एनसीआर में 11-12 जून को आंधी-बारिश का येलो अलर्ट, 43°C गर्मी के बाद 7 डिग्री गिरेगा पारा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए 11 और 12 जून 2025 को आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले 9 और 10 जून को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से पारा करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है, जिससे लंबे समय से गर्मी से जूझ रहे निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मुख्य मौसम पूर्वानुमान
9 जून को अधिकतम तापमान 43°C और न्यूनतम 29°C रहने का अनुमान है। दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, हालाँकि इस दिन कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। 10 जून को भी अधिकतम तापमान 43°C और न्यूनतम 30°C रहेगा, आंशिक बादल छाए रह सकते हैं और गरज-चमक वाले बादलों के विकसित होने की संभावना बनी रहेगी।
11-12 जून: येलो अलर्ट और राहत की उम्मीद
11 जून से मौसम करवट लेगा — अधिकतम तापमान घटकर 39°C और न्यूनतम 30°C रहने का अनुमान है। दिन के उत्तरार्ध और शाम को हल्की से बहुत हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। रात में भी इसी तरह की गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है।
12 जून को मौसम और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम 26°C तक गिर सकता है। दोपहर और शाम के दौरान हल्की बारिश, गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटा की तेज हवाओं का अनुमान है। IMD ने इन दोनों दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी रखा है।
बारिश के बाद का मौसम
13 जून को अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम 26°C रहने की संभावना है। आंशिक बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक वाले बादल बन सकते हैं। 14 जून को अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 28°C रहने का अनुमान है, मौसम आंशिक बादलों के साथ सामान्य रहेगा।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और प्री-मानसून गतिविधियों के संयुक्त प्रभाव से एनसीआर में अगले सप्ताह मौसम तेजी से बदलेगा। उनके अनुसार 11-12 जून को संभावित बारिश और आंधी के कारण तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है। यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब एनसीआर के निवासी लगातार कई दिनों से 43°C के ऊपर तापमान झेल रहे हैं।
आगामी दिनों में मानसून की प्रगति पर भी नज़र रखी जा रही है, और विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियाँ जून के मध्य तक और तेज हो सकती हैं।