभा के लिए चुने जाने पर रिक्त हुई थी।
जिले में 14 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें नरखेड़, काटोल, रामटेक सहित अन्य क्षेत्र शामिल थे।

महाराष्ट्र विधान परिषद के नागपुर स्थानीय स्वराज्य संस्था निर्वाचन क्षेत्र में उपचुनाव की मतगणना सोमवार, 22 जून 2026 को सुबह 8 बजे से शुरू हो गई। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार डॉ. राजीव पोतदार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रत्याशी अतुल लोंढे के बीच सीधा मुकाबला है। मौजूदा संख्याबल को देखते हुए डॉ. पोतदार की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है।

मतगणना की व्यवस्था

मतगणना के लिए प्रशासन ने चार विशेष टीमें गठित की हैं, जिनमें मतगणना पर्यवेक्षक, मतगणना सहायक और माइक्रो ऑब्जर्वर शामिल हैं। मतों की गिनती चार टेबलों पर की जा रही है, जिनमें से एक टेबल विशेष रूप से टैब्यूलेशन के लिए निर्धारित है। प्रशासन ने मतगणना केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी है ताकि प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

रिकॉर्ड मतदान और वोटों का गणित

इस उपचुनाव में गुरुवार को हुए मतदान में 98.44 प्रतिशत का रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। कुल 836 मतदाताओं में से 823 जनप्रतिनिधियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। गौरतलब है कि यह चुनाव आम जनता नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि लड़ते हैं।

वोटों के गणित पर सबसे अधिक चर्चा है। कुल 836 मतदाताओं में से कांग्रेस के पास 169 वोट थे। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस के वोट कितनी मजबूती से अतुल लोंढे के साथ बने रहते हैं और क्रॉस वोटिंग की कोई संभावना है या नहीं।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

यह सीट राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुने जाने के बाद विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी। चुनाव प्रक्रिया के तहत 25 मई को अधिसूचना जारी की गई थी और मतदान के बाद अब सभी की निगाहें अंतिम परिणाम पर टिकी हैं।

मतदान केंद्रों का विस्तार

जिले भर में कुल 14 मतदान केंद्र स्थापित किए गए थे, जिनमें नरखेड़, काटोल, कळमेश्वर, सावनेर, पारशिवनी, कन्हान-पिंपरी, रामटेक, मौदा, कामठी, नागपुर शहर, वानाडोंगरी और बुटीबोरी की विभिन्न तहसील एवं नगर परिषद कार्यालय शामिल थे। इन केंद्रों पर नगर परिषदों, नगर पंचायतों, महानगरपालिका और कैंटोनमेंट बोर्ड के सदस्यों ने मतदान किया था।

आगे क्या

मतगणना जारी रहने के साथ अंतिम परिणाम सोमवार को ही घोषित होने की संभावना है। यह परिणाम महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी दोनों के लिए स्थानीय निकाय राजनीति में अपनी पकड़ को आँकने का एक महत्वपूर्ण पैमाना बनेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि यह मतदान केवल 836 निर्वाचित जनप्रतिनिधियों तक सीमित था — आम मतदाता इस प्रक्रिया से बाहर हैं। स्थानीय निकाय-आधारित विधान परिषद सीटों पर क्रॉस वोटिंग की परंपरा महाराष्ट्र में पुरानी है, और कांग्रेस के 169 वोट यह तय करेंगे कि परिणाम कितना करीबी रहता है। बावनकुले की विरासत वाली इस सीट पर भाजपा की पकड़ बनाए रखना महायुति के लिए नागपुर में प्रतीकात्मक रूप से महत्वपूर्ण है, और परिणाम आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की रणनीति को भी प्रभावित करेगा।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर विधान परिषद उपचुनाव में कौन-कौन से प्रत्याशी हैं?
इस उपचुनाव में भाजपा के डॉ. राजीव पोतदार और कांग्रेस के अतुल लोंढे के बीच सीधा मुकाबला है। मौजूदा संख्याबल के आधार पर डॉ. पोतदार की जीत की संभावना प्रबल मानी जा रही है।
नागपुर स्थानीय स्वराज्य संस्था सीट पर उपचुनाव क्यों हुआ?
यह सीट राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद विधान परिषद सदस्यता से इस्तीफा देने के कारण रिक्त हुई थी। 25 मई को अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई।
इस उपचुनाव में कितने लोगों ने मतदान किया?
कुल 836 मतदाताओं में से 823 जनप्रतिनिधियों ने मतदान किया, जो 98.44% की रिकॉर्ड मतदान दर है। इस चुनाव में आम जनता नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य ही वोट डालते हैं।
क्रॉस वोटिंग की चर्चा क्यों हो रही है?
कांग्रेस के पास कुल 836 मतदाताओं में से केवल 169 वोट थे। सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस के प्रतिनिधि अपने उम्मीदवार अतुल लोंढे के साथ एकजुट रहते हैं या कुछ वोट भाजपा की ओर जाते हैं।
मतगणना की प्रक्रिया कैसे संपन्न हो रही है?
मतगणना के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं और मतों की गिनती चार टेबलों पर हो रही है, जिनमें एक टैब्यूलेशन के लिए है। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और शांतिपूर्ण रहे।
राष्ट्र प्रेस
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