तेलंगाना: सूर्यापेट में डिवाइडर से टकराई कार में लगी आग, न्यूरोसर्जन डॉक्टर जगदीश की जलकर मौत
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में रविवार, 20 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क हादसे में न्यूरोसर्जन डॉक्टर जगदीश की जलकर मौत हो गई, जब उनकी कार हैदराबाद-खम्मम हाईवे पर सड़क के डिवाइडर से टकराने के बाद आग की लपटों में घिर गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फोरेंसिक टीम ने मौके से जले हुए अवशेष इकट्ठा किए हैं।
हादसे का घटनाक्रम
यह हादसा हैदराबाद-खम्मम हाईवे पर पिल्लालमरी के निकट उस वक्त हुआ जब डॉ. जगदीश खम्मम की दिशा में जा रहे थे। पुलिस के अनुसार, उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई, जिसके तुरंत बाद वाहन में भीषण आग लग गई।
पूरा वाहन देखते ही देखते आग की चपेट में आ गया और डॉ. जगदीश अंदर ही फँसे रह गए। राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, परंतु फायर ब्रिगेड के घटनास्थल पर पहुँचने से पहले ही गाड़ी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
मृतक की पहचान
पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मृतक की शिनाख्त न्यूरोसर्जन डॉक्टर जगदीश के रूप में की। वे खम्मम के ममता अस्पताल में कार्यरत थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुँचे।
फोरेंसिक टीम को बुलाया गया जिसने जले हुए अवशेषों को सावधानीपूर्वक इकट्ठा कर सुरक्षित कर लिया है। आगे की जाँच जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना पर तेलंगाना के पूर्व मंत्री और खम्मम से पूर्व विधायक पुव्वाडा अजय कुमार ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतक डॉक्टर के परिवार के प्रति संवेदनाएँ प्रकट कीं।
हैदराबाद में एक और दुर्घटना: तीन साल के बच्चे की मौत
इसी दौरान, हैदराबाद के संतोषनगर स्थित आईएस सदन के पास शनिवार रात एक और दर्दनाक हादसे में तीन वर्षीय बच्चे इजहानुद्दीन की एक कार की चपेट में आने से मौत हो गई। बच्चा अपने पिता मोहिउद्दीन के साथ एक होटल आया था। जब पिता खाने का पार्सल लेने में व्यस्त थे, बच्चा बाहर निकलकर सड़क पर आ गया।
एक तेज़ रफ़्तार कार ने बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। नज़दीकी अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
आगे की जाँच
दोनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकियाँ दर्ज की हैं। सूर्यापेट हादसे में फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना के कारणों की जाँच की जा रही है, जबकि हैदराबाद मामले में फरार चालक की तलाश जारी है। इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर तेलंगाना की सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।