23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

केरल श्रीनिवासन हत्याकांड: NIA ने IGI एयरपोर्ट पर पकड़ा PFI का पलक्कड़ जिला अध्यक्ष, 4 साल बाद सऊदी से लौटा था आरोपी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
केरल श्रीनिवासन हत्याकांड: NIA ने IGI एयरपोर्ट पर पकड़ा PFI का पलक्कड़ जिला अध्यक्ष, 4 साल बाद सऊदी से लौटा था आरोपी

सारांश

चार साल तक सऊदी अरब में छिपे PFI के पलक्कड़ जिला अध्यक्ष मुहम्मदअली के.पी. को NIA ने IGI एयरपोर्ट पर उतरते ही दबोच लिया। केरल के श्रीनिवासन हत्याकांड में यह 67वीं गिरफ्तारी है — और इंटरपोल नेटवर्क की एक बड़ी जीत।

मुख्य बातें

NIA ने 23 जुलाई 2026 को मुहम्मदअली के.पी.
को IGI हवाई अड्डे, नई दिल्ली से गिरफ्तार किया।
आरोपी PFI का पलक्कड़ जिला अध्यक्ष था और 4 वर्षों से सऊदी अरब में फरार था।
उस पर 16 अप्रैल 2022 को हुई श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने और हमलावरों को शरण देने का आरोप है।
इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या अब 67 हो गई है; 65 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल।
NIA ने गिरफ्तारी के लिए ₹3 लाख का इनाम और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।
आरोपी पर IPC और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 23 जुलाई 2026 को केरल के चर्चित श्रीनिवासन हत्याकांड में एक और बड़ी सफलता हासिल की — प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के फरार आरोपी मुहम्मदअली के.पी. को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी सऊदी अरब के रियाद से स्वदेश लौट रहा था और पिछले चार वर्षों से वहाँ छिपा हुआ था।

कौन है मुहम्मदअली के.पी.?

मुहम्मदअली के.पी. केरल के पलक्कड़ जिले का निवासी है और PFI का पलक्कड़ जिला अध्यक्ष रह चुका है। NIA की जांच के अनुसार, वह 16 अप्रैल 2022 को हुई श्रीनिवासन की हत्या की साजिश रचने में प्रमुख भूमिका में था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने हत्या में शामिल हमलावरों को शरण दी थी।

उसकी गिरफ्तारी के लिए NIA ने ₹3 लाख का इनाम घोषित किया था और इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था। गुरुवार की सुबह IGI हवाई अड्डे पर उतरते ही उसे हिरासत में ले लिया गया।

मामले में अब तक की कार्रवाई

इस गिरफ्तारी के साथ ही श्रीनिवासन हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 67 हो गई है। NIA अब तक इस मामले में 65 आरोपियों के विरुद्ध आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है। मुहम्मदअली के.पी. पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है।

NIA ने सितंबर 2022 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। यह ऐसे समय में आया है जब एजेंसी देश भर में PFI के नेटवर्क को व्यवस्थित तरीके से ध्वस्त करने में जुटी है।

PFI की कथित व्यापक साजिश

NIA की जांच के अनुसार, श्रीनिवासन की हत्या PFI की उस व्यापक कथित साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य देश में आतंक का माहौल बनाना और वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामी शासन स्थापित करना था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी हिंसक उग्रवाद और जिहाद के ज़रिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की योजना बना रहे थे।

जांच एजेंसी के अनुसार, PFI अपने विभिन्न विंग और इकाइयों के माध्यम से इस कथित साजिश को अंजाम देता था। संगठन के कार्यालयों और परिसरों का उपयोग चुनिंदा सदस्यों को शारीरिक शिक्षा व योग प्रशिक्षण की आड़ में हथियारों की ट्रेनिंग देने के लिए किया जाता था।

संगठन का ढाँचा और कार्यप्रणाली

NIA के अनुसार, PFI का 'रिपोर्टर्स विंग' संभावित लक्ष्यों की सूचना जुटाने का काम करता था, जबकि 'सर्विस टीम' कथित तौर पर हिंसक वारदातों को अंजाम देती थी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने PFI पर 2022 में ही प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन एजेंसी के अनुसार इसके कुछ सदस्य अब भी भूमिगत रूप से सक्रिय हैं।

आगे क्या होगा

NIA ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी जारी है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश भी चल रही है। मुहम्मदअली के.पी. को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह गिरफ्तारी इंटरपोल नेटवर्क और हवाई अड्डा निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठाती है कि एक प्रतिबंधित संगठन का जिला-स्तरीय पदाधिकारी चार साल तक विदेश में बेरोकटोक कैसे रह सका। इंटरपोल नोटिस के बावजूद इतने लंबे समय तक गिरफ्तारी न हो पाना प्रत्यर्पण तंत्र की सीमाओं को उजागर करता है। 67 गिरफ्तारियाँ और 65 आरोपत्र प्रभावशाली आँकड़े हैं, पर असली कसौटी यह होगी कि अदालत में दोषसिद्धि दर क्या रहती है — क्योंकि UAPA मामलों में ट्रायल की धीमी गति ऐतिहासिक रूप से न्याय में देरी का कारण बनती रही है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रीनिवासन हत्याकांड क्या है और इसमें NIA क्यों जांच कर रही है?
श्रीनिवासन की हत्या 16 अप्रैल 2022 को केरल में हुई थी, जिसे NIA ने प्रतिबंधित PFI की व्यापक कथित साजिश का हिस्सा माना। NIA ने सितंबर 2022 में यह मामला अपने हाथ में लिया क्योंकि जांच में राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े पहलू सामने आए।
मुहम्मदअली के.पी. को कहाँ और कैसे गिरफ्तार किया गया?
मुहम्मदअली के.पी. को 23 जुलाई 2026 की सुबह नई दिल्ली के IGI हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया, जब वह सऊदी अरब के रियाद से भारत लौट रहा था। वह पिछले चार वर्षों से रियाद में छिपा हुआ था।
इस मामले में NIA ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
NIA ने इस मामले में अब तक 67 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 65 के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। मुहम्मदअली की गिरफ्तारी के लिए ₹3 लाख का इनाम और इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।
PFI पर क्या-क्या आरोप हैं और उस पर प्रतिबंध कब लगा?
केंद्र सरकार ने 2022 में PFI पर प्रतिबंध लगाया था। NIA के अनुसार, संगठन पर देश में आतंक फैलाने, 2047 तक इस्लामी शासन स्थापित करने की साजिश और हथियार प्रशिक्षण देने के आरोप हैं।
मुहम्मदअली के.पी. पर कौन-सी धाराओं के तहत मामला दर्ज है?
उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। NIA के अनुसार जांच अभी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 1 साल पहले