नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को पर्यटन स्थलों से जोड़ने की पहल: अश्विनी वैष्णव ने बताया PM मोदी की सोच का हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 22 सितंबर 2026 को अहमदाबाद, गुजरात में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स समारोह को भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाने की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच से प्रेरित है। उनका कहना है कि इस कदम से न केवल सिनेमा जगत को देश के विभिन्न हिस्सों से जोड़ा जाएगा, बल्कि उन स्थानों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।
एकता नगर में समारोह का महत्व
वैष्णव ने एकता नगर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा, 'एकता नगर भारत और दुनिया भर में मशहूर है। यहाँ सरदार पटेल की दुनिया में सबसे ऊँची प्रतिमा है और यह एक खूबसूरत और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। जब देश भर से फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार और हस्तियाँ, राष्ट्रपति के साथ ऐसी मशहूर पर्यटन जगह पर पहुँचेंगे, तो इससे कई लोगों को इस जगह के बारे में जानने का मौका मिलेगा।' यह बयान नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स को सांस्कृतिक पर्यटन के औज़ार के रूप में उपयोग करने की व्यापक रणनीति का संकेत देता है।
जी20 की तर्ज पर विकेंद्रीकरण का दृष्टिकोण
मंत्री ने जी20 आयोजन को एक मिसाल के तौर पर प्रस्तुत किया। उनके अनुसार, जब प्रधानमंत्री मोदी ने जी20 का आयोजन किया तो उसे देश के हर कोने और हर राज्य तक ले गए — कई शहरों में जी20 के कार्यक्रम आयोजित हुए। वैष्णव ने कहा कि यह एक ऐसी भावना है जो यह सुनिश्चित करती है कि पूरा देश इसका हिस्सा बने। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय आयोजनों के विकेंद्रीकरण को एक सुसंगत नीतिगत दिशा के रूप में अपना रही है।
परिवार और सांस्कृतिक मूल्यों पर टिप्पणी
वैष्णव ने 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में की गई टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'भारत की संस्कृति में परिवार एक बहुत महत्वपूर्ण संस्था है। हम अपने परिवारों, परिवार के सदस्यों और खासकर अपने माता-पिता को जो महत्व देते हैं, उसे देश की हमारी मूल्य-व्यवस्था के विपरीत नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।' यह टिप्पणी सामाजिक और शैक्षणिक विमर्श में पारिवारिक मूल्यों की भूमिका को रेखांकित करती है।
रेलवे सब्सिडी पर अहम खुलासा
रेलवे से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज भी भारतीय रेलवे हर यात्री को ₹60,000 करोड़ की सब्सिडी दे रही है। उनका कहना था कि यह विशाल सब्सिडी इसलिए दी जा रही है ताकि आम लोगों की यात्रा सस्ती और सुलभ बनी रहे। गौरतलब है कि रेलवे किराये पर यह सब्सिडी वर्षों से एक संवेदनशील नीतिगत मुद्दा रही है, और इस आँकड़े का सार्वजनिक उल्लेख यात्री किराये में संभावित बदलाव की बहस को नए सिरे से जन्म दे सकता है।
आगे क्या
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के भविष्य के संस्करण देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आयोजित किए जाने की दिशा में सरकार की मंशा स्पष्ट हो चुकी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से इस संदर्भ में विस्तृत घोषणाएँ अपेक्षित हैं। यदि यह पहल आगे बढ़ती है, तो यह राष्ट्रीय पुरस्कार समारोहों की दशकों पुरानी परंपरा को नया स्वरूप देगी।