नैनीताल माल रोड 'नो हॉर्न जोन': 1 अगस्त से लागू नियम पर टैक्सी यूनियन और विशेषज्ञों ने जताई आपत्ति
सारांश
मुख्य बातें
नैनीताल के माल रोड को 1 अगस्त 2026 से 'नो हॉर्न जोन' घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन के इस निर्देश के तहत तल्लीताल डांठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक के पूरे खंड में वाहन चालकों को हॉर्न बजाना प्रतिबंधित है। उत्तराखंड के इस पर्यटन नगर में ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम अब विवाद के केंद्र में है।
निर्णय की पृष्ठभूमि
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 21 जुलाई को हुई बैठक में माल रोड को 'नो हॉर्न जोन' बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद परिवहन विभाग, पुलिस और नगर पालिका ने संयुक्त रूप से टैक्सी यूनियनों, स्थानीय व्यापारियों और वाहन चालकों के बीच जागरूकता अभियान चलाया। नियम उल्लंघन करने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
टैक्सी यूनियन की आपत्ति
टैक्सी यूनियन के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि यह नियम व्यावहारिक रूप से कठिन है। उनके अनुसार, लोअर माल रोड पर निर्माण कार्य जारी होने के कारण संपूर्ण यातायात अपर माल रोड पर केंद्रित हो गया है। ऐसे में बिना हॉर्न के वाहन चलाना न केवल चालकों के लिए, बल्कि सड़क पर चलने वाले राहगीरों — विशेषकर बुजुर्गों — के लिए भी जोखिमभरा हो सकता है। जोशी ने कहा कि यदि कोई दुर्घटना होती है तो कानूनी जिम्मेदारी वाहन चालक पर आती है, जो अनुचित है।
इतिहासकार और विशेषज्ञ की राय
इतिहासकार प्रो. अजय रावत ने भी इस नियम के समय पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब तक लोअर माल रोड पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाता, तब तक यह प्रतिबंध लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नैनीताल आने वाले पर्यटक प्रायः यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं और लगातार हॉर्न बजाते रहते हैं — ऐसे में अपर माल रोड पर एकतरफा यातायात के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है।
आम जनता पर असर
स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों को इस नियम के चलते असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अपर माल रोड पर वाहनों का दबाव पहले से अधिक है और संकरे रास्तों पर बिना हॉर्न के आवाजाही जटिल हो गई है। बुजुर्ग पैदल यात्रियों के लिए खतरा बढ़ने की आशंका विशेष रूप से व्यक्त की जा रही है।
आगे क्या
पुलिस फिलहाल वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के साथ उल्लंघनकर्ताओं पर नज़र रख रही है। टैक्सी यूनियन और स्थानीय विशेषज्ञों की माँग है कि जिला प्रशासन लोअर माल रोड के पुनर्निर्माण तक इस नियम को स्थगित करे अथवा वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण दोनों लक्ष्य एक साथ साधे जा सकें।