नवरात्रि से पहले UPFSDA का 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान: 20,924 किलो खाद्य सामग्री जब्त, ₹66.87 लाख का माल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) ने नवरात्रि पर्व से पूर्व 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत 9 अक्टूबर 2025 की देर रात तक प्रदेशभर में व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की, जिसमें 20,924 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई — जिसका अनुमानित मूल्य ₹66 लाख 87 हजार 58 रुपये है। राज्य स्तरीय और जनपदीय प्रवर्तन दलों ने खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय प्रतिष्ठानों की सघन जाँच की, और मिलावट तथा मिथ्या छाप (मिसब्रांडिंग) के मामलों में कड़ी कार्रवाई की।
अभियान में क्या-क्या जब्त हुआ
कार्रवाई के दौरान 176 खाद्य नमूने एकत्र किए गए और 4,273 किलोग्राम खाद्य सामग्री — जिसका अनुमानित मूल्य ₹63,900 रुपये है — मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर नष्ट कराई गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रतिष्ठानों को करीब 58 सुधारात्मक नोटिस जारी किए गए। खासतौर पर नवरात्रि में उपयोग होने वाले घी, खाद्य तेल, कुट्टू एवं सिंघाड़े का आटा, साबूदाना और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की विशेष जाँच की गई।
जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा
बरेली में तीन प्रतिष्ठानों से कुल 3,281 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत ₹21 लाख 22 हजार 120 रुपये है। इनमें वीके शॉ प्रतिष्ठान से 2,280 किलोग्राम (₹14 लाख 52 हजार 200 रुपये), अजय कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान से 319 किलोग्राम (₹2 लाख 19 हजार 800 रुपये) और भारत घी प्रतिष्ठान से 682 किलोग्राम (₹4 लाख 50 हजार 120 रुपये) घी शामिल है।
एटा की श्री बाबा डेयरी से 2,544 किलोग्राम घी और मक्खन जब्त किया गया, जिसकी कीमत ₹17 लाख 16 हजार 120 रुपये है — यह मात्रा 25 कुंतल से अधिक है। बदायूँ में बाबू राम रमेश चंद्र के प्रतिष्ठान से 538 किलोग्राम घी (₹3 लाख 63 हजार 150 रुपये) जब्त हुआ।
राजधानी लखनऊ में भैरव घी भंडार से अनियमितताओं के आधार पर 748 किलोग्राम घी (अनुमानित ₹4 लाख 22 हजार 629 रुपये) जब्त किया गया। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों से 573 किलोग्राम कुट्टू का आटा एवं कुट्टू की गिरी सहित खाद्य सामग्री (₹88,260 रुपये) भी जब्त की गई।
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) में धर्मेश इंडस्ट्री पर हुई कार्रवाई में मसालों में धनिया के डंठल, रंग एवं भूसी मिलाए जाने के संबंध में 3,559 किलोग्राम पिसे मसाले (अनुमानित ₹7 लाख) जब्त किए गए। इस मामले में संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।
गाजियाबाद में मिथ्या छाप के आधार पर 2,848 किलोग्राम साबूदाना (₹1 लाख 35 हजार 564 रुपये), 75 किलोग्राम डेरी क्राफ्ट ब्रांड घी (₹58,500 रुपये) और 76 किलोग्राम कुट्टू का आटा (₹24,750 रुपये) जब्त किया गया। मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसएसजीटी रोड, गाजियाबाद) से घी के दो नमूने लिए गए; इसके अतिरिक्त 210 लीटर अन्नपूर्णा ब्रांड घी (₹2 लाख) और 76 लीटर परम ब्रांड घी (₹48,148 रुपये) भी जब्त किए गए।
सहारनपुर में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी करीब 6,000 किलोग्राम हल्दी (₹6 लाख 83 हजार 772 रुपये) जब्त की गई। साथ ही 298 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा (₹17,284 रुपये) भी जब्त हुआ। कानपुर में विभिन्न प्रतिष्ठानों से 390 किलोग्राम खाद्य सामग्री (₹81,300 रुपये) और हरि कृष्णा इंटरप्राइजेज से 60 किलोग्राम कुट्टू साबुत (₹1.50 लाख) अस्वच्छ स्थिति में पाए जाने पर जब्त किए गए।
मऊ में एक प्रतिष्ठान पर बिलौटी एवं संदूषित पाए गए 60 किलोग्राम दूध (₹3,600 रुपये) और 90 किलोग्राम मिल्क केक (₹18,000 रुपये) नष्ट कराए गए। लखीमपुर में एक प्रतिष्ठान से 210 किलोग्राम घी (₹1 लाख 34 हजार 400 रुपये) जब्त किया गया। उन्नाव में आगरा एक्सप्रेसवे पर एक पिकअप वाहन से 4 कुंतल संदूषित खाद्य सामग्री पर कार्रवाई की गई। फर्रुखाबाद में अरिनशा मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड सहित अलीगढ़ और कासगंज में भी टीमों ने जाँच की और नमूने लिए।
लाइसेंस निलंबन और कानूनी कार्रवाई
अभियान के अंतर्गत दो खाद्य कारोबारकर्ताओं के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। एक प्रतिष्ठान के बिना लाइसेंस संचालन के मामले में वाद दायर करने की प्रक्रिया की जा रही है। जहाँ भी खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएँ मिलीं, वहाँ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की गई।
UPFSDA आयुक्त के निर्देश
UPFSDA आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने प्रवर्तन दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जाँच के नाम पर छोटे दुकानदारों और खुदरा विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य गंभीर अनियमितताओं में लिप्त कारोबारियों, मिलावटखोरों और मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों के निर्माताओं या विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करना है। प्रवर्तन दलों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब नवरात्रि के दौरान फलाहारी खाद्य पदार्थों की माँग कई गुना बढ़ जाती है और मिलावट की शिकायतें भी बढ़ती हैं। जब्त किए गए सभी नमूने नियमानुसार प्रयोगशाला जाँच के लिए भेजे जा रहे हैं।