नेपाल बाढ़ में 160 से अधिक मौतें, 1,000 लापता; संजय निरुपम बोले — भारत हर कदम पर साथ
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 160 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब एक हजार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने 27 अगस्त को मुंबई में मीडिया से बातचीत में कहा कि नेपाल का यह दुख भारत का भी दुख है और भारत सरकार हरसंभव सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कई तीर्थयात्री इस आपदा में फंसे हैं और कुछ के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है।
नेपाल आपदा और भारत पर असर
निरुपम ने बाढ़ के कारणों पर चिंता जताते हुए कहा कि ग्लेशियरों और प्राकृतिक व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ इस तरह की आपदाओं को और भीषण बना देती है। उन्होंने कहा कि विकास ज़रूरी है, लेकिन प्राकृतिक संतुलन से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नेपाल की नदियों का सीधा संबंध बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र से है। कोसी, गंडक और घाघरा जैसी नदियों में नेपाल में भारी बारिश होने पर जलस्तर बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि दोनों राज्य सरकारें अलर्ट मोड में हैं और बाढ़ से पहले जान-माल की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं।
एमपीएससी पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द किए जाने पर निरुपम ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। उनके अनुसार, इस समस्या के पीछे अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय आपराधिक नेटवर्क है और अलग-अलग राज्य सरकारों के बीच समन्वय बनाकर ऐसे माफिया को खत्म करना ज़रूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे सामान्य परिवारों के युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं — पेपर लीक उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कोचिंग और करियर गाइडेंस के नाम पर परीक्षा प्रणाली को नुकसान पहुंचाने वाले संस्थानों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
मराठी प्रशिक्षण और ऑटो चालकों का मुद्दा
गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सीखने के लिए दिए जा रहे प्रशिक्षण और इस पर दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर निरुपम ने कहा कि जो चालक मराठी सीख चुके हैं उनका स्वागत है, और जो अभी नहीं सीख पाए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी चालक का लाइसेंस रद्द करना, परमिट जब्त करना या बैज छीनना उचित नहीं होगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी ज़रूरत के अनुसार समय देने की बात कही है।
समय रैना सम्मान और 'वंदे मातरम' विवाद
साइबर सुरक्षा से जुड़े एक कार्यक्रम में कॉमेडियन समय रैना को सम्मानित किए जाने पर उठे सवालों पर निरुपम ने कहा कि उन्हें कार्यक्रम की पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री को बढ़ावा देना गलत है और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कोई अच्छा काम करता है तो सरकार उसे प्रोत्साहित कर सकती है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 'वंदे मातरम' के केवल दो छंद गाने संबंधी बयान पर निरुपम ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत है जिसे संसद द्वारा कानूनी दर्जा प्राप्त है और संसद ने इसके सभी छह छंद गाने के लिए कानून बनाया है। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, सरकार या मुख्यमंत्री केवल दो छंद गाने पर जोर देता है तो यह संसद द्वारा बनाए गए कानून का उल्लंघन होगा। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से अपील की कि 'वंदे मातरम' स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ा गीत है और हजारों-लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे गाते हुए आज़ादी की लड़ाई लड़ी — इसके सम्मान और कानूनी प्रावधानों का पालन होना चाहिए।
गौरतलब है कि नेपाल में बाढ़ की यह त्रासदी ऐसे समय में आई है जब दक्षिण एशिया में मानसून की तीव्रता को लेकर विशेषज्ञ पहले से चेतावनी दे रहे थे। आने वाले दिनों में राहत और बचाव कार्यों की गति और भारत-नेपाल के बीच समन्वय पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।