क्या नारायण साईं के खिलाफ जेल में एक और मामला दर्ज हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- नारायण साईं पर मोबाइल फोन रखने का आरोप
- जेल प्रशासन ने मामला दर्ज किया
- सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठता है
सूरत, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आसाराम का बेटा नारायण साईं की परेशानियों का अंत नहीं हो रहा है। बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नारायण साईं पर सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन रखने और उसके उपयोग का एक नया मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सचिन पुलिस थाने में दर्ज हुआ है।
गुरुवार को जेल प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि हाई-सिक्योरिटी बैरक नंबर-1 में बंद नारायण साईं के पास मोबाइल फोन है। सूचना मिलते ही जेल स्क्वॉड ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नारायण साईं की अलग सेल (सेल नंबर-1) की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान, लोहे के मुख्य दरवाजे के पीछे एक स्मार्टफोन चुंबक की मदद से छिपाया हुआ मिला। उसके पास जियो कंपनी का एक सिम कार्ड भी बरामद हुआ।
जांच में पता चला कि नारायण साईं बेहद चालाकी से फोन का उपयोग करता था। वह बातचीत के बाद तुरंत फोन से बैटरी और सिम कार्ड निकाल लेता था। सिम कार्ड अपने पास रखता था, जबकि बैटरी को सुरक्षा के लिए सेंट्री रूम में छिपा देता था। जेल स्टाफ की सतर्कता से सेंट्री रूम के दरवाजे में लगे नाकूचे (की-होल) के अंदर छिपाई गई बैटरी भी बरामद कर ली गई।
जेल प्रशासन की शिकायत पर सचिन पुलिस ने नारायण साईं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा गुजरात जेल मैनुअल के नियमों का उल्लंघन करने के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि नारायण साईं यह मोबाइल फोन कहां से लाया और किससे संपर्क करने के लिए इसका उपयोग कर रहा था।
एसीपी नीरव गोहिल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया, "नारायण साईं जहांगीरपुरा पुलिस स्टेशन रेप केस में दोषी है। गुरुवार को लाजपोर सेंट्रल जेल के स्टाफ को जानकारी मिली कि नारायण साईं ने अपनी बैरक के अंदर एक मोबाइल फोन छिपा रखा है। इस सूचना के आधार पर, जेल सिक्योरिटी स्क्वॉड ने बैरक नंबर 1 में तलाशी ली, जहां उसे एक अलग सेल में रखा गया था। तलाशी के दौरान, सेल के गेट के पीछे एक मोबाइल फोन मिला, जिसे मैग्नेट से लोहे के दरवाजे से चिपकाया गया था।"
उन्होंने कहा कि जेल में मोबाइल फोन रखना गंभीर अपराध है। नारायण साईं के सेल से फोन, सिम और बैटरी बरामद हुई है। हमने जेल प्रशासन की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गहन जांच की जा रही है।