नीट री-एग्जाम में 20 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल, NTA महानिदेशक बोले — 37 दिन में दोबारा परीक्षा कराना असाधारण चुनौती थी
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने 21 जून को नीट री-एग्जाम के सफल आयोजन पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षा रद्द होने के महज 37 दिनों के भीतर देशव्यापी स्तर पर दोबारा परीक्षा आयोजित करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे केंद्र और राज्य सरकारों सहित अनेक एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
परीक्षा का पैमाना और आयोजन
अभिषेक सिंह ने बताया कि इस री-एग्जाम में देशभर के 5,440 परीक्षा केंद्रों और विदेशों में स्थित 14 केंद्रों पर 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि पहली परीक्षा की तुलना में इस बार अभ्यर्थियों की संख्या स्वाभाविक रूप से कुछ कम रही, क्योंकि कई विद्यार्थियों ने अन्य शैक्षणिक विकल्पों की ओर रुख कर लिया था। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा का शांतिपूर्ण और व्यवस्थित संचालन को उन्होंने एक बड़ी उपलब्धि बताया।
इस विशाल आयोजन में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों — शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय — के अलावा सुरक्षा एजेंसियों, अर्धसैनिक बलों, रेलवे और वायुसेना ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव
NTA महानिदेशक ने बताया कि इस बार सुरक्षा मानकों को पहले की तुलना में कहीं अधिक सख्त बनाया गया। बहुस्तरीय जाँच, CCTV निगरानी और अन्य सुरक्षा उपायों के माध्यम से अनियमितताओं को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर ऐसे व्यक्तियों को पकड़ा गया जो मोबाइल फोन या अन्य प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाने का प्रयास कर रहे थे।
इसके अतिरिक्त, प्रश्नपत्र तैयार करने, अनुवाद, प्रिंटिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर उसमें व्यापक सुधार किए गए। नए अधिकारियों की नियुक्ति, नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और संचार प्रणाली को मजबूत करना इन सुधारों का हिस्सा रहा।
परिणाम और काउंसलिंग की समयसीमा
परीक्षा परिणाम को लेकर अभिषेक सिंह ने कहा कि NTA जल्द से जल्द नतीजे जारी करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की काउंसलिंग प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होने दी जाएगी और छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
छात्रों को संदेश और जवाबदेही
अभिषेक सिंह ने माना कि परीक्षा रद्द होने से कई छात्र मानसिक रूप से परेशान हुए और NTA ने इसकी जिम्मेदारी स्वीकार की थी। उन्होंने कहा, 'कोई भी पेपर लीक माफिया या अनियमितता करने वाला व्यक्ति अब परीक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ नहीं कर पाएगा।' जिन मामलों में जाँच आवश्यक है, वहाँ जाँच एजेंसियाँ कार्रवाई कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
भविष्य में कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी
वायुसेना की भूमिका और भविष्य की परीक्षाओं को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि हर बार एयरफोर्स की सहायता की आवश्यकता नहीं होगी — इस बार की परिस्थितियाँ विशेष थीं। गौरतलब है कि अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित स्वरूप में आयोजित करने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है, जिससे प्रश्नपत्रों के भौतिक परिवहन की जरूरत समाप्त हो जाएगी। NTA का दीर्घकालिक लक्ष्य सभी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है।