दीपावली से पहले यूपी में 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान: 86 प्रतिष्ठानों की जांच, 4 के लाइसेंस निलंबित
सारांश
मुख्य बातें
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), उत्तर प्रदेश ने दीपावली से पूर्व उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाई-नमकीन सुनिश्चित करने के लिए 'शुद्ध ही शुभ है' अभियान के तहत 28 अक्टूबर 2026 को वाराणसी, आगरा और लखनऊ में 86 खाद्य प्रतिष्ठानों का व्यापक निरीक्षण किया। जांच में 71 सुधार नोटिस जारी किए गए, 30 खाद्य नमूने संकलित किए गए और 4 प्रतिष्ठानों की खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई।
अभियान का दायरा और कार्रवाई
त्योहारी सीजन में मिठाई-नमकीन की मांग चरम पर होती है और इसी के मद्देनजर एफएसडीए की प्रदेश स्तरीय टीमों ने निर्धारित नियामक निरीक्षण मार्गदर्शिका के आधार पर तीनों शहरों में एक साथ छापेमारी की। निरीक्षण में विनिर्माण परिसर की स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, दूध एवं दुग्ध उत्पादों का सुरक्षित रखरखाव, खाद्य रंगों व योजकों का प्रयोग, खाद्य तेल की गुणवत्ता, कीट नियंत्रण, पेयजल की शुद्धता और एफएसएसएआई लाइसेंस की वैधता जैसे बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
गंभीर कमियां पाए जाने पर 4 प्रतिष्ठानों के खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई और लखनऊ में एक मिठाई प्रतिष्ठान का कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया।
वाराणसी में मिली खामियां
वाराणसी में 30 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 28 सुधार नोटिस जारी हुए और 15 खाद्य नमूने लिए गए। सिंधी कॉलोनी, पाण्डेयपुर स्थित कोजी स्वीट्स में विनिर्माण परिसर में जलजमाव, फर्श पर अत्यधिक गंदगी और दीवारों पर जाले पाए गए। अपशिष्ट प्रबंधन की उचित व्यवस्था अनुपस्थित थी और पेस्ट कंट्रोल तथा जल गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं मिली। इन गंभीर कमियों के आधार पर प्रतिष्ठान की खाद्य कारोबार अनुज्ञप्ति निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई है; मानकों के अनुरूप सुधार के बाद ही विनिर्माण दोबारा शुरू होगा।
आगरा में चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई, बोरैक्स मिला
आगरा में 27 प्रतिष्ठानों की जांच में 19 सुधार नोटिस जारी हुए और 15 नमूने लिए गए। कमला नगर स्थित बांके बिहारी मिष्ठान भंडार और सेठ गली स्थित हीरा हलवाई — दोनों में अस्वच्छ परिस्थितियों में उत्पादन होता पाया गया। जलजमाव, गंदगी, जाले और मशीनों की अपर्याप्त सफाई के चलते दोनों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई।
छीपी टोला स्थित पुष्पक स्वीट्स भंडार में खाद्य-ग्रेड पैकिंग सामग्री का अनुपालन नहीं था और टाइल्स का अभाव था। सबसे गंभीर निष्कर्ष यह रहा कि परिसर में बोरैक्स पाउडर मिला, जिसके बारे में खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार इसे दूध में मिलाकर शेल्फ लाइफ बढ़ाने के संदर्भ में पाया गया। खाद्य पदार्थों में बोरैक्स का इस प्रकार उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई।
लखनऊ में प्रतिष्ठान बंद
लखनऊ में 29 प्रतिष्ठानों की जांच में 24 सुधार नोटिस जारी किए गए। राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी, दीवारों पर जाले, खाद्य परिसर में अव्यवस्था और कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में गंभीर कमियां मिलीं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अधिकारियों ने प्रतिष्ठान का कारोबार तत्काल बंद कराया।
विभाग की प्रतिक्रिया और आगे की राह
विभागीय निरीक्षण विवरण के अनुसार कुछ बिंदुओं पर पूर्व निरीक्षणों की तुलना में सुधार भी दिखा, जो उपभोक्ता हितों की दृष्टि से सकारात्मक संकेत है। एफएसडीए ने स्पष्ट किया है कि जहां भी गंभीर कमियां मिली हैं, वहां निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार के बाद ही विनिर्माण पुनः आरंभ करने की अनुमति दी जाएगी। अभियान के शेष चरणों में प्रदेश के अन्य जिलों को भी कवर किए जाने की संभावना है।