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क्या एनसीआर में जहरीली हवा और शीतलहर का डबल अटैक हो रहा है?

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क्या एनसीआर में जहरीली हवा और शीतलहर का डबल अटैक हो रहा है?

सारांश

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर स्तर पर दस्तक दी है। ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई सबसे ऊंचा है। क्या यह स्थिति आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है? जानिए ताजा आंकड़े और विशेषज्ञों की राय।

मुख्य बातें

दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।
गर्मी और कोहरा प्रदूषण को बढ़ाने में सहायक हैं।
बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

नोएडा, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के सबसे अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में ग्रेटर नोएडा का नाम लगातार शीर्ष पायदानों में बना हुआ है। दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) रेड जोन में दर्ज किया जा रहा है, जिससे आम जनजीवन पर सीधा असर पड़ रहा है।

नोएडा की स्थिति की बात करें तो यहां सभी सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में है। सेक्टर-1 नोएडा में एक्यूआई 359 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-125 नोएडा में 352, सेक्टर-116 नोएडा में 347 और सेक्टर-62 नोएडा में 342 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि नोएडा की हवा लगातार जहरीली बनी हुई है।

दिल्ली की स्थिति भी चिंताजनक है। कई क्षेत्रों में एक्यूआई 350 से ऊपर पहुंच गया है। चांदनी चौक में एक्यूआई 384, अशोक विहार में 376, बवाना में 373, पंजाबी बाग में 386, ओखला फेज-2 में 383 और पुसा में 399 एक्यूआई दर्ज किया गया। नेहरू नगर दिल्ली में तो एक्यूआई 397 तक पहुंच गया, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। वहीं आनंद विहार में एक्यूआई 345 और अलीपुर में 332 रिकॉर्ड किया गया। कुछ इलाकों जैसे मथुरा रोड पर एक्यूआई 259 रहा, जो अभी भी खराब श्रेणी में है।

गाजियाबाद में भी हालात बेहतर नहीं हैं। संजय नगर गाजियाबाद में एक्यूआई 312 दर्ज किया गया, जबकि इंदिरापुरम में एक्यूआई 282 रिकॉर्ड हुआ। यानी गाजियाबाद भी पूरी तरह प्रदूषण की चपेट में है।

वायु प्रदूषण के साथ-साथ मौसम ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार एनसीआर में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। 15 जनवरी को न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री रहा। सुबह के समय घना कोहरा और दिन में भी कई इलाकों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की चेतावनी दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवा, कम गति की हवाएं और कोहरा प्रदूषण को जमीन के पास रोक लेते हैं, जिससे एक्यूआई लगातार रेड जोन में बना हुआ है। डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को घर से बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और सुबह-शाम की सैर टालने की सलाह दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह स्वीकार करना चाहिए कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है। यह न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। हमें मिलकर इस समस्या का समाधान खोजना होगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के प्रदूषण का मुख्य कारण क्या है?
दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्माण गतिविधियां शामिल हैं।
शीतलहर का क्या प्रभाव होता है?
शीतलहर से तापमान में गिरावट आती है, जिससे प्रदूषण और बढ़ता है क्योंकि ठंडी हवा प्रदूषण को नीचे रोकती है।
राष्ट्र प्रेस
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