9 अक्टूबर 2026
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नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की जीत पर पवन सिंह बोले — हारते ही विपक्ष को याद आती है 'वोट चोरी'

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नंदीग्राम-रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की जीत पर पवन सिंह बोले — हारते ही विपक्ष को याद आती है 'वोट चोरी'

सारांश

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में भाजपा की जीत के बाद विधायक पवन सिंह का तंज — 'विपक्ष हारते ही वोट चोरी याद आती है।' यह जीत 2026 में सत्ता बदलने के बाद भाजपा का पहला बड़ा उपचुनावी इम्तिहान थी, और नतीजा पार्टी के दावों को बल देता है।

मुख्य बातें

भाजपा ने 9 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों उपचुनाव सीटें जीतीं।
विधायक पवन सिंह ने जीत पर खुशी जताई और कहा कि 'बंगाल के लोगों के लिए यह अच्छा संदेश है।' पवन सिंह ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों को 'हार की हताशा का प्रोपैगेंडा' बताया।
उन्होंने दावा किया कि 34 वर्षों की पिछली सरकारों की खामियाँ डेढ़ साल में दूर की जाएंगी।
पवन सिंह के अनुसार, अल्पसंख्यक मतदाताओं की सोच में चार-पाँच महीनों में बदलाव आया और वे भाजपा से जुड़ने को तैयार हुए।

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद पार्टी के विधायक पवन सिंह ने 9 अक्टूबर 2026 को खुशी जताई और विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर तीखा कटाक्ष किया। उनका कहना था कि हार की हताशा में विपक्ष हर बार यही 'प्रोपैगेंडा' दोहराता है।

जीत पर भाजपा की प्रतिक्रिया

विधायक पवन सिंह ने भाटपाड़ा में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'हमारे पार्टी के उम्मीदवार दोनों जगहों से जीत गए, उनकी इस जीत के लिए बहुत-बहुत बधाई। आने वाले समय में हम लोग विधानसभा में मिलेंगे और बातें करेंगे।' उन्होंने कहा कि विधानसभा में आगे की रणनीति मिलकर तय की जाएगी और 'बंगाल के लोगों के लिए अच्छा संदेश है, तभी तो भाजपा जीत रही है।'

पवन सिंह ने यह भी कहा कि पिछली सरकारों ने 34 वर्षों में जो काम नहीं किया, उसे मौजूदा सरकार बहुत कम समय में सुधारने में जुटी है। उनके अनुसार, डेढ़ साल के भीतर उन खामियों को दूर किया जाएगा जिसके बाद व्यवस्था सुचारु रूप से काम करेगी।

विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार

उपचुनाव परिणामों पर टिप्पणी करते हुए पवन सिंह ने कहा कि जीत की उम्मीद पहले से ही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'जीतने के बाद फिर से सभी को एक चीज सुनने को मिलेगी कि हम लोगों ने वोट चोरी की है। जहाँ विपक्ष हारता है, वो पहले से इस तरह का प्रोपैगेंडा शुरू कर देता है।' उनका कहना था कि हार की हताशा को विपक्ष इसी तरह व्यक्त करता है।

धांधली के आरोपों पर पवन सिंह ने सीधा पलटवार किया — 'फिर तो मैं भी यह कह सकता हूँ कि जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार थी, वो जब भी जीतती थी, तो क्या वो चोरी करती थी? वो तो फिर बड़े पैमाने पर चोरी करती होगी।' यह बयान उन्होंने TMC के कथित दबाव और चुनावी आरोपों के संदर्भ में दिया।

अल्पसंख्यक मतदाताओं के जुड़ाव का दावा

पवन सिंह ने यह भी दावा किया कि चुनाव अभियान के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के लोग खुद भाजपा से जुड़ने की इच्छा जता रहे थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों को पहले यह डर दिखाया गया था कि भाजपा की सरकार बनने पर उन्हें कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

हालाँकि, उनके अनुसार, सरकार बदलने के चार-पाँच महीनों में इन मतदाताओं ने स्वयं महसूस किया कि सरकार सभी वर्गों के लिए काम करना चाहती है, जिससे उनकी सोच में बदलाव आया और उन्होंने भाजपा को मौका देने का निर्णय लिया।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील और प्रतीकात्मक सीट रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा की सत्ता में वापसी हुई है और उपचुनाव नई सरकार के लिए जनमत का पहला बड़ा परीक्षण थे। इन दोनों सीटों पर जीत भाजपा नेतृत्व के लिए राजनीतिक मजबूती का संदेश है। पार्टी अब विधानसभा में अपनी रणनीति और आगे की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की तैयारी में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक उलझन भी है — वोट चोरी के आरोपों को 'हमेशा हारने वाले लगाते हैं' कहकर खारिज करना खुद एक राजनीतिक युक्ति है, तथ्यात्मक खंडन नहीं। नंदीग्राम जैसी सीट पर जीत का प्रतीकात्मक महत्व भले बड़ा हो, असली परीक्षा यह है कि क्या भाजपा सरकार शासन के वादों को ज़मीन पर उतार पाती है। अल्पसंख्यक मतदाताओं के जुड़ाव का दावा सत्यापन माँगता है — चुनावी बयान और मतदान आँकड़े अलग-अलग कहानी बता सकते हैं। उपचुनाव की जीत सत्तारूढ़ दल के लिए स्वाभाविक रूप से अनुकूल होती है; इसलिए इसे जनादेश की पुनरावृत्ति मानना जल्दबाजी होगी।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में किसने जीत दर्ज की?
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 9 अक्टूबर 2026 को नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों उपचुनाव सीटों पर जीत हासिल की। यह पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सरकार का पहला बड़ा उपचुनावी इम्तिहान था।
पवन सिंह ने विपक्ष पर क्या तंज कसा?
भाजपा विधायक पवन सिंह ने कहा कि जहाँ भी विपक्ष हारता है, वो वोट चोरी का प्रोपैगेंडा शुरू कर देता है और यह हार की हताशा को बयाँ करने का तरीका है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि धांधली की यही तर्क-शैली अपनानी हो, तो तृणमूल कांग्रेस की पिछली जीतें भी उसी कसौटी पर खरी नहीं उतरतीं।
पवन सिंह ने पिछली सरकारों पर क्या कहा?
पवन सिंह ने दावा किया कि 34 वर्षों में पिछली सरकारों ने जो काम नहीं किया, मौजूदा भाजपा सरकार उसे डेढ़ साल के भीतर सुधारने में लगी है। हालाँकि, उन्होंने इस दावे के पक्ष में कोई विशेष आँकड़े या उदाहरण नहीं दिए।
अल्पसंख्यक मतदाताओं के बारे में पवन सिंह ने क्या कहा?
पवन सिंह ने दावा किया कि चुनाव अभियान के दौरान अल्पसंख्यक मतदाताओं ने खुद भाजपा से जुड़ने की इच्छा जताई। उनके अनुसार, सरकार बदलने के चार-पाँच महीनों में ही इन मतदाताओं ने महसूस किया कि भाजपा सभी वर्गों के हित में काम करना चाहती है।
नंदीग्राम उपचुनाव का राजनीतिक महत्व क्या है?
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में ऐतिहासिक रूप से प्रतीकात्मक सीट रही है और यहाँ की जीत-हार को व्यापक राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जाता है। 2026 विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के बाद यह उपचुनाव नई सरकार की स्वीकार्यता का पहला परीक्षण माना जा रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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