नेपाल आपदा: रांची के रामप्रसाद घोष 26 अगस्त से लापता, परिजनों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से माँगी मदद
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद से झारखंड की राजधानी रांची के रामप्रसाद घोष लापता हैं। 41 वर्षीय रामप्रसाद नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कैंप में कार्यरत थे। उनके लापता होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है, और परिजन उनकी सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे हैं।
परिजनों ने मंत्री से लगाई गुहार
रविवार को रामप्रसाद के पिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की और उनसे हरसंभव सहायता का अनुरोध किया। परिजनों ने मंत्री से रामप्रसाद की तलाश तेज कराने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की विनती की। रामप्रसाद रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड नंबर-12 के निवासी हैं।
मंत्री ने तत्काल उठाए कदम
परिजनों से मुलाकात के दौरान संजय सेठ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और भारतीय दूतावास से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने रामप्रसाद की स्थिति की जानकारी लेने के साथ-साथ खोजबीन अभियान में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सेठ ने सोशल मीडिया पर परिजनों से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि नेपाल की इस भीषण त्रासदी में रांची के रामप्रसाद घोष भी लापता हैं और वे उनकी सकुशल बरामदगी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
नेपाल आपदा की व्यापक तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में आई इस त्रासदी ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,500 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो विभिन्न परियोजनाओं में काम करने के लिए नेपाल गए थे। गौरतलब है कि त्रिशूली क्षेत्र नेपाल के उन इलाकों में से एक है जहाँ भारतीय श्रमिक बड़े पैमाने पर जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत हैं।
परिवार की उम्मीद बरकरार
रामप्रसाद के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, फिर भी उन्हें पूरा भरोसा है कि वे सुरक्षित होंगे और जल्द स्वदेश लौटेंगे। परिजनों को उम्मीद है कि मंत्री के हस्तक्षेप के बाद खोजबीन में तेजी आएगी और रामप्रसाद की जल्द खबर मिलेगी। आने वाले दिनों में दूतावास और स्थानीय प्राधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।