प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: एनआईए ने कोच्चि से उम्मर फारूक को दबोचा, गिरफ्तारियों की संख्या 25 हुई
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 6 अगस्त को की गई इस गिरफ्तारी के साथ इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 25 हो गई है। आरोपी को केरल के कोच्चि से एक विशेष खुफिया अभियान के तहत हिरासत में लिया गया।
कौन है उम्मर फारूक
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उम्मर फारूक एमआर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। एनआईए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी थी। इसके अलावा एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹4 लाख के इनाम की घोषणा भी की थी। एनआईए इस मामले में उम्मर फारूक के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
साजिश में क्या था उम्मर फारूक का रोल
जाँच में सामने आया है कि उम्मर फारूक ने सुल्लिया शहर में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर में हत्या की साजिश वाली बैठक में हिस्सा लिया था। इसके अलावा उसने एक अन्य आरोपी को बेलारे गाँव में संभावित निशाना पहचानने और रेकी करने के लिए अपनी मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी। एनआईए के अनुसार, उस पर मामले के एक सुरक्षित गवाह को नुकसान पहुँचाने की कोशिश में शामिल होने का भी गंभीर आरोप है।
हालिया गिरफ्तारियों का क्रम
यह गिरफ्तारी जुलाई में हुई दो अन्य कार्रवाइयों के बाद की गई है। एनआईए ने अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर को कोच्चि से और नौशाद को तमिलनाडु के होसुर से पकड़ा था। वह कार्रवाई आंध्र प्रदेश पुलिस से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। इन लगातार गिरफ्तारियों से स्पष्ट है कि एनआईए इस नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से तोड़ रही है।
प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड की पृष्ठभूमि
दक्षिण कन्नड़ जिले के स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या 26 जुलाई 2022 को हुई थी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में व्यापक आक्रोश फैल गया था। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच एनआईए को सौंप दी। जाँच में खुलासा हुआ कि यह हत्या पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
आगे क्या होगा
एनआईए के अनुसार, इस मामले में अभी भी दो आरोपी फरार हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि शेष फरार आरोपियों को पकड़ने और जाँच को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के प्रयास पूरी तेज़ी के साथ जारी हैं। यह मामला आतंकवाद-निरोधक कानूनों के तहत दर्ज है और एनआईए की विशेष अदालत में विचाराधीन है।