नांगल चौधरी टोल प्लाजा पर ट्रक चालक की पिटाई के आरोप में घंटों जाम, कर्मचारी ने माँगी माफी
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के महेंद्रगढ़ ज़िले स्थित नांगल चौधरी टोल प्लाजा पर 31 मई 2026 को उस समय तनाव भड़क उठा, जब कथित तौर पर टोल कर्मचारियों द्वारा एक ट्रक चालक के साथ मारपीट किए जाने के आरोप ने बड़ा रूप ले लिया। गुस्साए वाहन चालकों ने टोल संचालन बाधित कर दिया और घंटों तक जाम बनाए रखा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
मुख्य घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद की शुरुआत टोल कर्मचारियों और ट्रक चालक के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर हुई कहासुनी से हुई। देखते ही देखते यह विवाद मारपीट तक पहुँच गया। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ट्रक चालक और अन्य वाहन चालक टोल प्लाजा पर एकत्रित हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि टोल कर्मचारियों का व्यवहार वाहन चालकों के प्रति अक्सर अभद्र रहता है और मनमाने तरीके से कार्रवाई की जाती है। उनका कहना था कि यह पहली बार नहीं है जब इस टोल प्लाजा पर इस तरह का विवाद सामने आया हो।
यातायात पर असर
जाम के कारण टोल प्लाजा के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आम यात्रियों, बसों और मालवाहक वाहनों को कई घंटों तक इंतज़ार करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन लंबे समय तक विवाद का समाधान नहीं निकल सका।
प्रदर्शनकारियों की माँग और समाधान
प्रदर्शन कर रहे चालकों ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित कर्मचारी को मौके पर बुलाकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मंगवाई जाती, तब तक जाम नहीं हटाया जाएगा। अंततः प्रशासन और पुलिस की मध्यस्थता के बाद आरोपी कर्मचारी को मौके पर बुलाया गया, जहाँ उसने सार्वजनिक रूप से माफी माँगी। इसके बाद वाहन चालकों ने अपना विरोध समाप्त किया और जाम खोल दिया गया।
पुलिस का बयान
मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टोल स्टाफ और ट्रक चालक के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। अधिकारियों के अनुसार दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत करा दिया गया है और अब यातायात पूरी तरह सामान्य है। गौरतलब है कि नांगल चौधरी टोल प्लाजा पर यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का विवाद सामने आया हो — इलाके के चालक संगठन पहले भी यहाँ के स्टाफ के व्यवहार पर आपत्ति जता चुके हैं।
आगे क्या
फिलहाल पुलिस ने मामले को सुलह से निपटा दिया है, लेकिन चालकों का आरोप है कि टोल प्लाजा पर स्थायी व्यवस्था सुधरे बिना इस तरह के टकराव दोबारा हो सकते हैं। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह टोल कर्मचारियों के आचरण को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश जारी करे।