30 अगस्त 2026
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नेपाल आपदा: रांची के रामप्रसाद घोष 26 अगस्त से लापता, परिजनों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से माँगी मदद

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नेपाल आपदा: रांची के रामप्रसाद घोष 26 अगस्त से लापता, परिजनों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से माँगी मदद

सारांश

नेपाल की भीषण बाढ़ में रांची के रामप्रसाद घोष 26 अगस्त से लापता हैं — वे त्रिशूली में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। परिवार ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से गुहार लगाई, जिन्होंने तत्काल दूतावास से संपर्क किया। नेपाल आपदा में अब तक 700 से अधिक मौतें और 2,500 से अधिक लापता।

मुख्य बातें

रामप्रसाद घोष (41 वर्ष), रांची के कोकर निवासी, 26 अगस्त 2026 से नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में लापता हैं।
वे त्रिशूली में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कैंप में कार्यरत थे।
परिजनों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात कर सहायता की गुहार लगाई।
सेठ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और भारतीय दूतावास से संपर्क कर खोजबीन तेज करने के निर्देश दिए।
नेपाल आपदा में अब तक 700 से अधिक मौतें और 2,500 से अधिक लोग लापता, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल।

नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद से झारखंड की राजधानी रांची के रामप्रसाद घोष लापता हैं। 41 वर्षीय रामप्रसाद नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कैंप में कार्यरत थे। उनके लापता होने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है, और परिजन उनकी सकुशल वापसी की आस लगाए बैठे हैं।

परिजनों ने मंत्री से लगाई गुहार

रविवार को रामप्रसाद के पिता समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ से मुलाकात की और उनसे हरसंभव सहायता का अनुरोध किया। परिजनों ने मंत्री से रामप्रसाद की तलाश तेज कराने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की विनती की। रामप्रसाद रांची के कोकर स्थित हैदर अली रोड नंबर-12 के निवासी हैं।

मंत्री ने तत्काल उठाए कदम

परिजनों से मुलाकात के दौरान संजय सेठ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और भारतीय दूतावास से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने रामप्रसाद की स्थिति की जानकारी लेने के साथ-साथ खोजबीन अभियान में तेजी लाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। सेठ ने सोशल मीडिया पर परिजनों से मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि नेपाल की इस भीषण त्रासदी में रांची के रामप्रसाद घोष भी लापता हैं और वे उनकी सकुशल बरामदगी के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।

नेपाल आपदा की व्यापक तस्वीर

यह ऐसे समय में आया है जब नेपाल में आई इस त्रासदी ने भारी तबाही मचाई है। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,500 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो विभिन्न परियोजनाओं में काम करने के लिए नेपाल गए थे। गौरतलब है कि त्रिशूली क्षेत्र नेपाल के उन इलाकों में से एक है जहाँ भारतीय श्रमिक बड़े पैमाने पर जलविद्युत परियोजनाओं में कार्यरत हैं।

परिवार की उम्मीद बरकरार

रामप्रसाद के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, फिर भी उन्हें पूरा भरोसा है कि वे सुरक्षित होंगे और जल्द स्वदेश लौटेंगे। परिजनों को उम्मीद है कि मंत्री के हस्तक्षेप के बाद खोजबीन में तेजी आएगी और रामप्रसाद की जल्द खबर मिलेगी। आने वाले दिनों में दूतावास और स्थानीय प्राधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न आपातकालीन संपर्क प्रणाली। मंत्री का हस्तक्षेप स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि क्या सरकार के पास नेपाल में काम कर रहे सभी भारतीय नागरिकों का कोई केंद्रीकृत डेटाबेस है। 700 से अधिक मौतों और 2,500 लापता के बीच व्यक्तिगत मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप की ज़रूरत पड़ना यह दर्शाता है कि संस्थागत तंत्र अभी भी कमज़ोर है।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामप्रसाद घोष कौन हैं और वे नेपाल में क्यों थे?
रामप्रसाद घोष झारखंड की राजधानी रांची के कोकर इलाके के हैदर अली रोड नंबर-12 के 41 वर्षीय निवासी हैं। वे नेपाल के त्रिशूली क्षेत्र में एक हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के कैंप में काम कर रहे थे।
रामप्रसाद घोष कब से लापता हैं?
26 अगस्त 2026 को नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बाद से रामप्रसाद घोष का कोई पता नहीं चल पाया है। तब से उनके परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है।
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस मामले में क्या कदम उठाए?
रविवार को परिजनों से मुलाकात के बाद संजय सेठ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और भारतीय दूतावास से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने रामप्रसाद की खोजबीन तेज करने और सकुशल बरामदगी के लिए हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए।
नेपाल की इस आपदा में कुल कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
रिपोर्टों के अनुसार नेपाल में आई इस त्रासदी में अब तक 700 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 2,500 से अधिक लोग लापता हैं। लापता लोगों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
रामप्रसाद घोष के परिवार को अब क्या उम्मीद है?
परिवार को पूरा भरोसा है कि रामप्रसाद सुरक्षित होंगे और जल्द भारत लौटेंगे। मंत्री संजय सेठ के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को उम्मीद है कि दूतावास और स्थानीय प्राधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई से खोजबीन में तेजी आएगी।
राष्ट्र प्रेस
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