नीट (यूजी) 2026 पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न: 20 लाख अभ्यर्थी, 5,440 केंद्र, 37 दिन में रिकॉर्ड आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 21 जून 2026 को घोषणा की कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा देशभर में 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों के 14 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया। एजेंसी ने इसे 'टीम भारत' के सामूहिक प्रयास का उदाहरण बताया, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें, सुरक्षा एजेंसियाँ, कई मंत्रालय और शैक्षणिक संस्थान शामिल रहे।
परीक्षा का दायरा और भाषाई विविधता
यह पुनर्परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी सहित 13 भाषाओं में आयोजित की गई, जो भारत की भाषाई विविधता को समेटने का प्रयास था। एनटीए के अनुसार, पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड 37 दिनों में पूरी की गई — जो इस पैमाने के परीक्षा आयोजन के लिए असाधारण माना जा रहा है।
एजेंसी ने उन शिक्षाविदों और विशेषज्ञों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपना निजी समय देकर प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार करने में सहयोग दिया, ताकि परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार अभ्यर्थियों के लिए विशेष व्यवस्था
10,000 से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष इंतजाम किए गए। इसके अतिरिक्त, करीब 81 ऐसे छात्रों के लिए अलग व्यवस्था की गई जो गंभीर चिकित्सीय परिस्थितियों का सामना कर रहे थे — इनमें सड़क दुर्घटना में घायल एक छात्र और कीमोथेरेपी से गुज़र रहा एक छात्र भी शामिल था।
एनटीए ने कहा कि इन अभ्यर्थियों तक परीक्षा की सुविधा पहुँचाने के लिए विशेष स्तर की योजना और समन्वय की आवश्यकता पड़ी।
सुरक्षा और पारदर्शिता के उपाय
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक एवं फेस ऑथेंटिकेशन, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और राज्य पुलिस की सहायता से दो-स्तरीय तलाशी व्यवस्था लागू की गई। राष्ट्रीय स्तर पर एनटीए और शिक्षा मंत्रालय में कमांड एवं कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए।
इसके अलावा उच्च शिक्षा विभाग के 34 केंद्रीय वित्तपोषित संस्थानों, सभी राज्यों और जिला कलेक्टर कार्यालयों में भी निगरानी व्यवस्था बनाई गई।
सहयोगी संस्थाएँ और मंत्रालय
परीक्षा संचालन में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायुसेना, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय ने सहयोग दिया।
बैंकिंग क्षेत्र से SBI, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और UCO बैंक भी इस अभियान का हिस्सा रहे। देशभर में लगभग सात लाख अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पर्यवेक्षकों और परीक्षा कर्मियों को तैनात किया गया।
राज्य सरकारों की भूमिका और आगे की राह
कई राज्य सरकारों ने परीक्षा केंद्रों पर छात्रों और अभिभावकों के लिए छाया, पेयजल और भोजन की व्यवस्था की। एंबुलेंस और चिकित्सा सुविधाएँ स्टैंडबाय रखी गईं, और कई राज्यों में परीक्षा के दिन अभ्यर्थियों को निःशुल्क परिवहन भी उपलब्ध कराया गया।
एनटीए ने 'निष्पक्ष अवसर, नई शुरुआत' के संकल्प के साथ सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ दीं। अब परिणाम की घोषणा अगला अहम पड़ाव होगा, जिस पर लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों की नज़रें टिकी हैं।