17 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एनआईए की तीसरी चार्जशीट: अंतरराष्ट्रीय हथियार-ड्रग तस्करी में दो नए आरोपी नामजद, UAPA की धाराएं बढ़ाईं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एनआईए की तीसरी चार्जशीट: अंतरराष्ट्रीय हथियार-ड्रग तस्करी में दो नए आरोपी नामजद, UAPA की धाराएं बढ़ाईं

सारांश

एनआईए ने अंतरराष्ट्रीय हथियार-ड्रग तस्करी मामले में तीसरी चार्जशीट दाखिल कर दो नए आरोपियों को नामजद किया। जांच में खुलासा हुआ कि ड्रोन से हथियार और हेरोइन की खेप गिराई जाती थी और एन्क्रिप्टेड चैनलों से नेटवर्क संचालित होता था — यह सीमा पार आतंकी-तस्करी गठजोड़ की गंभीर तस्वीर पेश करता है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 17 अक्टूबर 2026 को जयपुर की विशेष अदालत में अंतरराष्ट्रीय हथियार-ड्रग तस्करी मामले में तीसरी चार्जशीट दाखिल की।
जुलाई 2026 में गिरफ्तार सत्यनारायण मेघवाल और साहिल गोदारा को नई चार्जशीट में नामजद किया गया।
पहले चार्जशीट छह आरोपियों पर यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं लगाई गई हैं।
जांच के अनुसार, ड्रोन के जरिए राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में अवैध हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन वितरित की जाती थी।
नेटवर्क ने एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग कर जांच एजेंसियों को चकमा देने की कोशिश की।
एनआईए ने पहले 14 अगस्त 2025 और 5 फरवरी 2026 को दो चार्जशीट दाखिल की थीं; जांच जारी है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अंतरराष्ट्रीय हथियार और मादक पदार्थ तस्करी मामले में 17 अक्टूबर 2026 को जयपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में तीसरी चार्जशीट दाखिल की। इसमें जुलाई 2026 में गिरफ्तार दो नए आरोपियों — सत्यनारायण मेघवाल (पुत्र अमी लाल) और साहिल गोदारा (पुत्र विजय सिंह) — को नामजद किया गया है। इसके साथ ही पहले चार्जशीट किए जा चुके छह आरोपियों के विरुद्ध गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम — यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

आरोपियों पर लगाई गई धाराएं

एनआईए के अनुसार, दोनों नए आरोपियों पर यूएपीए, शस्त्र अधिनियम, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। यह मामला उत्तर भारत में कथित तौर पर सक्रिय एक संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़ा है जिसके सीमा पार संपर्क होने की बात जांच में सामने आई है।

गौरतलब है कि एनआईए ने इस मामले में इससे पहले 14 अगस्त 2025 को पहली और 5 फरवरी 2026 को दूसरी चार्जशीट दाखिल की थी। यह तीसरी चार्जशीट जांच के विस्तार और नेटवर्क की गहराई को उजागर करती है।

तस्करी का तरीका: ड्रोन और एन्क्रिप्टेड संचार

जांच के अनुसार, सीमा पार मौजूद नेटवर्क के सहयोगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास ड्रोन के जरिए विदेश में निर्मित अवैध हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन की खेप गिराते थे। भारतीय क्षेत्र में मौजूद सह-आरोपी और नेटवर्क के अन्य सदस्य इन खेपों को उठाकर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में वितरित करते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क अपने कामकाज के समन्वय, रसद व्यवस्था और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नज़र से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग करता था। यह रणनीति ऐसे कई सीमा पार तस्करी नेटवर्क की पहचान बन चुकी है, जो डिजिटल सुरक्षा का फायदा उठाते हैं।

युवाओं को निशाना बनाने की कथित मंशा

एनआईए की जांच के मुताबिक, यह नेटवर्क मादक और मन:प्रभावी पदार्थों के वितरण के जरिए कथित तौर पर युवाओं को निशाना बना रहा था। एजेंसी के अनुसार, इसके पीछे युवाओं में नशे की लत को बढ़ावा देने, उनका शोषण करने और भारत के प्रति असंतोष पैदा करने के उद्देश्य थे।

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब और राजस्थान में ड्रोन के जरिए सीमा पार तस्करी की घटनाओं में वृद्धि को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ पहले से ही सतर्क हैं।

आगे की जांच और एनआईए की कार्रवाई

एनआईए ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जांच अभी जारी है। एजेंसी शेष संदिग्धों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने, तस्करी नेटवर्क के व्यापक संपर्कों का पता लगाने और कथित आपराधिक गतिविधियों के पूरे दायरे को स्थापित करने में जुटी है।

यह मामला भारत-पाकिस्तान सीमा पर ड्रोन आधारित तस्करी के खिलाफ एनआईए की बढ़ती आक्रामक जांच का हिस्सा है। भविष्य में और गिरफ्तारियां और चार्जशीट संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एन्क्रिप्टेड संचार और बहुराज्यीय वितरण तंत्र का उपयोग करता है। चिंता की बात यह है कि इस मामले में पहली चार्जशीट अगस्त 2025 में दाखिल हुई थी, फिर भी नेटवर्क के नए सदस्य जुलाई 2026 तक सक्रिय रहे — यह सीमा सुरक्षा और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़ा करता है। यूएपीए की धाराओं का विस्तार इस बात का संकेत है कि जांचकर्ता इसे महज तस्करी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे के रूप में देख रहे हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनआईए ने इस मामले में तीसरी चार्जशीट क्यों दाखिल की?
एनआईए ने जुलाई 2026 में गिरफ्तार दो नए आरोपियों — सत्यनारायण मेघवाल और साहिल गोदारा — को औपचारिक रूप से अभियोजन में शामिल करने और पहले आरोपित छह व्यक्तियों पर यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं जोड़ने के लिए तीसरी चार्जशीट दाखिल की। जांच के दायरे के विस्तार के साथ चार्जशीट का यह सिलसिला जारी है।
इस तस्करी नेटवर्क का संचालन कैसे होता था?
जांच के अनुसार, सीमा पार सहयोगी ड्रोन के जरिए अवैध हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन भारतीय सीमा क्षेत्र में गिराते थे। इसके बाद नेटवर्क के भारतीय सदस्य इन खेपों को राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में वितरित करते थे। एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का उपयोग कर नेटवर्क कानून प्रवर्तन से बचता था।
इस मामले में अब तक कितनी चार्जशीट दाखिल हो चुकी हैं?
एनआईए ने इस मामले में तीन चार्जशीट दाखिल की हैं — पहली 14 अगस्त 2025 को, दूसरी 5 फरवरी 2026 को और तीसरी 17 अक्टूबर 2026 को। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
नए आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए), शस्त्र अधिनियम, स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। पहले के छह आरोपियों पर यूएपीए की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
इस नेटवर्क का युवाओं पर क्या असर पड़ने की आशंका थी?
एनआईए के अनुसार, नेटवर्क कथित तौर पर मादक पदार्थों के वितरण के जरिए युवाओं को निशाना बना रहा था — नशे की लत बढ़ाने, उनका शोषण करने और भारत के प्रति असंतोष फैलाने की मंशा से। यह तस्करी को केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि रणनीतिक खतरे के रूप में चिह्नित करता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले