8 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न: 20 लाख अभ्यर्थी, 5,440 केंद्र, 37 दिन में रिकॉर्ड आयोजन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न: 20 लाख अभ्यर्थी, 5,440 केंद्र, 37 दिन में रिकॉर्ड आयोजन

सारांश

20 लाख से अधिक अभ्यर्थी, 5,440 केंद्र, 13 भाषाएँ और सात लाख से अधिक तैनात कर्मी — नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा रिकॉर्ड 37 दिनों में पूरी हुई। NTA ने इसे 'टीम भारत' की ऐतिहासिक प्रशासनिक उपलब्धि करार दिया।

मुख्य बातें

नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर के 5,440 केंद्रों और विदेश के 14 केंद्रों पर संपन्न हुई।
20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 13 भाषाओं में परीक्षा दी।
10,000 से अधिक दिव्यांग और करीब 81 गंभीर रूप से बीमार छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की गई।
देशभर में लगभग सात लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया।
पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड 37 दिनों में पूरी की गई; सुरक्षा के लिए बायोमेट्रिक, CCTV और जैमर का उपयोग हुआ।
CAPF, भारतीय वायुसेना, SBI सहित दर्जनों मंत्रालयों और संस्थाओं ने आयोजन में सहयोग दिया।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को घोषणा की कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा देशभर में 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। एजेंसी ने इसे 'टीम भारत' के सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें, सुरक्षा एजेंसियाँ, कई मंत्रालय और शैक्षणिक संस्थान शामिल रहे।

परीक्षा का दायरा और भाषाई विविधता

यह पुनर्परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में आयोजित की गई, जो भारत की भाषाई विविधता को समेटने का प्रयास था। एनटीए के अनुसार, पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड 37 दिनों में पूरी की गई — जो इस पैमाने के परीक्षा आयोजन के लिए असाधारण माना जा रहा है।

एजेंसी ने उन शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपना निजी समय देकर प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने में सहयोग दिया, ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था

10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। इसके अतिरिक्त, करीब 81 ऐसे छात्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई जो गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों का सामना कर रहे थे — इनमें सड़क दुर्घटना में घायल एक छात्र और कीमोथेरेपी से गुज़र रहा एक छात्र भी शामिल था।

एनटीए ने कहा कि इन अभ्यर्थियों तक परीक्षा की सुविधा पहुँचाने के लिए विशेष स्तर की योजना और समन्वय की आवश्यकता पड़ी।

सुरक्षा और पारदर्शिता के उपाय

परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक एवं फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस की सहायता से दो-स्तरीय तलाशी व्यवस्था लागू की गई। राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए।

इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में भी निगरानी व्यवस्था बनाई गई।

सहयोगी संस्थाएँ और मंत्रालय

परीक्षा संचालन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायुसेना, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय ने सहयोग दिया।

बैंकिंग क्षेत्र से SBI, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और UCO बैंक भी इस अभियान का हिस्सा रहे। देशभर में लगभग सात लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया।

राज्य सरकारों की भूमिका और आगे की राह

कई राज्य सरकारों ने परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और अभिभावकों के लिए छाया, पेयजल और भोजन की व्यवस्था की। एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाएँ स्टैंडबाय रखी गईं, और कई राज्यों में परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को निःशुल्क परिवहन भी उपलब्ध कराया गया।

एनटीए ने 'निष्पक्ष अवसर, नई शुरुआत' के संकल्प के साथ सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं। अब परिणाम की घोषणा अगला अहम पड़ाव होगा, जिस पर लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह पुनर्परीक्षा मूल परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और पारदर्शिता की माँग के बाद अनिवार्य हुई थी। 37 दिनों में इस पैमाने का आयोजन निस्संदेह प्रभावशाली है, परंतु असली कसौटी परिणाम की विश्वसनीयता और काउंसलिंग प्रक्रिया की निष्पक्षता होगी। यह भी गौरतलब है कि सात लाख कर्मियों की तैनाती और दर्जनों मंत्रालयों की भागीदारी जहाँ व्यवस्था की ताकत दर्शाती है, वहीं यह सवाल भी उठाती है कि क्या भविष्य में परीक्षा प्रणाली को इतने बड़े सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत से मुक्त किया जा सकेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा कब और कहाँ हुई?
नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई। इसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 13 भाषाओं में परीक्षा दी।
नीट 2026 पुनर्परीक्षा में कितने अभ्यर्थी शामिल हुए?
एनटीए के अनुसार, 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने इस पुनर्परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित कुल 13 भाषाओं में आयोजित की गई।
दिव्यांग और बीमार अभ्यर्थियों के लिए क्या व्यवस्था की गई?
10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा करीब 81 गंभीर रूप से बीमार छात्रों — जिनमें सड़क दुर्घटना में घायल और कीमोथेरेपी से गुज़र रहे छात्र शामिल थे — के लिए अलग व्यवस्था की गई।
नीट 2026 पुनर्परीक्षा में सुरक्षा के क्या उपाय किए गए?
परीक्षा में आधार-आधारित बायोमेट्रिक एवं फेस ऑथेंटिकेशन, CCTV निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस की सहायता से दो-स्तरीय तलाशी व्यवस्था लागू की गई। एनटीए और शिक्षा मंत्रालय में राष्ट्रीय स्तर पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर भी स्थापित किए गए।
नीट 2026 पुनर्परीक्षा का परिणाम कब आएगा?
एनटीए ने अभी तक परिणाम की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। परीक्षा 21 जून 2026 को संपन्न हुई है और परिणाम की घोषणा अगला अहम पड़ाव होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 3 महीने पहले