नमो भारत पर श्रमिकों के 100 से अधिक बच्चों की शैक्षिक यात्रा, मेरठ में स्वच्छता का संदेश
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने 25 सितंबर 2026 को मेरठ के राज्य संचालित आवासीय विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नमो भारत ट्रेन पर एक विशेष शैक्षिक यात्रा आयोजित की। 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य श्रमिकों और मज़दूरों के बच्चों को आधुनिक क्षेत्रीय सार्वजनिक परिवहन प्रणाली से परिचित कराना और स्वच्छता को नागरिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
किन विद्यालयों के बच्चे हुए शामिल
इस यात्रा में विहान बालिका आवासीय विद्यालय और विहान बालक आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया। ये दोनों विद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग की कल्याणकारी योजना के तहत संचालित होते हैं और उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (बीओसीडब्ल्यूडब्ल्यू) के माध्यम से निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराते हैं।
गौरतलब है कि इन विद्यालयों के अधिकांश विद्यार्थी ऐसे परिवारों से आते हैं जो आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं और जिनके लिए नमो भारत जैसी आधुनिक परिवहन सुविधा का प्रत्यक्ष अनुभव एक असाधारण अवसर था।
मुख्य घटनाक्रम
मेरठ के श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ सभी प्रतिभागी बेगमपुल नमो भारत स्टेशन पहुँचे, जहाँ से उन्होंने नमो भारत ट्रेन में सवार होकर यात्रा की। एनसीआरटीसी की टीम ने इस दौरान बच्चों को ट्रेन की विशेषताओं, 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति, पूरी तरह वातानुकूलित कोच और यात्री सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को मेरठ मेट्रो में भी सवारी करने का मौका मिला, जो नमो भारत के उसी इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होती है। एक ही स्टेशन से क्षेत्रीय और स्थानीय सार्वजनिक परिवहन के एकीकृत संचालन को बच्चों ने प्रत्यक्ष रूप से समझा — जो उनके लिए शायद सबसे आकर्षक अनुभव रहा।
स्वच्छता का पाठ और क्विज़
यात्रा को केवल भ्रमण तक सीमित न रखते हुए एनसीआरटीसी की टीम ने विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता पर संवाद किया। उन्हें यह समझाया गया कि सार्वजनिक स्थानों की सफाई केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है।
यात्रा को संवादात्मक बनाने के लिए नमो भारत पर एक विशेष क्विज़ का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने आधुनिक परिवहन से जुड़े सवालों के जवाब दिए और नई जानकारियाँ हासिल कीं। यात्रा के अंत में विद्यार्थियों ने स्वच्छता की शपथ ली और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
नमो भारत की राइडरशिप का बड़ा आँकड़ा
एनसीआरटीसी के अनुसार, नमो भारत कॉरिडोर ने परिचालन शुरू होने के बाद से अब तक 4.5 करोड़ से अधिक यात्राओं का महत्वपूर्ण आँकड़ा पार कर लिया है। हाल ही में कॉरिडोर पर एक ही दिन में 1.68 लाख से अधिक यात्रियों की सर्वाधिक दैनिक राइडरशिप भी दर्ज की गई है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सार्वजनिक परिवहन के प्रति युवा पीढ़ी की जागरूकता बढ़ाने के प्रयास तेज़ हो रहे हैं। एनसीआरटीसी के अनुसार, इस तरह की शैक्षिक यात्राओं के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल आधुनिक परिवहन की जानकारी दी जाती है, बल्कि उन्हें सार्वजनिक संपत्ति का जिम्मेदार उपयोग करने वाले जागरूक नागरिक बनाने की दिशा में भी प्रेरित किया जाता है।