'एक पेड़ मां के नाम': एनडीएमसी उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने मोती बाग में वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व किया
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली नगर परिषद (एनडीएमसी) के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने 7 जून 2026 को उत्तर पश्चिम मोती बाग स्थित केंद्रीय सरकारी आरडब्ल्यूए सामुदायिक केंद्र में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर स्थानीय निवासियों, निवासी कल्याण संघों के प्रतिनिधियों और एनडीएमसी अधिकारियों ने मिलकर पौधे लगाए।
कार्यक्रम में भागीदारी
कार्यक्रम में आरडब्ल्यूए टाइप-टू और टाइप-थ्री के सचिव एमएस हक तथा सदस्य रतीश एमके उपस्थित रहे। उत्तर पश्चिम मोती बाग आरडब्ल्यूए टाइप-फॉर के अध्यक्ष आरएन प्रसाद, सचिव मधुलिका और सदस्य सौरभ अग्रवाल ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। एनडीएमसी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक इस पहल में हिस्सा लिया।
प्रतिभागियों ने अपनी माताओं के नाम पर पौधे रोपे, जो पर्यावरण संरक्षण, कृतज्ञता और सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त प्रतीक बना।
नागरिक समस्याओं पर चर्चा
वृक्षारोपण से पूर्व चहल ने स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी उनकी समस्याएँ सुनीं। इस दौरान वृक्षों की छंटाई, बिजली के खंभों की स्थापना व रखरखाव, सामुदायिक केंद्र में एयर कंडीशनिंग, पार्कों का रखरखाव, बैडमिंटन कोर्ट की माँग और स्वच्छता कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दे सामने आए।
चहल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित एनडीएमसी विभागों को निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर यथासंभव इन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
चहल का संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए चहल ने कहा, 'एक पेड़ मां के नाम' केवल एक वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं है; यह पर्यावरण जागरूकता के लिए एक जन आंदोलन है। उन्होंने कहा कि अपनी माताओं के नाम पर पेड़ लगाकर हम न केवल उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और हरित भविष्य की नींव भी रखते हैं।
एनडीएमसी की व्यापक हरित पहल
चहल ने बताया कि एनडीएमसी पूरे वर्ष परिषद क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर प्रत्येक रविवार को वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बागवानी, स्वास्थ्य, सिविल इंजीनियरिंग, सड़क, जल आपूर्ति, जल निकासी और विद्युत विभाग रोपित पौधों की उचित देखभाल और सुरक्षा के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं।
चहल ने नागरिकों से पौधों के पालन-पोषण की व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेने और सक्रिय जनभागीदारी के माध्यम से इस पर्यावरण अभियान को और मजबूत करने की अपील की। यह अभियान दिल्ली के शहरी हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में एक सतत प्रयास का हिस्सा है।