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प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: एनआईए ने कोच्चि से उम्मर फारूक को दबोचा, गिरफ्तारियों की संख्या 25 हुई

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प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड: एनआईए ने कोच्चि से उम्मर फारूक को दबोचा, गिरफ्तारियों की संख्या 25 हुई

सारांश

प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एनआईए ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है — कोच्चि से उम्मर फारूक की गिरफ्तारी के साथ अब 25 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पीएफआई की साजिश वाली बैठक में शामिल रहे इस आरोपी पर गवाह को नुकसान पहुँचाने का भी आरोप है। दो आरोपी अभी भी फरार हैं।

मुख्य बातें

एनआईए ने 6 अगस्त को उम्मर फारूक एमआर को केरल के कोच्चि से गिरफ्तार किया।
इस गिरफ्तारी के साथ प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 25 हो गई।
उम्मर फारूक पर सुल्लिया में पीएफआई दफ्तर में साजिश की बैठक में शामिल होने और बेलारे गाँव में रेकी के लिए मोटरसाइकिल देने का आरोप है।
एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹4 लाख का इनाम घोषित किया था; उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी थे।
मामले में अभी भी 2 आरोपी फरार हैं; एनआईए ने जाँच जारी रखने की बात कही है।
प्रवीण नेट्टारू की हत्या 26 जुलाई 2022 को दक्षिण कन्नड़ में हुई थी; जाँच में पीएफआई की सुनियोजित साजिश सामने आई।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 6 अगस्त को की गई इस गिरफ्तारी के साथ इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 25 हो गई है। आरोपी को केरल के कोच्चि से एक विशेष खुफिया अभियान के तहत हिरासत में लिया गया।

कौन है उम्मर फारूक

गिरफ्तार आरोपी की पहचान उम्मर फारूक एमआर के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। एनआईए उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी थी। इसके अलावा एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹4 लाख के इनाम की घोषणा भी की थी। एनआईए इस मामले में उम्मर फारूक के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।

साजिश में क्या था उम्मर फारूक का रोल

जाँच में सामने आया है कि उम्मर फारूक ने सुल्लिया शहर में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर में हत्या की साजिश वाली बैठक में हिस्सा लिया था। इसके अलावा उसने एक अन्य आरोपी को बेलारे गाँव में संभावित निशाना पहचानने और रेकी करने के लिए अपनी मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई थी। एनआईए के अनुसार, उस पर मामले के एक सुरक्षित गवाह को नुकसान पहुँचाने की कोशिश में शामिल होने का भी गंभीर आरोप है।

हालिया गिरफ्तारियों का क्रम

यह गिरफ्तारी जुलाई में हुई दो अन्य कार्रवाइयों के बाद की गई है। एनआईए ने अब्दुल नासिर पी. उर्फ नासिर को कोच्चि से और नौशाद को तमिलनाडु के होसुर से पकड़ा था। वह कार्रवाई आंध्र प्रदेश पुलिस से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। इन लगातार गिरफ्तारियों से स्पष्ट है कि एनआईए इस नेटवर्क को व्यवस्थित रूप से तोड़ रही है।

प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड की पृष्ठभूमि

दक्षिण कन्नड़ जिले के स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या 26 जुलाई 2022 को हुई थी। इस वारदात के बाद पूरे इलाके में व्यापक आक्रोश फैल गया था। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच एनआईए को सौंप दी। जाँच में खुलासा हुआ कि यह हत्या पीएफआई कार्यकर्ताओं द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।

आगे क्या होगा

एनआईए के अनुसार, इस मामले में अभी भी दो आरोपी फरार हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि शेष फरार आरोपियों को पकड़ने और जाँच को तार्किक अंजाम तक पहुँचाने के प्रयास पूरी तेज़ी के साथ जारी हैं। यह मामला आतंकवाद-निरोधक कानूनों के तहत दर्ज है और एनआईए की विशेष अदालत में विचाराधीन है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अदालत में होगी — जहाँ साजिश की कड़ियाँ साक्ष्य के रूप में टिकनी चाहिए। उम्मर फारूक पर गवाह को नुकसान पहुँचाने के आरोप इस बात का संकेत हैं कि अभियोजन पक्ष को गवाह-सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करना होगा। यह भी उल्लेखनीय है कि पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद भी उसके कथित नेटवर्क के सदस्य वर्षों तक फरार रहे — जो खुफिया एजेंसियों के समन्वय पर सवाल खड़े करता है। दो आरोपियों का अभी भी फरार होना यह याद दिलाता है कि मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रवीण नेट्टारू कौन थे और उनकी हत्या कब हुई?
प्रवीण नेट्टारू दक्षिण कन्नड़ जिले के स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता थे। उनकी हत्या 26 जुलाई 2022 को हुई थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जाँच एनआईए को सौंप दी। जाँच में सामने आया कि यह हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी।
उम्मर फारूक एमआर को कहाँ से और कैसे गिरफ्तार किया गया?
उम्मर फारूक एमआर को केरल के कोच्चि से खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक विशेष अभियान में गिरफ्तार किया गया। वह लंबे समय से फरार था और एनआईए ने उसकी गिरफ्तारी पर ₹4 लाख के इनाम की घोषणा की थी। उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और गैर-जमानती वारंट भी जारी थे।
उम्मर फारूक पर इस हत्याकांड में क्या-क्या आरोप हैं?
एनआईए की जाँच के अनुसार, उम्मर फारूक ने सुल्लिया में पीएफआई दफ्तर में हत्या की साजिश वाली बैठक में हिस्सा लिया था। उसने एक अन्य आरोपी को बेलारे गाँव में रेकी के लिए अपनी मोटरसाइकिल दी थी। इसके अलावा उस पर मामले के एक सुरक्षित गवाह को नुकसान पहुँचाने की कोशिश में शामिल होने का भी आरोप है।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी पकड़े जा चुके हैं और कितने फरार हैं?
उम्मर फारूक की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में कुल 25 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। एनआईए के अनुसार अभी भी 2 आरोपी फरार हैं और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
प्रवीण नेट्टारू हत्याकांड की जाँच एनआईए को क्यों सौंपी गई?
मामले की गंभीरता और उसके राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने जाँच एनआईए को सौंपी। जाँच में सामने आया कि हत्या प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कार्यकर्ताओं की सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जो इसे आतंकवाद-निरोधक कानूनों के दायरे में लाती है।
राष्ट्र प्रेस
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